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Moradabad News: असालतपुरा चौराहे से सब्जी मंडी तक जाम...फिर भी नहीं कोई इंतजाम
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मुरादाबाद। असालतपुरा चौराहे से सब्जी मंडी तक ट्रैफिक जाम होने और साफ-सफाई नहीं होने से दुकानदार परेशान हैं। दुकानदारों का कहना है कि रोज-रोज जाम लगने की वजह से ग्राहक दूसरी दुकानों पर सामान खरीदने चले जाते हैं। यहां पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं है। कई बार तो खुद ही जाम खुलवाना पड़ता है। साफ-सफाई करने के लिए सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। कूड़ा भी खुद ही फेंकना होता है।
असालतपुरा चौराहे से सब्जी मंडी तक करीब 350 दुकानें हैं। इन दुकानों पर रसोई समेत अन्य घरेलू सामान मिलते हैं। असालतपुरा चौराहे से सब्जी मंडी तक सड़क काफी पतली है। कुछ दुकानदार सड़क किनारे दोनों ओर सामान रखकर बेचते हैं तो कुछ कॉमर्शियल वाहनों से सामान उतरवाते हैं। इसकी वजह से जाम की समस्या बनी रहती है।
दुकानदारों का कहना है कि पतली गली होने के बाद भी दिनभर कॉमर्शियल वाहन खड़े रहते हैं। इसकी वजह से ई-रिक्शा, दो पहिया वाहनों को निकलने में काफी दिक्कत होती है। एक साइड से आने वाले वाहनों को निकालने के लिए दूसरे साइड के वाहनों को रोकना पड़ता है। इसकी वजह से भीड़ बढ़ने लगती है और जाम लग जाता है। जाम खुलवाने के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं है।
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दुकानदार बोले
-कॉमर्शियल वाहनों को बाजार में लाने के लिए सुबह 10 बजे के पहले का समय निर्धारित किया जाना चाहिए, ताकि बाजार लगने पर जाम न लगे। इससे दुकानदारों और ग्राहकों को कोई समस्या नहीं होगी।
- आशु, दुकानदार
-यहां पर सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। लोग खुद सफाई करते हैं। कूड़ा भी दुकानदार खुद फेंकने जाते हैं। कूड़ेदान की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां पर जाम दिनभर लगा रहता है। आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
-शाकिब, दुकानदार
-कॉमर्शियल वाहनों के रास्ते में खड़े हो जाने से ई-रिक्शा की लाइन लग जाती है। जाम की वजह से पैदल व दो पहिया वाहन चालक नहीं निकल पाते हैं। लोग वापस भी चले जाते हैं। इससे दुकानदारी प्रभावित होती है।
- चंद्र प्रकाश गुप्ता, दुकानदार
-बाजार में जब काफी भीड़ होती है तो जाम लगने पर सामान की चोरी भी होती है। कई दुकानदारों का सामान चोरी हो गया है। दिनभर में 10 से 15 कॉमर्शियल वाहनों को खड़ा कर माल उतारा जाता है।
-मयंक गुप्ता, दुकानदार
-सोमवार को सबसे ज्यादा जाम लगता है। क्योंकि मंगलवार को बाजार बंद होने की वजह से भारी संख्या में ग्राहक सामान खरीदने आते हैं। जाम खुलवाने के लिए सप्ताह में एक भी दिन पुलिसकर्मी तैनात नहीं रहते हैं।
-सुभान, दुकानदार
-कुछ दुकानदार सामान को सड़क के बाहर निकालकर रखते हैं। इन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कॉमर्शियल वाहनों को बाजार में आने पर रोक लगा देनी चाहिए ताकि जाम न लगे।
-दिनेश रस्तोगी, दुकानदार
-ट्रैफिक जाम की समस्या के अलावा बाजार की नालियां भी चोक हैं। साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
