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Moradabad News: दिव्यांगों की जिंदगी सुगम्य बना रही लाइब्रेरी
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मुरादाबाद।
प्रधानमंत्री के हाथों डीएम अनुज सिंह को मिले सम्मान के बाद मुरादाबाद की सुगम्य लाइब्रेरी देशभर में छा गई है। आधुनिक सुविधाओं के साथ ज्ञान-विज्ञान के संगम वाली यह लाइब्रेरी 350 से ज्यादा दिव्यांगों की जिंदगी को सुगम्य बना रही है। एक छत के नीचे दिव्यांगों को ज्ञान के साथ शारीरिक विकलांगता दूर करने का अवसर भी मिल रहा है। जल्द ही अमरोहा और संभल जिले में भी सुगम्य लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी।
कमिश्नर की पहल पर जिले में मुरादाबाद, कांठ, ठाकुरद्वारा और बिलारी तहसील में दिव्यांगों के लिए सुगम्य लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। यह अपने आप में अनूठी पहल है और इस तरह की लाइब्रेरी वाला मुरादाबाद प्रदेश का इकलाैता जिला है। यहां दिव्यांगों को संसाधन ही नहीं मिलते, बल्कि उन्हें अपनेपन का अहसास भी होता है।
सुगम्य लाइब्रेरी के जरिये दिव्यांगों को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने की कोशिश की जाती है। यहां फिजियोथेरपी से लेकर स्पीच थेरेपी तक की सुविधा है। इस लाइब्रेरी की संरचना प्रशासन ने शिक्षा विभाग और विकास विभाग के अफसरों को जोड़ कर की है। दिव्यांगों को मनोरंजक ढंग से पढ़ाने-लिखाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का भी संचालन होता है।
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- प्रदेश में अभी तक इस तरह की लाइब्रेरी की सुविधा कहीं नहीं है। यह दिव्यांगों के चेहरे पर मुस्कान लाने की एक कोशिश है। इसका मकसद है कि दिव्यांग समाज में खुद को आगे महसूस करें। जल्द ही संभल और अमरोहा के दिव्यांगों के लिए सुगम्य लाइब्रेरी की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। - आंजनेय कुमार सिंह, कमिश्नर
- प्रधानमंत्री के हाथों सम्मान मिलना गाैरव की बात है। अवाॅर्ड के जरिये किसी कार्यक्रम में पीएम से मिलने का पहला माैका था। यह जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। - अनुज सिंह, डीएम
क्या है सुगम्य लाइब्रेरी
- जिले में मुरादाबाद, कांठ, ठाकुरद्वारा और बिलारी तहसील में दिव्यांगों के लिए सुगम्य लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। एक ही छत के नीचे दृष्टि बाधित, मूकबधिर, बाैद्धिक रूप से कमजोर या अन्य प्रकार की दिव्यांगता वाले बच्चों की सुविधा के लिए बनी इस लाइब्रेरी में उन्हें भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने के साथ स्पीच थेरेपी भी दी जाती है। यहां पढ़ने के लिए ब्रेल लिपि का साहित्य है। दिव्यांगों की सुविधा के लिए फर्नीचर और टॉयलेट हैं। फिजियोथेरपी से लेकर स्पीच थेरपी समेत अन्य इंतजाम भी हैं। थेरेपी के लिए अलग से स्पेशलिस्ट की तैनाती की गई है।
350 से ज्यादा बच्चों को मिल रहा लाभ
- जिले में साढ़े तीन साै से ज्यादा दिव्यांग बच्चे सुगम्य लाइब्रेरी का लाभ उठा रहे हैं। शहर में दांग कंपोजिट विद्यालय कचहरी, बीआरसी ठाकुरद्वारा, बीआरसी बिलारी और बीआरसी कांठ में सुगम्य लाइब्रेरी संचालित है। जहां दो कमरों में चल रही सुगम्य लाइब्रेरी में दिव्यांग बच्चों को स्कूल समय के बाद ट्रेनर ब्रेल लिपि की जानकारी देते हैं। स्पीच थेरेपी कराई जाती है।
घोषणा से पहले दिल्ली से आई टीम ने किया था निरीक्षण
- पुरस्कार की घोषणा से पहले केंद्र सरकार की दो सदस्यीय टीम ने 24 और 25 मार्च को जिले की चारों सुगम्य लाइब्रेरी का निरीक्षण किया था। टीम ने लाइब्रेरी की सुविधाओं को परखा था। इसके साथ ही शिक्षकों और बच्चों से भी जानकारी ली थी।
मंडल को दूसरा प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवाॅर्ड
मुरादाबाद मंडल को प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवाॅर्ड दूसरी बार मिला है। मुरादाबाद की सुगम्य लाइब्रेरी से पहले रामपुर जिले का चयन प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवाॅर्ड के लिए 2022 में हुआ था। रामपुर को यह अवाॅर्ड वोकल फाॅर लोकल कैटेगरी में मिला था।
