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Moradabad News: कांठ में बंद फैक्टरी में लगाए पिंजरे में फंसा तेंदुआ
Tue, 22 Jul 2025 02:09 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Tue, 22 Jul 2025 02:09 AM IST
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कांठ। नयागांव अकबरपुर में बंद प्लाई फैक्टरी परिसर में वन विभाग द्वारा तीन दिन पहले लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंस गया। सूचना पाकर पहुंची वन टीम ने तेंदुआ को मय पिंजरे के अपने कब्जे में ले लिया और उसे मुरादाबाद के डियर पार्क ले गई। जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
कांठ नगर के महमूदपुरा नवादड़ी निवासी नईम अहमद सैफी की क्षेत्र में ही नयागांव अकबरपुर में प्लाई फैक्टरी है, जो बंद पड़ी है। यहां पिछले एक सप्ताह से लगातार तेंदुआ दिखाई दे रहा था। वह दो बार फैक्टरी परिसर से कुत्तों को भी उठाकर ले जा चुका था। 17 जुलाई की रात भी काफी देर तक तेंदुआ फैक्टरी की दीवार पर बैठा रहा था। 18 जुलाई को वन विभाग की टीम ने कॉम्बिंग करने के बाद यहां तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। रविवार की शाम भी पिंजरे में एक जानवर को बांधा गया था। जिसके बाद सोमवार की तड़के करीब चार बजे तेंदुआ फैक्टरी में आया और शिकार के चक्कर में पिंजरे में फंस गया। सुबह करीब छह बजे चौकीदार गोपाली और आबिद फैक्टरी में राउंड पर निकले तो उन्होंने तेंदुए को पिंजरे में फंसा हुआ देखा, जिस पर फैक्टरी स्वामी नईम अहमद सैफी को बताया तो वह भी पहुंच गए। तेंदुए के पिंजरे में फंसने की जानकारी पर डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह टीम के साथ पहुंचे और तेंदुए को मय पिंजरे के मुरादाबाद डियर पार्क ले गए। यहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। शाम तक तेंदुआ डियर पार्क में ही मौजूद था। तेंदुए के पकड़े जाने से नयागांव अकबरपुर, सिकंदरबाद के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
सोमवार की सुबह कांठ के नयागांव अकबरपुर में बंद प्लाई फैक्टरी से पकड़ी गई मादा तेंदुआ की आयु करीब पांच साल की है। डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि मेडिकल परीक्षण में पाया गया है कि तेंदुआ पूरी से तरह से ठीक और स्वस्थ है। अब उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने पर उसे कहीं दूर जंगल में छोड़ा जाएगा। जिस बंद प्लाई फैक्टरी से सोमवार को मादा तेंदुआ पकड़ी गई है, उस क्षेत्र में अन्य तेंदुए भी होने की आशंका है, क्योंकि यहां गांव नयागांव अकबरपुर, सिकंदराबाद, कासमपुर, गढ़ी, सलेमपुर आदि में पिछले काफी दिनों से तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। नईम अहमद सैफी, गोपाली सिंह, आबिद, मोमीन अहमद ठेकेदार, बिलाल अहमद, इकबाल अहमद, मोहम्मद नाजिम, जाकिर, मोनिस रजा, अरजान, मोहम्मद इमरान, फुरकान, सलमान आदि ने दोबारा पिंजरा लगवाने की मांग की है। संवाद
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क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं, यह जहां ग्रामीणों के पालतू पशुओं और जानवरों को अपना निवाला बना रहे हैं तो वहीं दहशत का कारण भी बने हुए हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से कांठ और छजलैट में तेंदुओं का जबरदस्त आतंक है। ढाई माह में वन विभाग की टीम पांच तेंदुओं को पकड़ चुकी है। दो मई को कांठ के शाहूपुर स्थित ब्राईटलैंड पब्लिक स्कूल से तेंदुआ पकड़ा गया था, इसके बाद दस मई को छजलैट के नक्संदाबाद से एक तेंदुआ पकड़ा था। 14 मई को कांठ के मिलक खेमपुर, 11 जुलाई को गांव मनकुआ के जंगल में नलकूप के कुएं में गिरे तेंदुए को पकड़ा था और सोमवार को कांठ के नयागांव अकबरपुर में बंद प्लाई फैक्टरी से मादा तेंदुआ पकड़ी गई है। इसके अलावा तीन अप्रैल को गांव सिरसा ठाट में बलवीर सिंह के खेत से तेंदुए के तीन शावक और 13 मई को कुम्हरिया जुबला में हरिओम सिंह के खेत में दो शावक मिले थे। संवाद