-मतलूब, दुकानदार
-दुकानों के सामने जाम लगने से ग्राहक नहीं आते हैं। ट्रैफिक पुलिस की ओर से ई-रिक्शाओं, भारी वाहनों पर रोक लगा देनी चाहिए। कम से कम संख्या में ई-रिक्शा बाजार में आएं। भारी वाहनों का बाजार में आने का समय निर्धारित कर देना चाहिए।
-आजम, दुकानदार
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असालतपुरा चौराहे से सब्जी मंडी तक करीब 350 दुकानें हैं। इन दुकानों पर रसोई समेत अन्य घरेलू सामान मिलते हैं। असालतपुरा चौराहे से सब्जी मंडी तक सड़क काफी पतली है। कुछ दुकानदार सड़क किनारे दोनों ओर सामान रखकर बेचते हैं तो कुछ कॉमर्शियल वाहनों से सामान उतरवाते हैं। इसकी वजह से जाम की समस्या बनी रहती है।
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दुकानदारों का कहना है कि पतली गली होने के बाद भी दिनभर कॉमर्शियल वाहन खड़े रहते हैं। इसकी वजह से ई-रिक्शा, दो पहिया वाहनों को निकलने में काफी दिक्कत होती है। एक साइड से आने वाले वाहनों को निकालने के लिए दूसरे साइड के वाहनों को रोकना पड़ता है। इसकी वजह से भीड़ बढ़ने लगती है और जाम लग जाता है। जाम खुलवाने के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं है।
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दुकानदार बोले
-कॉमर्शियल वाहनों को बाजार में लाने के लिए सुबह 10 बजे के पहले का समय निर्धारित किया जाना चाहिए, ताकि बाजार लगने पर जाम न लगे। इससे दुकानदारों और ग्राहकों को कोई समस्या नहीं होगी।
- आशु, दुकानदार
-यहां पर सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। लोग खुद सफाई करते हैं। कूड़ा भी दुकानदार खुद फेंकने जाते हैं। कूड़ेदान की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां पर जाम दिनभर लगा रहता है। आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
-शाकिब, दुकानदार
-कॉमर्शियल वाहनों के रास्ते में खड़े हो जाने से ई-रिक्शा की लाइन लग जाती है। जाम की वजह से पैदल व दो पहिया वाहन चालक नहीं निकल पाते हैं। लोग वापस भी चले जाते हैं। इससे दुकानदारी प्रभावित होती है।
- चंद्र प्रकाश गुप्ता, दुकानदार
-बाजार में जब काफी भीड़ होती है तो जाम लगने पर सामान की चोरी भी होती है। कई दुकानदारों का सामान चोरी हो गया है। दिनभर में 10 से 15 कॉमर्शियल वाहनों को खड़ा कर माल उतारा जाता है।
-मयंक गुप्ता, दुकानदार
-सोमवार को सबसे ज्यादा जाम लगता है। क्योंकि मंगलवार को बाजार बंद होने की वजह से भारी संख्या में ग्राहक सामान खरीदने आते हैं। जाम खुलवाने के लिए सप्ताह में एक भी दिन पुलिसकर्मी तैनात नहीं रहते हैं।
-सुभान, दुकानदार
-कुछ दुकानदार सामान को सड़क के बाहर निकालकर रखते हैं। इन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कॉमर्शियल वाहनों को बाजार में आने पर रोक लगा देनी चाहिए ताकि जाम न लगे।
-दिनेश रस्तोगी, दुकानदार
-ट्रैफिक जाम की समस्या के अलावा बाजार की नालियां भी चोक हैं। साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
-मतलूब, दुकानदार
-दुकानों के सामने जाम लगने से ग्राहक नहीं आते हैं। ट्रैफिक पुलिस की ओर से ई-रिक्शाओं, भारी वाहनों पर रोक लगा देनी चाहिए। कम से कम संख्या में ई-रिक्शा बाजार में आएं। भारी वाहनों का बाजार में आने का समय निर्धारित कर देना चाहिए।
-आजम, दुकानदार