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प्रधानमंत्री के हाथों डीएम अनुज सिंह को मिले सम्मान के बाद मुरादाबाद की सुगम्य लाइब्रेरी देशभर में छा गई है। आधुनिक सुविधाओं के साथ ज्ञान-विज्ञान के संगम वाली यह लाइब्रेरी 350 से ज्यादा दिव्यांगों की जिंदगी को सुगम्य बना रही है। एक छत के नीचे दिव्यांगों को ज्ञान के साथ शारीरिक विकलांगता दूर करने का अवसर भी मिल रहा है। जल्द ही अमरोहा और संभल जिले में भी सुगम्य लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी।
कमिश्नर की पहल पर जिले में मुरादाबाद, कांठ, ठाकुरद्वारा और बिलारी तहसील में दिव्यांगों के लिए सुगम्य लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। यह अपने आप में अनूठी पहल है और इस तरह की लाइब्रेरी वाला मुरादाबाद प्रदेश का इकलाैता जिला है। यहां दिव्यांगों को संसाधन ही नहीं मिलते, बल्कि उन्हें अपनेपन का अहसास भी होता है।
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सुगम्य लाइब्रेरी के जरिये दिव्यांगों को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने की कोशिश की जाती है। यहां फिजियोथेरपी से लेकर स्पीच थेरेपी तक की सुविधा है। इस लाइब्रेरी की संरचना प्रशासन ने शिक्षा विभाग और विकास विभाग के अफसरों को जोड़ कर की है। दिव्यांगों को मनोरंजक ढंग से पढ़ाने-लिखाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का भी संचालन होता है।
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- प्रदेश में अभी तक इस तरह की लाइब्रेरी की सुविधा कहीं नहीं है। यह दिव्यांगों के चेहरे पर मुस्कान लाने की एक कोशिश है। इसका मकसद है कि दिव्यांग समाज में खुद को आगे महसूस करें। जल्द ही संभल और अमरोहा के दिव्यांगों के लिए सुगम्य लाइब्रेरी की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। - आंजनेय कुमार सिंह, कमिश्नर
- प्रधानमंत्री के हाथों सम्मान मिलना गाैरव की बात है। अवाॅर्ड के जरिये किसी कार्यक्रम में पीएम से मिलने का पहला माैका था। यह जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। - अनुज सिंह, डीएम
क्या है सुगम्य लाइब्रेरी
- जिले में मुरादाबाद, कांठ, ठाकुरद्वारा और बिलारी तहसील में दिव्यांगों के लिए सुगम्य लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। एक ही छत के नीचे दृष्टि बाधित, मूकबधिर, बाैद्धिक रूप से कमजोर या अन्य प्रकार की दिव्यांगता वाले बच्चों की सुविधा के लिए बनी इस लाइब्रेरी में उन्हें भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने के साथ स्पीच थेरेपी भी दी जाती है। यहां पढ़ने के लिए ब्रेल लिपि का साहित्य है। दिव्यांगों की सुविधा के लिए फर्नीचर और टॉयलेट हैं। फिजियोथेरपी से लेकर स्पीच थेरपी समेत अन्य इंतजाम भी हैं। थेरेपी के लिए अलग से स्पेशलिस्ट की तैनाती की गई है।
350 से ज्यादा बच्चों को मिल रहा लाभ
- जिले में साढ़े तीन साै से ज्यादा दिव्यांग बच्चे सुगम्य लाइब्रेरी का लाभ उठा रहे हैं। शहर में दांग कंपोजिट विद्यालय कचहरी, बीआरसी ठाकुरद्वारा, बीआरसी बिलारी और बीआरसी कांठ में सुगम्य लाइब्रेरी संचालित है। जहां दो कमरों में चल रही सुगम्य लाइब्रेरी में दिव्यांग बच्चों को स्कूल समय के बाद ट्रेनर ब्रेल लिपि की जानकारी देते हैं। स्पीच थेरेपी कराई जाती है।
घोषणा से पहले दिल्ली से आई टीम ने किया था निरीक्षण
- पुरस्कार की घोषणा से पहले केंद्र सरकार की दो सदस्यीय टीम ने 24 और 25 मार्च को जिले की चारों सुगम्य लाइब्रेरी का निरीक्षण किया था। टीम ने लाइब्रेरी की सुविधाओं को परखा था। इसके साथ ही शिक्षकों और बच्चों से भी जानकारी ली थी।
मंडल को दूसरा प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवाॅर्ड
मुरादाबाद मंडल को प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवाॅर्ड दूसरी बार मिला है। मुरादाबाद की सुगम्य लाइब्रेरी से पहले रामपुर जिले का चयन प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवाॅर्ड के लिए 2022 में हुआ था। रामपुर को यह अवाॅर्ड वोकल फाॅर लोकल कैटेगरी में मिला था।