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Moradabad News: लक्ष्मण को लगी शक्ति, हथेली पर पर्वत उठा लाए हनुमान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 01 Oct 2025 02:24 AM IST
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Laxman was struck by power, Hanuman lifted the mountain on his palm.
मुरादाबाद। जागो-जागो लखन लाल जागो... अपने राम को निहारो। अनूप जलोटा का यह गीत जब लाइनपार रामलीला मैदान में सजे भव्य मंच से कलाकारों की भाव भंगिमा के साथ मिला को लक्ष्मण शक्ति का दृश्य सजीव हो उठा। राम का स्वरूप धारण किए कलाकार की तरह दर्शकों की आंखों में भी आंसू नजर आए।
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श्री रामलीला मैनेजिंग कमेटी की ओर से लाइनपार रामलीला मैदान में मंगलवार को श्री राम कुंती कला संगम के कलाकारों ने लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध का मंचन किया। लक्ष्मण के मूर्छित होने पर श्रीराम व्याकुल हो उठे। हनुमान जी लंका से सुषेन वैद्य को लेकर आते हैं और उनके कहने पर संजीवनी बूटी का पर्वत ले आते हैं। संजीवनी बूटी पिलाते ही लक्ष्मण जी उठ जाते हैं। प्रभु श्रीराम लक्ष्मण जी को गले लगाते लगाते हैं और दर्शक जय जयकार करने लगते हैं। कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि रावण को उनके अनुज विभीषण द्वारा समझाया जाता है कि श्रीराम से संधि कर लीजिए और माता जानकी को आदर सहित प्रभु श्रीराम को सौंप दीजिए। ऐसा करने से आपका ही भला होगा। यह सुनकर रावण क्रोधित हो जाता है, विभीषण को ठोकर मारकर लंका से बाहर कर देता है।
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विभीषण राम की शरण में आ जाते हैं। बाद में सभी के सामने समुद्र पार करने की चिंता होती है। श्रीराम समुद्र से रास्ता मांगते हैं, लेकिन तीन दिन बाद भी जब उन्हें रास्ता नहीं मिला तो श्रीराम सागर को सुखाने का निश्चय करते हैं। तभी समुद्र देवता प्रकट होते हैं और क्षमा मांगते हैं। साथ ही बताते हैं कि आपकी सेना में नल और नील वानर यदि पत्थर छूकर सागर में छोड़ेंगे तो वह पत्थर डूबेंगे नहीं। इसके बाद सेतु निर्माण करके प्रभु श्रीराम वानर सेना के साथ लंका पहुंचते हैं। वहां रावण के दरबार में अंगद को शांतिदूत बनाकर भेजते हैं। रावण के अंहकार को देखकर अंगद ने रावण के दरबार में अपना पैर जमाकर चुनौती दी और कहा कि दरबार में यदि कोई मेरा पैर हटा देगा तो श्रीराम की सेना बिना युद्ध किए लौट जाएगी। सभी दरबारी जोर लगाते हैं। इसके बाद भी कोई वीर अंगद का पैर तक नहीं हिला सका। अंत में स्वयं रावण उठता है तो अंगद अपना पैर हटाकर कहते हैं कि मेरा पैर क्यों पकड़ते हो, जाकर श्रीराम के चरण पकड़ो तो कल्याण होगा।
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इसके बाद लक्ष्मण और मेघनाद में घनघोर युद्ध होता है। मेघनाद वध के बाद कलाकारों ने कुंभकरण वध का भी मंचन किया। इस दौरान कमेटी के मंत्री राजीव बंसल, सुरेंद्र कुमार अग्रवाल, संदीप बंसल, रोहित बंसल आदि मौजूद रहे।
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