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महिला की हत्या में पति और उसके दोस्त को आजीवन कारावास
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मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा के साढ़े तीन साल पुराने महिला की हत्या के मामले में अदालत ने मुलजिम पत्नी और उसके दोस्त को दोषी माना है। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
ठाकुरद्वारा में 28 फरवरी 2018 को वादी सुनील कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी बहन रानी की शादी 17 साल पहले ओमकेश निवासी अमानताबाद के साथ हुई थी। दोनों के बीच में आये दिन विवाद रहता था। वादी की बहन ने एक दिन पहले ही फोन पर बताया था कि ओमकेश का दोस्त काकू उर्फ सुनील जो कि अल्हेपुर मोहकम जिला बिजनौर का रहने वाला है। वह उसके घर आया हुआ है।
काकू उर्फ सुनील के पिता फोर्स में हैं। वह अपने पिता की धमकी देता है। सुबह रानी के ससुर रामपाल ने फोन पर सूचना दी कि रानी की मौत हो गई। जब वादी अपनी बहन की सुसराल गया तो रानी अपने कमरे में मृत अवस्था पड़ी थी। उसने आरोप लगाया कि उसकी बहन की सुनील कुमार व ओमकेश ने मिलकर हत्या की है।
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इस मुकदमें की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम अरविंद कुमार सिंह (द्वितीय) की अदालत में की गई। जिसमें बचाव पक्ष का कहना था कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। इस कत्ल में उनका कोई सरोकार नहीं है।
वहीं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह ने अदालत को बताया कि आरोपी ओमकेश का अक्सर रानी से विवाद होता रहता था। जिससे वह छुटकारा पाना चाहता था। इस कारण से ही उसने अपने दोस्त काकू उर्फ सुनील कुमार के साथ मिलकर रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। दोनों को आजीवन कारावास की सजा के साथ साथ प्रत्येक पर बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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ठाकुरद्वारा में 28 फरवरी 2018 को वादी सुनील कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी बहन रानी की शादी 17 साल पहले ओमकेश निवासी अमानताबाद के साथ हुई थी। दोनों के बीच में आये दिन विवाद रहता था। वादी की बहन ने एक दिन पहले ही फोन पर बताया था कि ओमकेश का दोस्त काकू उर्फ सुनील जो कि अल्हेपुर मोहकम जिला बिजनौर का रहने वाला है। वह उसके घर आया हुआ है।
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काकू उर्फ सुनील के पिता फोर्स में हैं। वह अपने पिता की धमकी देता है। सुबह रानी के ससुर रामपाल ने फोन पर सूचना दी कि रानी की मौत हो गई। जब वादी अपनी बहन की सुसराल गया तो रानी अपने कमरे में मृत अवस्था पड़ी थी। उसने आरोप लगाया कि उसकी बहन की सुनील कुमार व ओमकेश ने मिलकर हत्या की है।
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इस मुकदमें की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम अरविंद कुमार सिंह (द्वितीय) की अदालत में की गई। जिसमें बचाव पक्ष का कहना था कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। इस कत्ल में उनका कोई सरोकार नहीं है।
वहीं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह ने अदालत को बताया कि आरोपी ओमकेश का अक्सर रानी से विवाद होता रहता था। जिससे वह छुटकारा पाना चाहता था। इस कारण से ही उसने अपने दोस्त काकू उर्फ सुनील कुमार के साथ मिलकर रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। दोनों को आजीवन कारावास की सजा के साथ साथ प्रत्येक पर बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।