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Moradabad News: हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
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मुरादाबाद। मुगलपुरा के 21 साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने मुलजिम दानिश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में एक आरोपी की फाइल दूसरी अदालत में भेज दी गई जबकि तीसरे आरोपी को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। यह हत्या उधार दिए गए 2500 रुपये वापस मांगने की रंजिश में की गई थी।
मुगलपुरा के गुइयां बाग निवाासी मो. आजम ने 19 अक्तूबर 2004 को मुगलपुरा थाने में गुइयां बाग निवासी वसीम, प्रिंस रोड निवासी दानिश और पीर गैब निवासी शानू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। इसमें मो. आजम ने बताया कि वसीम ने उसके भाई मो. अनवर से 2500 रुपये उधार लिए थे। मो. अनवर ने वसीम से अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी उससे रंजिश रखने लगा था। 19 अक्तूबर 2004 की रात मो. आजम, मो. अनवर और उसके अन्य भाई मोहल्ले में ही खड़े थे। इसी दौरान वसीम, दानिश औा शानू आ गए थे। उन्होंने मो. अनवर को गोली मार दी थी। जिसमें मो. अनवर घायल हो गया था। इसके बाद आरोपी धमकी देते हुए भाग गए थे। परिजन मो. अनवर को अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया था। इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस मामले की सुनवाई एडीजे-दो कृष्ण कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दानिश को दोषी करार देते हुए आजीवान कारावास की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एडीजीसी ब्रजराज सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपी वसीम की फाइल दूसरी अदालत में चल रही है जबकि शानू को बरी कर दिया गया है।
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मुगलपुरा के गुइयां बाग निवाासी मो. आजम ने 19 अक्तूबर 2004 को मुगलपुरा थाने में गुइयां बाग निवासी वसीम, प्रिंस रोड निवासी दानिश और पीर गैब निवासी शानू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। इसमें मो. आजम ने बताया कि वसीम ने उसके भाई मो. अनवर से 2500 रुपये उधार लिए थे। मो. अनवर ने वसीम से अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी उससे रंजिश रखने लगा था। 19 अक्तूबर 2004 की रात मो. आजम, मो. अनवर और उसके अन्य भाई मोहल्ले में ही खड़े थे। इसी दौरान वसीम, दानिश औा शानू आ गए थे। उन्होंने मो. अनवर को गोली मार दी थी। जिसमें मो. अनवर घायल हो गया था। इसके बाद आरोपी धमकी देते हुए भाग गए थे। परिजन मो. अनवर को अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया था। इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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इस मामले की सुनवाई एडीजे-दो कृष्ण कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दानिश को दोषी करार देते हुए आजीवान कारावास की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एडीजीसी ब्रजराज सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपी वसीम की फाइल दूसरी अदालत में चल रही है जबकि शानू को बरी कर दिया गया है।
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