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कथा को सुनने से होती है ज्ञान की प्राप्ति : स्वामी सागरानंद
Sun, 30 Aug 2026 02:34 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sun, 30 Aug 2026 02:34 AM IST
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कांठ। भगवान श्री कृष्ण एवं भगवान श्री जम्भेश्वर जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में शनिवार से नगर के मोहल्ला विशनपुरा स्थित श्री विश्नोई मंदिर में सात दिवसीय श्री जाम्भाणी हरिकथा ज्ञान यज्ञ की शुरूआत की गई। प्रथम दिन यज्ञ के उपरांत कथा में हरिद्वार से आए कथावाचक संत स्वामी सागरानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा का महत्व बताया।
कथा के शुभारंभ पर सर्वप्रथम यज्ञ किया गया, जिसमें संतों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डाला। कथा से पूर्व दीप जलाकर करते हुए श्री कृष्ण एवं भगवान श्री जम्भेश्वर जी के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया। विश्नोई समाज के लोगों ने कथा में पहुंचे संतों को फूलमालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद कथावाचक संत स्वामी सागरानंद जी महाराज ने विस्तार से श्रद्धालुओं को कथा का सार बताया। कहा कि कथा के सुनने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। इसलिए जहां पर भी कथा हो रही हो, वहां अवश्य ही समय निकालकर जाना चाहिए। अंत में आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। संत स्वामी चमन ऋषि महाराज, स्वामी जगदेवानंद महाराज, स्वामी ऋषिदानंद महाराज, विष्णुदास विश्नोई, अशोक कुमार विश्नोई, नीरज विश्नोई एनवाईसी, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप विश्नोई आदि सहित महिला श्रद्धालुओं ने भी कथा सुनकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
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कथा के शुभारंभ पर सर्वप्रथम यज्ञ किया गया, जिसमें संतों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डाला। कथा से पूर्व दीप जलाकर करते हुए श्री कृष्ण एवं भगवान श्री जम्भेश्वर जी के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया। विश्नोई समाज के लोगों ने कथा में पहुंचे संतों को फूलमालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद कथावाचक संत स्वामी सागरानंद जी महाराज ने विस्तार से श्रद्धालुओं को कथा का सार बताया। कहा कि कथा के सुनने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। इसलिए जहां पर भी कथा हो रही हो, वहां अवश्य ही समय निकालकर जाना चाहिए। अंत में आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। संत स्वामी चमन ऋषि महाराज, स्वामी जगदेवानंद महाराज, स्वामी ऋषिदानंद महाराज, विष्णुदास विश्नोई, अशोक कुमार विश्नोई, नीरज विश्नोई एनवाईसी, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप विश्नोई आदि सहित महिला श्रद्धालुओं ने भी कथा सुनकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
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