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हिचकोले खाती नाव पर खतरे में जिंदगी
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हेडिंग : हिचकोले खाती नाव पर खतरे में जिंदगी
क्रासर : नाव में चढ़ते, उतरते बच्चे बन जाते है खतरों के खिलाड़ी
भोलानाथ, महाशिव कॉलोनियों में जलभराव के बाद नाव का ही सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। भोलानाथ कॉलोनी में हिचकोले खाती नाव में सवार मासूम बच्चों को सूखी जमीन तक पहुंचने के लिए खतरों के खिलाड़ी बनना पड़ रहा है। मंगलवार को बच्चों से लदी नाव जैसे ही सूखी जमीन पर लगी। कुछ मासूम बच्चे उतरने के दौरान पानी में गिर पड़े। एक मासूम बच्ची को चोट भी लगी। जल्दबाजी में कूदे इन बच्चों के लिए सूखी जमीन तक पहुंचना ही शायद सबसे बड़ी जीत थी। यही वजह थी कि बिना किसी शिकायत सभी वहां से चले गए।
भोलानाथ कॉलोनी के गंदे पानी से घिरने के बाद घरों से सड़क तक आने के लिए एकमात्र सहारा अब नाव ही है। चौतरफा पानी से घिरे परिवारों के बच्चों के लिए हिचकोले खाती नाव खतरनाक भी है। मंगलवार को हिचकोले खाती नाव से मासूम बच्चे सड़क तक आने में कूदे तो एक बच्ची पानी में गिर पड़ी। जबकि एक अन्य बच्ची के पैर में चोट लग गई। नाविक के मुताबिक लोगों को नाव में चढ़ने और उतरने की आदत नहीं है। जल्दबाजी में ऐसे हादसे होते हैं।
बच्चों के पानी में गिरने से होते रहें हैं हादसे
लोगों ने बताया कि पिछली बारिश के सीजन में जयंतीपुर और महाशिव कॉलोनी में बच्चों के पानी में गिरने की घटनाएं भी हुई थी। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ था। लोग किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत भी है।
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बादल उमड़ते देख दहशत होती है..
आसमान में उमड़ते बादल भले ही लोगों को सुकून देते हो, लेकिन भोलानाथ कॉलोनी समेत आस-पास की कॉलोनियों के लोगों को डरा देते है। नाला उफनाने के बाद पानी कॉलोनियों में भरने के बाद घरों तक पहुंचने की आशंका से ही लोग दहशत में हैं।
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हेडिंग : हिचकोले खाती नाव पर खतरे में जिंदगी
क्रासर : नाव में चढ़ते, उतरते बच्चे बन जाते है खतरों के खिलाड़ी
भोलानाथ, महाशिव कॉलोनियों में जलभराव के बाद नाव का ही सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। भोलानाथ कॉलोनी में हिचकोले खाती नाव में सवार मासूम बच्चों को सूखी जमीन तक पहुंचने के लिए खतरों के खिलाड़ी बनना पड़ रहा है। मंगलवार को बच्चों से लदी नाव जैसे ही सूखी जमीन पर लगी। कुछ मासूम बच्चे उतरने के दौरान पानी में गिर पड़े। एक मासूम बच्ची को चोट भी लगी। जल्दबाजी में कूदे इन बच्चों के लिए सूखी जमीन तक पहुंचना ही शायद सबसे बड़ी जीत थी। यही वजह थी कि बिना किसी शिकायत सभी वहां से चले गए।
भोलानाथ कॉलोनी के गंदे पानी से घिरने के बाद घरों से सड़क तक आने के लिए एकमात्र सहारा अब नाव ही है। चौतरफा पानी से घिरे परिवारों के बच्चों के लिए हिचकोले खाती नाव खतरनाक भी है। मंगलवार को हिचकोले खाती नाव से मासूम बच्चे सड़क तक आने में कूदे तो एक बच्ची पानी में गिर पड़ी। जबकि एक अन्य बच्ची के पैर में चोट लग गई। नाविक के मुताबिक लोगों को नाव में चढ़ने और उतरने की आदत नहीं है। जल्दबाजी में ऐसे हादसे होते हैं।
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बच्चों के पानी में गिरने से होते रहें हैं हादसे
लोगों ने बताया कि पिछली बारिश के सीजन में जयंतीपुर और महाशिव कॉलोनी में बच्चों के पानी में गिरने की घटनाएं भी हुई थी। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ था। लोग किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत भी है।
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बादल उमड़ते देख दहशत होती है..
आसमान में उमड़ते बादल भले ही लोगों को सुकून देते हो, लेकिन भोलानाथ कॉलोनी समेत आस-पास की कॉलोनियों के लोगों को डरा देते है। नाला उफनाने के बाद पानी कॉलोनियों में भरने के बाद घरों तक पहुंचने की आशंका से ही लोग दहशत में हैं।