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नशा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़: कार का सीएनजी सिलेंडर काटकर बनाया गांजे का भंडार, दो महिलाओं समेत पांच गिरफ्तार
Mon, 06 Jun 2022 06:59 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद।
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद।
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 06 Jun 2022 06:59 AM IST
सार
पुलिस ने गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए कार के सीएनजी सिलेंडर को काट कर गांजा भंडार बना डाला। ये गांजे को छिपा कर विशाखापट्टनम से मुजफ्फरपुर पहुंचाया
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
पुलिस और नारकोटिक्स विभाग को धोखा देने के लिए मादक पदार्थ तस्करों ने कार के सीएनजी सिलेंडर को काट कर गांजा भंडार बना डाला। सिलेंडर और कार की पिछली सीटों में 27 किलोग्राम गांजा छिपा कर विशाखापट्टनम से लेकर मुजफ्फरनगर जा रहे थे, लेकिन अगवानपुर में पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
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एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता कर गांजा तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि एक कार में तस्करी कर गांजा लाया जा रहा है। सूचना पर अगवानपुर में वाहन चेकिंग के लिए नाका लगाया गया। एक कार के चालक ने पुलिस को देख कर कार भगाने का प्रयास किया। पीछा कर उसे रोका गया। कार में दो महिला और तीन पुरुष सवार थे।
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तलाशी में कुछ नहीं मिला, लेकिन मुखबिर ने फोन पर गांजा मौजूद होने और ठीक से तलाशी लेने को कहा। दोबारा तलाशी ली गई तो सीएनजी सिलेंडर के निचले हिस्से में गड़बड़ी दिखी। खोल कर देखा गया तो सीएनजी सिलेंडर को काट कर उसमें गांजे का भंडारण किया गया था। कार की पिछली सीट को फाड़ा गया तो वहां भी गांजा भरा हुआ मिला। कुल 27 किलोग्राम गांजा बरामद होने पर सबको हिरासत में ले लिया गया।
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पकड़े गए लोगों ने परिचय शंकर सिंह नेगी, निवासी ज्योति रबर के पास छपरौला थाना बादलपुर जिला गौतमबुद्धनगर, सचिन उर्फ सतेंद्र निवासी ग्राम और थाना रतनपुरी जिला मुजफ्फर नगर, लव कुमार निवासी ग्राम गारडी थाना सलिया जिला बलोदा बाजार (छत्तीसगढ़), प्रतिमा निवासी ग्राम भोरी थाना तुमगोव जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़) और शाहजहां निवासी ग्राम कुंआ भट्टा थाना मणिकपुर जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) बताया।
38 घंटे के सफर में तीन राज्य और 19 जिले पार किए, नहीं पकड़े गए
अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करों ने विशाखापट्टनम से मुरादाबाद का करीब 1780 किलोमीटर का सफर अपनी कार से 38 घंटे में तय किया। इस दौरान उन्होंने आंध्र्रप्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश राज्य और 19 जिलों की सीमा पार की। बावजूद इसके कहीं भी पुलिस ने इन्हें नहीं पकड़ा। पुलिस सूत्रों के अनुसार तस्कर यहां से भी निकल जाते लेकिन पीछे एक जिले में इन लोगों ने कुछ माल सप्लाई किया था। वहां मुखबिर को इसकी भनक लग गई थी। उसने कार में गांजा होने की पक्की खबर दी थी। पहली बार तलाशी में तो कुछ नहीं मिला था लेकिन मुखबिर के पुख्ता होने पर दूसरी बार तलाशी ली गई तब गांजा हाथ लगा।
मुजफ्फरनगर व आसपास के इलाके में देते थे सप्लाई
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि आरोपी शातिर तस्कर हैं। यह ओडिशा से मादक पदार्थ और गांजे की तस्करी करते हैं। पूछताछ में इन आरोपियों ने बताया कि वह इस माल को मुजफ्फरनगर तथा उसके आसपास के क्षेत्र में तय लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं।
पुलिस को शक न हो इसलिए महिलाओं को साथ रखते थे
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी तस्कर अपने साथ महिलाओं को इसलिए रखते हैं ताकि चेकिंग के दौरान पुलिस उन पर शक न करे। ऐसा प्रतीत हो कि कार में एक ही परिवार के लोग जा रहे हैं। पुलिस के रोकने पर सचिन ने प्रतिमा को अपनी पत्नी बताया और शंकर ने शाहजहां को अपनी गर्लफ्रेंड। एसपी ने बताया कि सचिन और शंकर पहले भी दिल्ली, छत्तीसगढ़ में एनडीपीएस के तहत जेल जा चुके हैं। महिलाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
बारह गुना मुनाफे की लालच में उतरे धंधे में
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि उड़ीसा में गांजा दो से ढाई हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह 35 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकता है। बहुत मोटा मुनाफा होने की लालच में यह लोग मादक पदार्थ के धंधे में उतरे। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए कार और महिलाओं का इस्तेमाल किया गया। बताया कि कार सचिन की है, इसे कुर्क किया जाएगा।
सहयोगियों की तलाश के लिए खंगाले जा रहे फोन
एसपी सिटी ने बताया कि गांजे के साथ गिरफ्तार किए गए यह तस्कर मुजफ्फरनगर तथा उसके आसपास के इलाकों में किन लोगों को माल सप्लाई करते थे, इनके नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं उनकी तलाश की जा रही है। इसके लिए पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बरामद मोबाइल की कॉल डिटेल निकवा रही है। जिससे इनके नेटवर्क के लोगों तक पुलिस पहुंच सके।
अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करों ने विशाखापट्टनम से मुरादाबाद का करीब 1780 किलोमीटर का सफर अपनी कार से 38 घंटे में तय किया। इस दौरान उन्होंने आंध्र्रप्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश राज्य और 19 जिलों की सीमा पार की। बावजूद इसके कहीं भी पुलिस ने इन्हें नहीं पकड़ा। पुलिस सूत्रों के अनुसार तस्कर यहां से भी निकल जाते लेकिन पीछे एक जिले में इन लोगों ने कुछ माल सप्लाई किया था। वहां मुखबिर को इसकी भनक लग गई थी। उसने कार में गांजा होने की पक्की खबर दी थी। पहली बार तलाशी में तो कुछ नहीं मिला था लेकिन मुखबिर के पुख्ता होने पर दूसरी बार तलाशी ली गई तब गांजा हाथ लगा।
मुजफ्फरनगर व आसपास के इलाके में देते थे सप्लाई
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि आरोपी शातिर तस्कर हैं। यह ओडिशा से मादक पदार्थ और गांजे की तस्करी करते हैं। पूछताछ में इन आरोपियों ने बताया कि वह इस माल को मुजफ्फरनगर तथा उसके आसपास के क्षेत्र में तय लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं।
पुलिस को शक न हो इसलिए महिलाओं को साथ रखते थे
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी तस्कर अपने साथ महिलाओं को इसलिए रखते हैं ताकि चेकिंग के दौरान पुलिस उन पर शक न करे। ऐसा प्रतीत हो कि कार में एक ही परिवार के लोग जा रहे हैं। पुलिस के रोकने पर सचिन ने प्रतिमा को अपनी पत्नी बताया और शंकर ने शाहजहां को अपनी गर्लफ्रेंड। एसपी ने बताया कि सचिन और शंकर पहले भी दिल्ली, छत्तीसगढ़ में एनडीपीएस के तहत जेल जा चुके हैं। महिलाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
बारह गुना मुनाफे की लालच में उतरे धंधे में
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि उड़ीसा में गांजा दो से ढाई हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह 35 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकता है। बहुत मोटा मुनाफा होने की लालच में यह लोग मादक पदार्थ के धंधे में उतरे। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए कार और महिलाओं का इस्तेमाल किया गया। बताया कि कार सचिन की है, इसे कुर्क किया जाएगा।
सहयोगियों की तलाश के लिए खंगाले जा रहे फोन
एसपी सिटी ने बताया कि गांजे के साथ गिरफ्तार किए गए यह तस्कर मुजफ्फरनगर तथा उसके आसपास के इलाकों में किन लोगों को माल सप्लाई करते थे, इनके नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं उनकी तलाश की जा रही है। इसके लिए पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बरामद मोबाइल की कॉल डिटेल निकवा रही है। जिससे इनके नेटवर्क के लोगों तक पुलिस पहुंच सके।