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UP: मुस्लिम वोटर्स को साधने के लिए बसपा का बड़ा दांव, मुजाहिद के बाद इरफान को यहां से टिकट; बिगाड़ा सबका गणित
Mon, 11 Mar 2024 01:05 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 11 Mar 2024 01:05 PM IST
सार
बहुजन समाज पार्टी ने मुस्लिम मतदाताओं को साधने की कोशिश की है। अमरोहा सीट पर मुजाहिद के बाद मुरादाबाद सीट इरफान सैफी पर दांव लगाया है।
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lok sabha election
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमरोहा से डॉ. मुजाहिद हुसैन को प्रत्याशी बनाने के बाद बसपा ने मुरादाबाद सीट से इरफान सैफी पर दांव लगाया है। इसके जरिए बसपा मंडल में मुस्लिमों मतदाताओं को साधने की तैयारी में है। सुरक्षित सीट नगीना को छोड़कर मंडल बाकी तीन सीटों पर भी मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की तैयारी है।
ठाकुरद्वारा निवासी इरफान सैफी राईस मिल का संचालन करते हैं। उन्होंने 2012 में राजनीति में कदम रखा। तब उन्होंने नगर पालिका ठाकुरद्वारा के अध्यक्ष पद का पहला चुनाव वर्ष 2012 में निर्दलीय ही लड़ा था। इस चुनाव में इरफान सैफी को सफलता नहीं मिली थी।
इसके बाद 2015 में ठाकुरद्वारा नगर पालिका पर अध्यक्ष के लिए उप चुनाव हुआ था। इस चुनाव में ही इरफान निर्दलीय के तौर पर उम्मीदवार बने लेकिन जीत नहीं पाए थे। तीसरा चुनाव 2018 में भी हार गए थे। 2023 में इरफान सैफी फिर से निर्दलीय ही नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे और इस चुनाव में उन्हें सफलता मिल गई।
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उन्हें करीब नौ हजार वोट मिले थे। तब सपा उम्मीदवार इरफान अंसारी को 1072 वोटों के अंतर से हरा दिया था। कुछ दिन पहले ही ही इरफान ने बसपा की सदस्यता ग्रहण की। बसपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
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ठाकुरद्वारा निवासी इरफान सैफी राईस मिल का संचालन करते हैं। उन्होंने 2012 में राजनीति में कदम रखा। तब उन्होंने नगर पालिका ठाकुरद्वारा के अध्यक्ष पद का पहला चुनाव वर्ष 2012 में निर्दलीय ही लड़ा था। इस चुनाव में इरफान सैफी को सफलता नहीं मिली थी।
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इसके बाद 2015 में ठाकुरद्वारा नगर पालिका पर अध्यक्ष के लिए उप चुनाव हुआ था। इस चुनाव में ही इरफान निर्दलीय के तौर पर उम्मीदवार बने लेकिन जीत नहीं पाए थे। तीसरा चुनाव 2018 में भी हार गए थे। 2023 में इरफान सैफी फिर से निर्दलीय ही नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे और इस चुनाव में उन्हें सफलता मिल गई।
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उन्हें करीब नौ हजार वोट मिले थे। तब सपा उम्मीदवार इरफान अंसारी को 1072 वोटों के अंतर से हरा दिया था। कुछ दिन पहले ही ही इरफान ने बसपा की सदस्यता ग्रहण की। बसपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
दलित मुस्लिम बनेंगे मेरी जीत का आधार
बसपा के घोषित प्रत्याशी इरफान सैफी का कहना है कि बसपा सर्वसमाज की पार्टी है। मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र में करीब 21 लाख मतदाता हैं। जिनमें साढे तीन लाख दलित और 9 लाख मुस्लिम मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में उन्हें हर समाज का वोट मिलेगा, लेकिन उनकी जीत का आधार दलित और मुस्लिम मतदाता ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव लड़ने का मेरा मकसद क्षेत्र का विकास करना है।
बसपा के घोषित प्रत्याशी इरफान सैफी का कहना है कि बसपा सर्वसमाज की पार्टी है। मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र में करीब 21 लाख मतदाता हैं। जिनमें साढे तीन लाख दलित और 9 लाख मुस्लिम मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में उन्हें हर समाज का वोट मिलेगा, लेकिन उनकी जीत का आधार दलित और मुस्लिम मतदाता ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव लड़ने का मेरा मकसद क्षेत्र का विकास करना है।
समर्थकों ने किया स्वागत
ठाकुरद्वारा पालिका अध्यक्ष इरफान सैफी के प्रत्याशी घोषित किए जाने पर उनके समर्थकों और बसपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान बसपा के जिला सचिव डॉक्टर रामपाल सिंह गौतम चेतन अर्जुन चेतन फैसल सैफी आदि मौजूद रहे।
ठाकुरद्वारा पालिका अध्यक्ष इरफान सैफी के प्रत्याशी घोषित किए जाने पर उनके समर्थकों और बसपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान बसपा के जिला सचिव डॉक्टर रामपाल सिंह गौतम चेतन अर्जुन चेतन फैसल सैफी आदि मौजूद रहे।
चाचा 17 साल रह चुके हैं अध्यक्ष
ठाकुरद्वारा नगर पालिका की बागडोर इरफान सैफी के परिवार के पास पहले भी रह चुकी है। इरफान सैफी ने बताया कि उनके चाचा अब्दुल कदीर भी ठाकुरद्वारा नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। चाचा करीब 17 साल अध्यक्ष रहे हैं।
ठाकुरद्वारा नगर पालिका की बागडोर इरफान सैफी के परिवार के पास पहले भी रह चुकी है। इरफान सैफी ने बताया कि उनके चाचा अब्दुल कदीर भी ठाकुरद्वारा नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। चाचा करीब 17 साल अध्यक्ष रहे हैं।
हमारा गठबंधन सिर्फ सामाजिक भाईचारे से है। दूसरी पार्टियों के नेता आपको गुमराह करने की कोशिश करेंगे। किसी के बहकावे नहीं आना है। दलित मुस्लिम के साथ ही अन्य वर्गों के लोग भी बसपा के साथ जुड़ रहे हैं।
बसपा ही भाजपा को टक्कर दे सकती है। सभी कार्यकर्ता चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं। हर एक वोटर तक पहुंचें और बसपा की नीति और बसपा शासन काल में उत्तर प्रदेश में कराए गए विकास कार्यों और शुरू की गईं जनहित योजनाओं के बारे में बताएं।
बातें रविवार को बसपा के पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रभारी शमसुद्दीन राइनी ने पाकबड़ा स्थित मंडल कार्यालय में आयोजित बैठक में कहीं।उन्होंने कहा कि मुरादाबाद मंडल में अमरोहा और मुरादाबाद की लोकसभा सीटों पर किया जा चुके है। जल्द ही अन्य सीटों के प्रत्याशी भी घोषित कर दिए जाएंगे। जमीन और जनता से जुड़े कार्यकर्ता ही प्रत्याशी बनाएं जा रहे हैं।
नगीना के सांसद गिरीश चंद्र ने कहा कि एक एक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि बसपा को मजबूत करे। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ें। इस बार बसपा दलित और मुस्लिम गठजोड़ से भाजपा को सत्ता से हटा देगी।