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लंबे से अंकल ने मुझे बुलाया बाइक पर बैठाया और कार में तक ले गए..
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कलक्ट्रेट में एसएसपी कार्यालय में धुव को प्यार करते पिता गौरव।
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। ‘मुझे तो एक लंबे अंकल ने पकौड़ी खिलाने के लिए बुलाया था। पकौड़ी तो दिलाई नहीं और बाइक पर बैठाकर ले गए। जब पकौड़ी का ठेला निकल गया मैने कहा रोको... पर वे नहीं रुके और एक कार में ले जाकर बैठा दिया। उसके बाद होटल में ले गए। मैं जोर से बोलता या रोता तो मेरा मुंह भींच देते। गला दबाते।’ मां की गोद में सिमटे मासूम ध्रुव ने कुछ इस तरह आपबीती बयां की। साथ ही कान पकड़े कि अब अनजान के बुलाने पर नहीं जाएगा।
तकरीबन 29 घंटे बाद शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे मासूम ध्रुव अपने घर पहुंचा। उस वक्त घर के आस पास की दुकानें भी खुली थी और सड़क से लेकर सामने रामलीला मैदान तक शाम को घूमने वालों की भीड़ जुटी थी। ध्रुव को देखने वालों की भीड़ उसके घर तक पहुंच गई। सभी के मन में कुछ न कुछ सवाल दौड़ रहे थे। एक मासूम के सामने सभी के जवाब देना संभव नहीं था। धीरे धीरे भीड़ कम हुई तो मासूम ने मां बाप और दादी, मामा और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बातचीत शुरू की। काफी देर खामोशी के बाद ध्रुव ने अपहरण की वो कहानी बयां की। जिससे याद कर बार बार मासूम डर रहा था। उसने बताया
‘ मैं अपने घर के बाहर खेल रहा था। सामने पेड़ के पास एक लंबे से अंकल खड़े थे। उन्होंने मुझे अपने पास बुला लिया।’ इसके बाद ध्रुव फिर से चुप हो गया। शायद उसे उस कोई डरावनी बात याद आ गई। चेहरे पर डर साफ दिखा। मम्मी ने प्यार से पूछा तो हौसला आया और फिर बोला। बोला, ‘अंकल मुझे पकौड़ी खिलाने ले गए थे। उन्होंने मुझे अपनी बाइक पर बैठा लिया था, लेकिन उन्होंने बाइक पकौड़ी के ठेले के पास नहीं रोकी। वह मुझे एक सफेद रंग की कार के पास ले गए। जिसमें पहले से दो अंकल बैठे थे, उन्होंने मुझे कार में बैठा लिया। इसके बाद उन्होंने कार चला दी। उन्होंने कई बार मेरा गला पकड़ा। आंखें दिखाकर डरा रहे थे। मेरा मुंह भी पकड़ा था। मुझे कोल्ड ड्रिंक पिलाई। रात में होटल में ले गए थे। वहां भी उन्होंने मुझे दाल रोटी खिलाई। चिप्स दिलाए। सुबह मुझे पापा से मिलने के लिए कह रहेे थे। सुबह को मुझे उठाया और बस के पास लेकर आए। एक अंकल ने मुझे बस में बैठा दिया था। उन्होंने ही फ्रूटी और कागज की मुझे थी। वो बार बार मेरे डैडी को फोन भी कर रहे थे।
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ध्रुव के घर लौटने पर की पूजा पाठ
मुरादाबाद। ध्रुव के घर लौटने पर सभी ने खुशी मनाई। मां, दादी और मौसी ने उसकी आरती की। बेटे को गले लगाकर सभी ईश्वर को याद कर रहे थे। इसके बाद गौरव और उसी पत्नी ने मंदिर में पूजा की।
गोद में टेडी बीयर रखकर मोबाइल पर खेला गेम
मुरादाबाद। पांच साल के मासूम ने घर पहुंचने के बाद सबसे पहले अपनी मां से टेडी बीयर मांगा। बच्चे ने टेडी बीयर को गले लगा लिया। इसके बाद वह बेड पर बैठाकर खेलने लगा। अपने डैडी से मोबाइल लिया। उसने उस पर गेम खेलना शुरू किया।
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तकरीबन 29 घंटे बाद शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे मासूम ध्रुव अपने घर पहुंचा। उस वक्त घर के आस पास की दुकानें भी खुली थी और सड़क से लेकर सामने रामलीला मैदान तक शाम को घूमने वालों की भीड़ जुटी थी। ध्रुव को देखने वालों की भीड़ उसके घर तक पहुंच गई। सभी के मन में कुछ न कुछ सवाल दौड़ रहे थे। एक मासूम के सामने सभी के जवाब देना संभव नहीं था। धीरे धीरे भीड़ कम हुई तो मासूम ने मां बाप और दादी, मामा और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बातचीत शुरू की। काफी देर खामोशी के बाद ध्रुव ने अपहरण की वो कहानी बयां की। जिससे याद कर बार बार मासूम डर रहा था। उसने बताया
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‘ मैं अपने घर के बाहर खेल रहा था। सामने पेड़ के पास एक लंबे से अंकल खड़े थे। उन्होंने मुझे अपने पास बुला लिया।’ इसके बाद ध्रुव फिर से चुप हो गया। शायद उसे उस कोई डरावनी बात याद आ गई। चेहरे पर डर साफ दिखा। मम्मी ने प्यार से पूछा तो हौसला आया और फिर बोला। बोला, ‘अंकल मुझे पकौड़ी खिलाने ले गए थे। उन्होंने मुझे अपनी बाइक पर बैठा लिया था, लेकिन उन्होंने बाइक पकौड़ी के ठेले के पास नहीं रोकी। वह मुझे एक सफेद रंग की कार के पास ले गए। जिसमें पहले से दो अंकल बैठे थे, उन्होंने मुझे कार में बैठा लिया। इसके बाद उन्होंने कार चला दी। उन्होंने कई बार मेरा गला पकड़ा। आंखें दिखाकर डरा रहे थे। मेरा मुंह भी पकड़ा था। मुझे कोल्ड ड्रिंक पिलाई। रात में होटल में ले गए थे। वहां भी उन्होंने मुझे दाल रोटी खिलाई। चिप्स दिलाए। सुबह मुझे पापा से मिलने के लिए कह रहेे थे। सुबह को मुझे उठाया और बस के पास लेकर आए। एक अंकल ने मुझे बस में बैठा दिया था। उन्होंने ही फ्रूटी और कागज की मुझे थी। वो बार बार मेरे डैडी को फोन भी कर रहे थे।
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ध्रुव के घर लौटने पर की पूजा पाठ
मुरादाबाद। ध्रुव के घर लौटने पर सभी ने खुशी मनाई। मां, दादी और मौसी ने उसकी आरती की। बेटे को गले लगाकर सभी ईश्वर को याद कर रहे थे। इसके बाद गौरव और उसी पत्नी ने मंदिर में पूजा की।
गोद में टेडी बीयर रखकर मोबाइल पर खेला गेम
मुरादाबाद। पांच साल के मासूम ने घर पहुंचने के बाद सबसे पहले अपनी मां से टेडी बीयर मांगा। बच्चे ने टेडी बीयर को गले लगा लिया। इसके बाद वह बेड पर बैठाकर खेलने लगा। अपने डैडी से मोबाइल लिया। उसने उस पर गेम खेलना शुरू किया।