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कांठ नगर के महमूदपुरा नवादड़ी निवासी नईम अहमद सैफी की क्षेत्र में ही नयागांव अकबरपुर में प्लाई फैक्टरी है, जो बंद पड़ी है। यहां पिछले एक सप्ताह से लगातार तेंदुआ दिखाई दे रहा था। वह दो बार फैक्टरी परिसर से कुत्तों को भी उठाकर ले जा चुका था। 17 जुलाई की रात भी काफी देर तक तेंदुआ फैक्टरी की दीवार पर बैठा रहा था। 18 जुलाई को वन विभाग की टीम ने कॉम्बिंग करने के बाद यहां तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। रविवार की शाम भी पिंजरे में एक जानवर को बांधा गया था। जिसके बाद सोमवार की तड़के करीब चार बजे तेंदुआ फैक्टरी में आया और शिकार के चक्कर में पिंजरे में फंस गया। सुबह करीब छह बजे चौकीदार गोपाली और आबिद फैक्टरी में राउंड पर निकले तो उन्होंने तेंदुए को पिंजरे में फंसा हुआ देखा, जिस पर फैक्टरी स्वामी नईम अहमद सैफी को बताया तो वह भी पहुंच गए। तेंदुए के पिंजरे में फंसने की जानकारी पर डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह टीम के साथ पहुंचे और तेंदुए को मय पिंजरे के मुरादाबाद डियर पार्क ले गए। यहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। शाम तक तेंदुआ डियर पार्क में ही मौजूद था। तेंदुए के पकड़े जाने से नयागांव अकबरपुर, सिकंदरबाद के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
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सोमवार की सुबह कांठ के नयागांव अकबरपुर में बंद प्लाई फैक्टरी से पकड़ी गई मादा तेंदुआ की आयु करीब पांच साल की है। डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि मेडिकल परीक्षण में पाया गया है कि तेंदुआ पूरी से तरह से ठीक और स्वस्थ है। अब उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने पर उसे कहीं दूर जंगल में छोड़ा जाएगा। जिस बंद प्लाई फैक्टरी से सोमवार को मादा तेंदुआ पकड़ी गई है, उस क्षेत्र में अन्य तेंदुए भी होने की आशंका है, क्योंकि यहां गांव नयागांव अकबरपुर, सिकंदराबाद, कासमपुर, गढ़ी, सलेमपुर आदि में पिछले काफी दिनों से तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। नईम अहमद सैफी, गोपाली सिंह, आबिद, मोमीन अहमद ठेकेदार, बिलाल अहमद, इकबाल अहमद, मोहम्मद नाजिम, जाकिर, मोनिस रजा, अरजान, मोहम्मद इमरान, फुरकान, सलमान आदि ने दोबारा पिंजरा लगवाने की मांग की है। संवाद
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क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं, यह जहां ग्रामीणों के पालतू पशुओं और जानवरों को अपना निवाला बना रहे हैं तो वहीं दहशत का कारण भी बने हुए हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से कांठ और छजलैट में तेंदुओं का जबरदस्त आतंक है। ढाई माह में वन विभाग की टीम पांच तेंदुओं को पकड़ चुकी है। दो मई को कांठ के शाहूपुर स्थित ब्राईटलैंड पब्लिक स्कूल से तेंदुआ पकड़ा गया था, इसके बाद दस मई को छजलैट के नक्संदाबाद से एक तेंदुआ पकड़ा था। 14 मई को कांठ के मिलक खेमपुर, 11 जुलाई को गांव मनकुआ के जंगल में नलकूप के कुएं में गिरे तेंदुए को पकड़ा था और सोमवार को कांठ के नयागांव अकबरपुर में बंद प्लाई फैक्टरी से मादा तेंदुआ पकड़ी गई है। इसके अलावा तीन अप्रैल को गांव सिरसा ठाट में बलवीर सिंह के खेत से तेंदुए के तीन शावक और 13 मई को कुम्हरिया जुबला में हरिओम सिंह के खेत में दो शावक मिले थे। संवाद