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Moradabad News: निजी अस्पताल छोड़िए, पीएचसी तक नहीं पहुंच सकती दमकल की गाड़ी
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मुरादबाद। जिले में 446 निजी अस्पताल तो बिना फायर एनओसी के चल ही रहे हैं। कुछ सरकारी स्वास्थ्य केंद्र भी संकरी गलियों में बनाए गए हैं। दुर्भाग्यवश यदि कोई हादसा हो जाए तो यहां तक एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंच सकतीं। इसके बावजूद पिछले कई सालों से स्वास्थ्य विभाग किराये के इन भवनों में पीएचसी संचालित कर रहा है।
साथ ही भवन स्वामियों को हजारों रुपये किराया भी दे रहा है। शहर में शिवनगर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संकरी गली में है, यहां एंबुलेंस व दमकल की गाड़ी तो छोड़िए निरीक्षण पर जाने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की गाड़ी भी नहीं पहुंचती। इसके अलावा मिलन विहार पीएचसी, बंगला गांव पीएचसी व लालबाग पीएचसी भी चौड़े रोड से सटी संकरी गलियों में हैं। जरूरत पड़ने पर दमकल की गाड़ी बाहर रोड पर ही खड़ी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि इन उपकेंद्रों को शिफ्ट करने के लिए नए भवन तलाशे जा रहे हैं। वहीं सुरक्षा की बात करें तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं लेकिन इन्हें संचालित करने के लिए कर्मचारियों को लंबे समय से ट्रेनिंग नहीं दी गई है। इसी तरह जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल में लगे कई अग्निशमन यंत्रों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है। इन्हें रीफिल नहीं कराया गया है।
तो... इसलिए नहीं सुधारी जा रही एक बार की गलती
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का कहना है कि नियमानुसार पुराने पंजीकृत अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण के लिए दोबारा सारी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई डॉक्टर बदलता है या स्थान बदलता है तो शपथ पत्र लिया जाएगा। इसलिए कुछ अस्पतालों का बिना एनओसी किया गया रजिस्ट्रेशन आज तक चला आ रहा है। जबकि डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र चौधरी का कहना था कि नए अस्पतालों का पंजीकरण बिना भौतिक सत्यापन के नहीं किया जा रहा है।
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अस्पतालों का पंजीकरण बिना निरीक्षण के नहीं किया जा रहा है। बैठक कर सभी को निर्देश दिए जाएंगे कि अपने अपने अस्पतालों के लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी प्राप्त कर लें। स्वास्थ्य केंद्रों पर खुद निरीक्षण करूंगा। अग्नि सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
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साथ ही भवन स्वामियों को हजारों रुपये किराया भी दे रहा है। शहर में शिवनगर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संकरी गली में है, यहां एंबुलेंस व दमकल की गाड़ी तो छोड़िए निरीक्षण पर जाने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की गाड़ी भी नहीं पहुंचती। इसके अलावा मिलन विहार पीएचसी, बंगला गांव पीएचसी व लालबाग पीएचसी भी चौड़े रोड से सटी संकरी गलियों में हैं। जरूरत पड़ने पर दमकल की गाड़ी बाहर रोड पर ही खड़ी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि इन उपकेंद्रों को शिफ्ट करने के लिए नए भवन तलाशे जा रहे हैं। वहीं सुरक्षा की बात करें तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं लेकिन इन्हें संचालित करने के लिए कर्मचारियों को लंबे समय से ट्रेनिंग नहीं दी गई है। इसी तरह जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल में लगे कई अग्निशमन यंत्रों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है। इन्हें रीफिल नहीं कराया गया है।
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तो... इसलिए नहीं सुधारी जा रही एक बार की गलती
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का कहना है कि नियमानुसार पुराने पंजीकृत अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण के लिए दोबारा सारी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई डॉक्टर बदलता है या स्थान बदलता है तो शपथ पत्र लिया जाएगा। इसलिए कुछ अस्पतालों का बिना एनओसी किया गया रजिस्ट्रेशन आज तक चला आ रहा है। जबकि डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र चौधरी का कहना था कि नए अस्पतालों का पंजीकरण बिना भौतिक सत्यापन के नहीं किया जा रहा है।
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अस्पतालों का पंजीकरण बिना निरीक्षण के नहीं किया जा रहा है। बैठक कर सभी को निर्देश दिए जाएंगे कि अपने अपने अस्पतालों के लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी प्राप्त कर लें। स्वास्थ्य केंद्रों पर खुद निरीक्षण करूंगा। अग्नि सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