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Moradabad News: कांठ के समंदगढ़ में पिंजरा लगाने के ढाई घंटे बाद ही कैद हुआ तेंदुआ
Tue, 29 Sep 2026 02:29 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Tue, 29 Sep 2026 02:29 AM IST
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कांठ। क्षेत्र के गांव समंदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद में चार दिन पहले किसान की नलकूप कोठरी पर एक साथ बैठे दिखाई दिए तीन तेंदुओं वाले स्थान पर सोमवार की शाम लगाए गए पिंजरे में ढाई घंटे के बाद ही एक तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम और पुलिस ने भीड़ हटाकर रेस्क्यू करते हुए तेंदुए को अपने कब्जे में लिया और उसे मुरादाबाद के डियर पार्क ले गई।
25 सितंबर की देर शाम कांठ नगर निवासी युवा सपा नेता सहल दिलशाद अपने दोस्त हुजैफा, अनस के साथ कार से क्षेत्र के गांव समंदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद में रास्ते पर जा रहे थे। जब वह कुछ आगे पहुंचे थे तो यहां किसान की नलकूप कोठरी पर एक साथ तीन तेंदुए बैठे दिखाई दिए थे। जिनकी कार सवारों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाई थी, जोकि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हुई थी। गांव निवासी डॉ. जुल्फिकार अहमद, हाजी भूरे, असलम, नवाब अली, जाकिर आदि ग्रामीणों ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाने की मांग की थी। लेकिन बारिश होने के कारण पिंजरा नहीं लग सका था।
सोमवार को बारिश रुकने के बाद वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह, वन दरोगा राजेंद्र सिंह पहुंचे और शाम करीब साढ़े पांच बजे टीम ने उसी नलकूप की कोठरी से सटाकर पिंजरा लगाया, जिस कोठरी पर तीन तेंदुए दिखाई दिए थे। पिंजरे में तेंदुआ पकड़ने के लिए एक कुत्ते को भी बांधा गया था। जिसके बाद सोमवार की देर शाम करीब आठ बजे इस पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया। जब ग्रामीणों दहाड़ सुनी तो उनकी निगाह पिंजरे गई। तब वह उसमें तेंदुए को देखकर हत्प्रभ रह गए। इसके बाद तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। इसकी सूचना मिलते ही डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह और वन दरोगा राजेंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं थाने से पुलिस भी पहुंच गई। पिंजरे के पास लगी भीड़ को हटाया गया। वन टीम ने रेस्क्यू कर तेंदुए को मय पिंजरे अपने कब्जे में लिया और उसे मुरादाबाद के डियर पार्क ले गई।
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सोमवार की देर शाम कांठ के गांव समंदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद में जो तेंदुआ यहां लगाए गए पिंजरे में कैद हुआ है वन विभाग के अनुसार उसकी आयु करीब एक वर्ष की है। वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए को डियर पार्क ले जा रहे हैं। मंगलवार को उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। बता दें कि 24 सितंबर की आधी रात को कांठ के कासमपुर और गढ़ी के मध्य स्थित नगर निवासी नईम सैफी के निर्माणाधीन मैरिज हॉल व बंद फैक्टरी के परिसर और 26 सितंबर को कांठ के गांव भरतपुर से पकड़े गए दोनों तेंदुए भी अभी मुरादाबाद के डियर पार्क में मौजूद हैं। उन्हें कहां सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा, इस पर अभी विभागीय अधिकारी मंथन कर रहे हैं। संवाद
क्षेत्र के गांव समंदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद में जिस स्थान से सोमवार की देर शाम तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ है, उसके आसपास दो और तेंदुए होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार जिस वक्त तेंदुआ पिंजरे में कैद था, उस समय पास से ही दो और तेंदुओं की गुर्राने की आवाजें आ रही थीं। क्योंकि 25 सितंबर को भी यहीं पर नलकूप की कोठरी पर एक साथ तीन तेंदुए दिखाई दिए थे। वन विभाग भी यहां और तेंदुए होने से इन्कार नहीं कर रहा है। बता दें कि इससे पहले 24 सितंबर को यहां से कुछ दूरी पर ही स्थित नगर निवासी नईम सैफी के निर्माणाधीन मैरिज हॉल व बंद फैक्टरी के परिसर से एक मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि पिछले दिनों सावन माह की कांवड़ यात्रा के दौरान जिन चार तेंदुओं ने गांव कासमपुर के पास मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग को क्रॉस किया था, वह शायद यही रहे होंगे। संवाद
