मुरादाबाद। दिल्ली रोड स्थित एक होटल में मंगल-मिलन-परिवार-समारोह का आयोजन लाला ओमप्रकाश अग्रवाल मेमोरियल ट्रस्ट ने किया। समारोह में प्रसिद्ध कथा वाचक संत विजय कौशल महाराज ने अपनी वाणी से आध्यात्मिक रसामृत की वर्षा की। उन्होंने कहा कि आंखो से सिर्फ भगवान की मूरत देखी जा सकती है। यदि भगवान (परम शक्ति) का अनुभव करना है तो ध्यान की आवश्यकता होगी।
सज्जनों की विद्या ज्ञान के लिए, धन दान के लिए और शक्ति दूसरों की सहायता के लिए होती है। धनवान व्यक्ति को अपनी आय का कुछ हिस्सा साधु संतों एवं दीन दुखियों की सेवा में लगाकर, मनुष्य जन्म सफल कर लेना चाहिए। जो धनवान नहीं हैं उन्हें तन और मन से वंचितों की सहायता करनी चाहिए। विजय कौशल महाराज ने वृंदावन में सर्वसुविधा युक्त अस्पताल, यात्रियों के लिए निशुल्क रसोईघर आदि के बारे चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह सब काम दान के रुपयों से हो रहा है। इससे हजारों लोगों को निशुल्क भोजन और चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि ईश्वर पर विश्वास दृढ़ करने के लिए भगवान् के अनन्य भक्तों का चरित्र पढ़ना-सुनना चाहिए। भगवान पर विश्वास समस्त विपत्तियों को दूर कर देता है। महापुरुषों के सिद्धांतों को मानना, उन्हें अपने जीवन में उतारना चाहिए। भगवान श्री राम की आरती से कार्यक्रम को विश्राम दिया गया। इसमें मौके पर महापौर विनोद अग्रवाल, महेश चंद्र अग्रवाल, धीरशांत दास अर्द्धमौनी, रजनीश अग्रवाल, राजेश रस्तौगी, प्रिया अग्रवाल, अल्पना रितेश गुप्ता, गिरीश वर्मा, डॉ. विशेष गुप्ता, कृष्ण कुमार अग्रवाल, अनिमेष शर्मा, धवल दीक्षित, अजय शर्मा, प्रीति कश्यप आदि का सहयोग रहा।