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Moradabad News: फत्तेहपुर विश्नोई में सीएम कंपोजिट विद्यालय के लिए भूमि चिह्नित
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कांठ। तहसील क्षेत्र के गांव फत्तेहपुर विश्नोई में सीएम कंपोजिट स्कूल के लिए एसडीएम मयंक कुंडू की मौजूदगी में राजस्व टीम ने जूनियर हाईस्कूल की अतिरिक्त 1.89 हेक्टेयर भूमि को चिह्नित किया है। इससे ग्रामीणों के साथ ही विद्यार्थियों में भी खुशी है। अब उन्हें गांव में इंटर तक की शिक्षा की सुविधा मिलने की उम्मीद पूरी होती दिख रही है।
गांव फत्तेहपुर विश्नोई में विद्यार्थियों की इंटर तक की शिक्षा के लिए कोई भी कॉलेज नहीं होने के कारण यहां के विद्यार्थियों को या तो कई किलोमीटर दूर के कॉलेजों में जाना पड़ता है या फिर आठवीं तक की शिक्षा के बाद पढ़ाई छोड़कर घर बैठना पड़ता है। उन्हें गांव में ही इंटर तक की शिक्षा मिले, इस मांग को लेकर पिछले दिनों अभिभावकों, ग्रामीणों के साथ ही विद्यार्थियों ने भी एक जनआंदोलन शुरू किया था।
एसडीएम और डीएम को अभिभावकों और छात्र-छात्राओं ने प्रार्थना-पत्र देते हुए अपनी समस्याएं बताई थीं। जिस पर डीएम ने विद्यालय की स्थापना के लिए औपचारिकताओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को एसडीएम मयंक कुंडू ने बताया कि फत्तेहपुर विश्नोई स्थित जूनियर हाईस्कूल की अतिरिक्त 1.89 हेक्टेयर भूमि सीएम कंपोजिट स्कूल के लिए चिह्नित की गई है। उन्होंने बताया कि यह भूमि गांव के ही एक स्कूल की ही है, इसके अनापत्ति प्रमाण-पत्र में भी कोई दिक्कत नहीं होगी।
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जमीन चिह्नित होने से विद्यार्थियों में खुशी
कांठ। गांव फत्तेहपुर बिश्नोई से राजकीय विद्यालय 14 किलोमीटर दूर होने के कारण यहां की 70 से अधिक बेटियों को आठवीं और हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी है। वहीं 41 मेधावी बच्चों की एनएमएमएस छात्रवृत्ति भी छिन गई। अब सीएम कंपोजिट स्कूल के लिए भूमि चिह्नित होने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों खुशी है। संवाद
-- भूमि के चिह्नित और प्रस्ताव के बाद विद्यालय की उम्मीद जगी है। अब जल्द ही बजट पारित हो जाए तो गांव में विद्यालय का निर्माण शुरू हो सके। ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।- राजकुमार, अभिभावक
-- आर्थिक हालात व सुरक्षा के लिहाज से बेटियों को पढ़ाई के लिए 14 किमी दूर भेजना संभव नहीं था। अब हमें यही उम्मीद है कि जल्द ही स्कूल बनेगा और बेटियां गांव में ही पढ़ेंगी।अमरेश, अभिभावक
-- गांव में सरकारी इंटर कॉलेज न होने से हमारी छात्रवृत्ति जाने का अंदेशा था। अब उम्मीद जगी है कि जल्द ही गांव में विद्यालय बनेगा। अक्षित, छात्र
-- मैं इस बार एनएमएमएस की परीक्षा दे रही हूं। लेकिन अब गांव में भी स्कूल बनने और छात्रवृत्ति भी न छूटने की उम्मीद पूरी होती दिख रही है।-अंशिका, छात्रा
-- विद्यालय बनने की आस से मुझे बहुत खुशी है। विद्यालय स्थापित होने के बाद मेरी तरह अन्य छात्राओं की पढ़ाई नहीं छूटेगी।-अनु, छात्रा
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गांव फत्तेहपुर विश्नोई में विद्यार्थियों की इंटर तक की शिक्षा के लिए कोई भी कॉलेज नहीं होने के कारण यहां के विद्यार्थियों को या तो कई किलोमीटर दूर के कॉलेजों में जाना पड़ता है या फिर आठवीं तक की शिक्षा के बाद पढ़ाई छोड़कर घर बैठना पड़ता है। उन्हें गांव में ही इंटर तक की शिक्षा मिले, इस मांग को लेकर पिछले दिनों अभिभावकों, ग्रामीणों के साथ ही विद्यार्थियों ने भी एक जनआंदोलन शुरू किया था।
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एसडीएम और डीएम को अभिभावकों और छात्र-छात्राओं ने प्रार्थना-पत्र देते हुए अपनी समस्याएं बताई थीं। जिस पर डीएम ने विद्यालय की स्थापना के लिए औपचारिकताओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को एसडीएम मयंक कुंडू ने बताया कि फत्तेहपुर विश्नोई स्थित जूनियर हाईस्कूल की अतिरिक्त 1.89 हेक्टेयर भूमि सीएम कंपोजिट स्कूल के लिए चिह्नित की गई है। उन्होंने बताया कि यह भूमि गांव के ही एक स्कूल की ही है, इसके अनापत्ति प्रमाण-पत्र में भी कोई दिक्कत नहीं होगी।
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जमीन चिह्नित होने से विद्यार्थियों में खुशी
कांठ। गांव फत्तेहपुर बिश्नोई से राजकीय विद्यालय 14 किलोमीटर दूर होने के कारण यहां की 70 से अधिक बेटियों को आठवीं और हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी है। वहीं 41 मेधावी बच्चों की एनएमएमएस छात्रवृत्ति भी छिन गई। अब सीएम कंपोजिट स्कूल के लिए भूमि चिह्नित होने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों खुशी है। संवाद