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25 सितंबर की देर शाम कांठ नगर निवासी युवा सपा नेता सहल दिलशाद अपने दोस्त हुजैफा, अनस के साथ कार से क्षेत्र के गांव समंदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद में रास्ते पर जा रहे थे। जब वह कुछ आगे पहुंचे थे तो यहां किसान की नलकूप कोठरी पर एक साथ तीन तेंदुए बैठे दिखाई दिए थे। जिनकी कार सवारों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाई थी, जोकि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हुई थी। गांव निवासी डॉ. जुल्फिकार अहमद, हाजी भूरे, असलम, नवाब अली, जाकिर आदि ग्रामीणों ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाने की मांग की थी। लेकिन बारिश होने के कारण पिंजरा नहीं लग सका था।
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सोमवार को बारिश रुकने के बाद वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह, वन दरोगा राजेंद्र सिंह पहुंचे और शाम करीब साढ़े पांच बजे टीम ने उसी नलकूप की कोठरी से सटाकर पिंजरा लगाया, जिस कोठरी पर तीन तेंदुए दिखाई दिए थे। पिंजरे में तेंदुआ पकड़ने के लिए एक कुत्ते को भी बांधा गया था। जिसके बाद सोमवार की देर शाम करीब आठ बजे इस पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया। जब ग्रामीणों दहाड़ सुनी तो उनकी निगाह पिंजरे गई। तब वह उसमें तेंदुए को देखकर हत्प्रभ रह गए। इसके बाद तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। इसकी सूचना मिलते ही डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह और वन दरोगा राजेंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं थाने से पुलिस भी पहुंच गई। पिंजरे के पास लगी भीड़ को हटाया गया। वन टीम ने रेस्क्यू कर तेंदुए को मय पिंजरे अपने कब्जे में लिया और उसे मुरादाबाद के डियर पार्क ले गई।
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सोमवार की देर शाम कांठ के गांव समंदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद में जो तेंदुआ यहां लगाए गए पिंजरे में कैद हुआ है वन विभाग के अनुसार उसकी आयु करीब एक वर्ष की है। वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए को डियर पार्क ले जा रहे हैं। मंगलवार को उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। बता दें कि 24 सितंबर की आधी रात को कांठ के कासमपुर और गढ़ी के मध्य स्थित नगर निवासी नईम सैफी के निर्माणाधीन मैरिज हॉल व बंद फैक्टरी के परिसर और 26 सितंबर को कांठ के गांव भरतपुर से पकड़े गए दोनों तेंदुए भी अभी मुरादाबाद के डियर पार्क में मौजूद हैं। उन्हें कहां सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा, इस पर अभी विभागीय अधिकारी मंथन कर रहे हैं। संवाद
क्षेत्र के गांव समंदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद में जिस स्थान से सोमवार की देर शाम तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ है, उसके आसपास दो और तेंदुए होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार जिस वक्त तेंदुआ पिंजरे में कैद था, उस समय पास से ही दो और तेंदुओं की गुर्राने की आवाजें आ रही थीं। क्योंकि 25 सितंबर को भी यहीं पर नलकूप की कोठरी पर एक साथ तीन तेंदुए दिखाई दिए थे। वन विभाग भी यहां और तेंदुए होने से इन्कार नहीं कर रहा है। बता दें कि इससे पहले 24 सितंबर को यहां से कुछ दूरी पर ही स्थित नगर निवासी नईम सैफी के निर्माणाधीन मैरिज हॉल व बंद फैक्टरी के परिसर से एक मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि पिछले दिनों सावन माह की कांवड़ यात्रा के दौरान जिन चार तेंदुओं ने गांव कासमपुर के पास मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग को क्रॉस किया था, वह शायद यही रहे होंगे। संवाद