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लैपटॉप के लिए जाम-हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Tue, 27 Dec 2016 02:35 AM IST
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कलेक्ट्रेट में छात्र-छात्राओं को लैपटॉप ना मिलने पर प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स को समझाते अघिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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फ्री लैपटॉप वितरण योजना के तहत जिन छात्र-छात्राओं को लैपटॉप नहीं मिला है, उन्होेंने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। कुछ देर बाद जिलाधिकारी के पहुंचने पर विद्यार्थियों ने उनसे बात की।
छात्र-छात्राओं की भीड़ को संभालने के लिए कलेक्ट्रेट प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। डीएम के आश्वासन के बाद छात्र-छात्राएं वापस लौटे। फ्री लैपटॉप वितरण योजना के तहत शिक्षा विभाग ने शुक्रवार तक जनपद के 1890 मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप बांटे।
जिले के कुल 2029 विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए जाने हैं। शेष 139 छात्रों को विभाग ने सोमवार को लैपटॉप बांटने के लिए बुलाया था। लैपटॉप का वितरण दोपहर दो बजे से होना था। लेकिन इससे पहले ही साढ़े 11 बजे के करीब वे छात्र-छात्राएं जिनका इस योजना के अंतर्गत बनी मेरिट लिस्ट में नाम नहीं है, वे कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
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यहां पहुंचने के बाद छात्र-छात्राओं ने लैपटॉप चाहिए.. लैपटॉप चाहिए.. के नारे लगाने शुरू कर दिए। कलेक्ट्रेट में करीब आधे घंटे बाद पहुंचे जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर को छात्र-छात्राओं ने रोक लिया। इसके बाद डीएम अपने कक्ष में चले गए लेकिन छात्र नारेबाजी करते रहे।
जिला प्रशासन की ओर से छात्र-छात्रों में से पांच विद्यार्थियों को अपनी बात रखने को बुलाया गया। टीम ने जिलाधिकारी से कहा कि 2015-16 में हाईस्कूल और इंटर में प्रथम श्रेणी से पास हुए सभी विद्यार्थियों को लैपटॉप मिलना चाहिए।
डीएम ने छात्रों को इस योजना के मानकों के बारे में बताया लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं हुए। इस पर डीएम ने कहा कि वे शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से इस संबंध में बात करेंगे। इसके बाद छात्र-छात्राएं शांत हुए और अपने घरों को लौटे।
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छात्र-छात्राओं की भीड़ को संभालने के लिए कलेक्ट्रेट प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। डीएम के आश्वासन के बाद छात्र-छात्राएं वापस लौटे। फ्री लैपटॉप वितरण योजना के तहत शिक्षा विभाग ने शुक्रवार तक जनपद के 1890 मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप बांटे।
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जिले के कुल 2029 विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए जाने हैं। शेष 139 छात्रों को विभाग ने सोमवार को लैपटॉप बांटने के लिए बुलाया था। लैपटॉप का वितरण दोपहर दो बजे से होना था। लेकिन इससे पहले ही साढ़े 11 बजे के करीब वे छात्र-छात्राएं जिनका इस योजना के अंतर्गत बनी मेरिट लिस्ट में नाम नहीं है, वे कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
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यहां पहुंचने के बाद छात्र-छात्राओं ने लैपटॉप चाहिए.. लैपटॉप चाहिए.. के नारे लगाने शुरू कर दिए। कलेक्ट्रेट में करीब आधे घंटे बाद पहुंचे जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर को छात्र-छात्राओं ने रोक लिया। इसके बाद डीएम अपने कक्ष में चले गए लेकिन छात्र नारेबाजी करते रहे।
जिला प्रशासन की ओर से छात्र-छात्रों में से पांच विद्यार्थियों को अपनी बात रखने को बुलाया गया। टीम ने जिलाधिकारी से कहा कि 2015-16 में हाईस्कूल और इंटर में प्रथम श्रेणी से पास हुए सभी विद्यार्थियों को लैपटॉप मिलना चाहिए।
डीएम ने छात्रों को इस योजना के मानकों के बारे में बताया लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं हुए। इस पर डीएम ने कहा कि वे शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से इस संबंध में बात करेंगे। इसके बाद छात्र-छात्राएं शांत हुए और अपने घरों को लौटे।