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दो सिपाहियों की हत्या में उम्रकैद: बंदी वाहन में मारी थीं गोलियां, रायफल लूटकर भागा था धर्मपाल
Tue, 22 Sep 2026 12:38 PM IST
Vimal Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: Vimal Sharma
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:38 PM IST
सार
संभल के बनियाठेर क्षेत्र में जुलाई 2019 को बंदी वाहन में दो सिपाहियों हरेंद्र सिंह और ब्रजपाल सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने दोषी धर्मपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 1.69 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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चंदाैसी कोर्ट
- फोटो : संवाद
विस्तार
थाना बनियाठेर क्षेत्र में 17 जुलाई 2019 को सिपाही ब्रजपाल सिंह और हरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने धर्मपाल निवासी गांव भरतपुर थाना बहजोई को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख 69 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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घटना उस समय हुई थी, जब मुरादाबाद से 24 बंदियों को चंदौसी न्यायालय में पेशी कराने के बाद पुलिस बंदी वाहन से वापस मुरादाबाद जिला कारागार लौट रही थी। हत्याकांड को तीन बंदियों ने अंजाम दिया था। दो बंदी कमल और शकील एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।
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बहजोई पुलिस लाइन में तैनात तत्कालीन उप निरीक्षक चेतराम सिंह ने 17 जुलाई 2019 को थाना बनियाठेर पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि वह हमराह एचसी खूब सिंह और कांस्टेबल हरेंद्र सिंह निवासी गांव चंदूपुरा कोतवाली देहात बिजनौर, ब्रजपाल निवासी तेली नंगला थाना नांगल जनपद बिजनौर तथा चालक कांस्टेबल कृष्ण मुरारी तिवारी के साथ जिला कारागार मुरादाबाद से मुल्जिमों को लेकर चंदौसी न्यायालय गए थे।
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कोर्ट में पेशी के बाद 21 पुराने और तीन नए मुल्जिमों को चंदौसी न्यायालय से जिला कारागार मुरादाबाद ले जा रहे थे। कांस्टेबल हरेंद्र सिंह और ब्रजपाल बंदी वाहन में पीछे सशस्त्र बैठे थे। चेतराम और कांस्टेबल खूब सिंह गाड़ी में आगे बैठे थे। शाम 5.20 बजे जैसे ही बंदी वाहन धन्नूमल तिराहे से आगे ग्रीन चंदौसी के पास पहुंचा तो पीछे से फायर की आवाज आई।
उन्होंने पीछे जाकर देखा तो सिपाही हरेंद्र सिंह और ब्रजपाल सिंह लहूलुहान हालत में पड़े थे। शकील, कमल निवासी गांव रम्पुरा थाना बहजोई और धर्मपाल निवासी गांव भरतपुर थाना बहजोई बंदी वाहन का चैनल फैलाकर सिपाही हरेंद्र की रायफल लूट कर भाग रहे थे।
उन्होंने तीनों को रोकने का प्रयास किया तो उन पर फायर कर दिया गया। वह बाल-बाल बच गए। इसके बाद तीनों आरोपी जंगल की ओर भाग गए। दोनों लहूलुहान सिपाहियों की मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने तीनों बंदियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
घटना के बाद शकील और कमल पुलिस एनकाउंटर में मारे गए जबकि धर्मपाल को गिरफ्तार कर जिला कारागार मुरादाबाद भेज दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद साक्ष्य जुटा कर धर्मपाल के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया।