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बड़े नोट खपाने को खूब दौड़ाई गाड़ी, बढ़ा दिया प्रदूषण
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Thu, 08 Dec 2016 02:36 AM IST
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मुरादाबाद में बढ़ा प्रदूषण
- फोटो : demo
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नोटबंदी में बड़े नोट खपाने को मुरादाबाद वालों ने खूब गाड़ी दौड़ाई। लोगों ने हजार और पांच सौ के नोट का इस्तेमाल तेल भरने में किया। यही वजह रही कि इस साल अक्तूबर की तुलना में नवंबर महीने में पेट्रोल और डीजल की बिक्री डेढ़ गुना अधिक हो गई। इसका प्रदूषण पर भी पड़ा। पिछले तीन सालों की तुलना में इस नवंबर सबसे अधिक प्रदूषण मांपा गया है। रेस्प्राइटेबल सस्पेंडेट पर्टिकुलेट मैटर (आरएसपीएम) और सस्पेंडेट पर्टिकुलेट मैटर (एसपीएम) में इजाफा हुआ है।
आठ नवंबर की आधी रात से हजार और पांच सौ के नोट पर पाबंदी लगा दी गई। हालांकि केंद्र सरकार ने करीब दस से पंद्रह जगहों पर बड़े नोट लेने की छूट दे रखी थी। इसमें सरकारी अस्पताल, रोडवेज, रेलवे टिकट, पेट्रोल पंप आदि शामिल थे। पेट्रोल पंपों पर बड़े नोटों से 100 और 200 रुपये में तेल नहीं भरे गए। खुले पैसा वापस नहीं मिलने पर लोगों ने हजार और पांच सौ के नोट का पूरा तेल भरवा लिया। ये हाल जिले भर के पेट्रोल पंपों का रहा।
जहां लोगों का सौ रुपये के तेल में काम चल जाता था वहां लोगों ने हजार और पांच सौ का तेल भराया। नतीजतन जिले में पेट्रोल और डीजल की खपत बढ़ गई। अक्तूबर की तुलना में नवंबर में डेढ़ गुना अधिक पेट्रोल डीजल की खपत हुई। वहीं टंकी भरी होने पर लोगों ने गाड़ियां भी दौड़ाई। इसका नतीजा यह हुआ कि शहर में एयर पाल्यूशन बढ़ गया। वर्ष 2015 और 2014 के नवंबर महीने की तुलना में इस नवंबर में प्रदूषण सबसे अधिक रहा। बुधबाजार और पीटीसी इलाके में आरएसपीएम और एसपीएम में वृद्धि मांपी गई।
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नोटबंदी से पेट्रोल डीजल की खपत बढ़ी
मुरादाबाद। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार का कहना है कि जिले के साठ पेट्रोल पंपों पर नवंबर महीने में पेट्रोल और डीजल की खपत बढ़ी है। अक्तूबर में डीजल करीब 10,800 केएल और पेट्रोल 7200 केएल की खपत हुई। जबकि नवंबर में डीजल 16200 केएल और पेट्रोल 10800 केएल की खपत हो गई।
नवंबर में प्रदूषण उम्मीद से अधिक
मुरादाबाद। एयर पाल्यूशन से जुुड़ी हिंदू कालेज की एसोेेेेसिएट प्रोफेसर डा. अनामिका त्रिपाठी का कहना है कि आमतौर पर सर्दियों में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। लेकिन इस साल नवंबर में पिछले दो सालों की तुलना में प्रदूषण अधिक है। इसके पीछे ठंड के जल्दी आने के साथ-साथ वाहनों का अधिक संचालन करना भी हो सकता है। क्योंकि ई-कचरा के बाद सबसे अधिक गाड़ियों से वायु प्रदूषण फैलता है।
अक्तूबर और नवंबर में पेट्रोल डीजल की बिक्री
महीना-----------डीजल-----------------पेट्रोल
अक्तूबर-------10,800 केएल---------7200 केएल
नवंबर---------16200 केएल----------10,800 केएल
नोट : एक केएल (किलो लीटर) में एक हजार लीटर होता है।
बुधबाजार का प्रदूषण
वर्ष 2016--------वर्ष 2015----------2014
एसओ टू-----------28--------------21---------------17
एनओ टू-----------45--------------37----------------39
आरएसपीएम-------257-------------229---------------212
एसपीएम-----------481------------398---------------361
पीटीसी का प्रदूषण
वर्ष 2016--------वर्ष 2015----------2014
एसओ टू-----------21--------------15---------------09
एनओ टू-----------34--------------26----------------20
आरएसपीएम-------190-------------169---------------142
एसपीएम-----------332------------265---------------201
आठ नवंबर की आधी रात से हजार और पांच सौ के नोट पर पाबंदी लगा दी गई। हालांकि केंद्र सरकार ने करीब दस से पंद्रह जगहों पर बड़े नोट लेने की छूट दे रखी थी। इसमें सरकारी अस्पताल, रोडवेज, रेलवे टिकट, पेट्रोल पंप आदि शामिल थे। पेट्रोल पंपों पर बड़े नोटों से 100 और 200 रुपये में तेल नहीं भरे गए। खुले पैसा वापस नहीं मिलने पर लोगों ने हजार और पांच सौ के नोट का पूरा तेल भरवा लिया। ये हाल जिले भर के पेट्रोल पंपों का रहा।
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जहां लोगों का सौ रुपये के तेल में काम चल जाता था वहां लोगों ने हजार और पांच सौ का तेल भराया। नतीजतन जिले में पेट्रोल और डीजल की खपत बढ़ गई। अक्तूबर की तुलना में नवंबर में डेढ़ गुना अधिक पेट्रोल डीजल की खपत हुई। वहीं टंकी भरी होने पर लोगों ने गाड़ियां भी दौड़ाई। इसका नतीजा यह हुआ कि शहर में एयर पाल्यूशन बढ़ गया। वर्ष 2015 और 2014 के नवंबर महीने की तुलना में इस नवंबर में प्रदूषण सबसे अधिक रहा। बुधबाजार और पीटीसी इलाके में आरएसपीएम और एसपीएम में वृद्धि मांपी गई।
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नोटबंदी से पेट्रोल डीजल की खपत बढ़ी
मुरादाबाद। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार का कहना है कि जिले के साठ पेट्रोल पंपों पर नवंबर महीने में पेट्रोल और डीजल की खपत बढ़ी है। अक्तूबर में डीजल करीब 10,800 केएल और पेट्रोल 7200 केएल की खपत हुई। जबकि नवंबर में डीजल 16200 केएल और पेट्रोल 10800 केएल की खपत हो गई।
नवंबर में प्रदूषण उम्मीद से अधिक
मुरादाबाद। एयर पाल्यूशन से जुुड़ी हिंदू कालेज की एसोेेेेसिएट प्रोफेसर डा. अनामिका त्रिपाठी का कहना है कि आमतौर पर सर्दियों में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। लेकिन इस साल नवंबर में पिछले दो सालों की तुलना में प्रदूषण अधिक है। इसके पीछे ठंड के जल्दी आने के साथ-साथ वाहनों का अधिक संचालन करना भी हो सकता है। क्योंकि ई-कचरा के बाद सबसे अधिक गाड़ियों से वायु प्रदूषण फैलता है।
अक्तूबर और नवंबर में पेट्रोल डीजल की बिक्री
महीना-----------डीजल-----------------पेट्रोल
अक्तूबर-------10,800 केएल---------7200 केएल
नवंबर---------16200 केएल----------10,800 केएल
नोट : एक केएल (किलो लीटर) में एक हजार लीटर होता है।
बुधबाजार का प्रदूषण
वर्ष 2016--------वर्ष 2015----------2014
एसओ टू-----------28--------------21---------------17
एनओ टू-----------45--------------37----------------39
आरएसपीएम-------257-------------229---------------212
एसपीएम-----------481------------398---------------361
पीटीसी का प्रदूषण
वर्ष 2016--------वर्ष 2015----------2014
एसओ टू-----------21--------------15---------------09
एनओ टू-----------34--------------26----------------20
आरएसपीएम-------190-------------169---------------142
एसपीएम-----------332------------265---------------201