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लेखपाल पर जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 50 हजार रुपये मांगने का आरोप
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संभल। जाति प्रमाण के लिए रिपोर्ट लगाने के लिए नाम पर लेखपाल पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। महिला शिकायतकर्ता का कहना है कि रुपये नहीं दिए तो आवेदन खारिज कर दिया। इस मामले में जांच कराई जाए और कार्रवाई की जाए।
बुधवार को गांव मंडलाई निवासी नाजिया परवीन पत्नी मोहम्मद आरिफ ने तहसीलदार को शिकायती पत्र दिया है। इसके माध्यम उन्होंने हल्का लेखपाल पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। महिला का कहना है कि रिश्वत नहीं देने पर लेखपाल ने आवेदन निरस्त कर दिया। महिला का कहना है कि वह झोजा जाति की है। 2010 में भी तहसीलदार और लेखपाल ने जाति प्रमाण पत्र बनाने से इनकार किया था। इसके विरोध में महिला शिकायतकर्ता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर 2010 में प्रशासन ने जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया था। इस प्रमाण पत्र के आधार पर महिला ने ग्राम प्रधान पद का चुनाव भी लड़ा था।
महिला का कहना है कि इस बार चुनाव में ऑनलाइन प्रमाण पत्र नामांकन पत्र के साथ लगाने का नियम है। इसलिए उसने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। लेखपाल जांच करने के लिए घर पहुंचे तो महिला ने न्यायालय के आदेश पर बने प्रमाण पत्र को भी दिखाया। महिला का आरोप है कि लेखपाल ने उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रिश्वत नहीं देने पर आवेदन खारिज कर दिया है। महिला ने जांच करा कार्रवाई की मांग की है।
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बुधवार को गांव मंडलाई निवासी नाजिया परवीन पत्नी मोहम्मद आरिफ ने तहसीलदार को शिकायती पत्र दिया है। इसके माध्यम उन्होंने हल्का लेखपाल पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। महिला का कहना है कि रिश्वत नहीं देने पर लेखपाल ने आवेदन निरस्त कर दिया। महिला का कहना है कि वह झोजा जाति की है। 2010 में भी तहसीलदार और लेखपाल ने जाति प्रमाण पत्र बनाने से इनकार किया था। इसके विरोध में महिला शिकायतकर्ता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर 2010 में प्रशासन ने जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया था। इस प्रमाण पत्र के आधार पर महिला ने ग्राम प्रधान पद का चुनाव भी लड़ा था।
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महिला का कहना है कि इस बार चुनाव में ऑनलाइन प्रमाण पत्र नामांकन पत्र के साथ लगाने का नियम है। इसलिए उसने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। लेखपाल जांच करने के लिए घर पहुंचे तो महिला ने न्यायालय के आदेश पर बने प्रमाण पत्र को भी दिखाया। महिला का आरोप है कि लेखपाल ने उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रिश्वत नहीं देने पर आवेदन खारिज कर दिया है। महिला ने जांच करा कार्रवाई की मांग की है।
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