{"_id":"62cb32951bce2971410ae778","slug":"illegal-telephone-exchange-caught-moradabad-news-mbd4342027150","type":"story","status":"publish","title_hn":"मझोला में पकड़ा गया फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज दो भाई गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मझोला में पकड़ा गया फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज दो भाई गिरफ्तार
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मुरादाबाद। एसओजी और मझोला पुुलिस ने नईबस्ती आजादनगर स्थित किराए के मकान में छापा मारकर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अवैध टेलीफोन एक्सचेंस का खुलासा किया। पुलिस ने मौके से 63000 रुपये नकद, 508 सिम कार्ड, नौ एटीएम, 45 सिप्रल एंटीना, आठ केबल सहित अन्य सामान बरामद कर दो सगे भाइयों को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक जांच से पता चला कि पूरे नेटवर्क का मास्टर माइंड (संचालक) सऊदी अरब में मौजूद है। गिरफ्तार युवकों को संचालक 20-20 हजार रुपये महीना देता था। दोनों भाई सस्ते दर पर विदेशों की कॉल कराते थे। पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
पुलिस लाइन में एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने पत्रकार वार्ता के दौरान अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा करते हुए ये जानकारियां दी। एसपी सिटी ने बताया कि मुखबिर से सूचना पर मझोला थाना प्रभारी धनंजय सिंह के साथ एसओजी की टीम ने आजादनगर स्थित भूरे इस्लाम के आवास में छापा मारा। पुलिस ने आवास से सात सिम बाक्स (यूसी2000) गेट वे, दो लैपटॉप, इंवर्टर, जिओ फाइबर बाक्स (वाईफाई एसएसआईडी), एक राउटर, 13 केबल, 45 सिप्रल एंटीना, आठ नेटवर्किंग केबल, जेट किंग कोर्स की एक किताब, एक डायरी, तीन मोबाइल सेट, नौ एटीएम, 508 सिम कार्ड, 63000 रुपये नकद बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने डोमघर कुंदरकी निवासी मोहम्मद कदीम और उसके छोटे भाई मोहम्मद मेहराज के खिलाफ धारा 420,467,468,471,4/20/21/25 भारतीय तार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
सऊदी अरब के व्यक्ति ने दिया था एक्सचेंज चलाने का काम
पूछताछ से पता चला कि गिरफ्तार कदीम मार्च में सऊदी अरब गया था। वहां एक अज्ञात व्यक्ति ने कदीम को टेलीफोन एक्सचेंज लगाने और पैसा कमाने का प्रस्ताव रखा। कदीम उसका प्रस्ताव मान लिया। इसके बाद कदीम ने लालच में आकर अपने छोटे भाई मेहराज को एक्सचेंज चलाने के लिए तैयार किया। दोनों ने काशीपुर उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) निवासी अपने भांजे मोहम्मद जोहरा उर्फ सरफराज से सामान की व्यवस्था कराई। अज्ञात व्यक्ति ने भाइयों को बताया था कि सिम कार्डों की व्यवस्था राजस्थान के रहने वाले राहुल जैन ने की है। तय योजना के तहत कदीम ने आजादनगर में किराए का मकान लिया और एक्सचेंज शुरू कर दिया। गिरफ्तार भाइयों ने सरकार से कोई लाइसेंस नहीं लिया था। देश को चूना लगाने के लिए दोनों भाई विदेश के लोगों की बात सस्ते दर पर कराते थे। सऊदी अरब का संचालक दोनों भाइयों को टेलीफोन एक्सचेंज चलाने के लिए 20-20 हजार रुपये प्रतिमाह देता था।
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संचालक बांग्लादेश का होने की संभावना
गिरफ्तार आरोपी इंटरनेशनल कॉल को लोकल कॉल में परिवर्तित करने का काम करते थे। आरोपियों ने बताया कि वे वीवीआईपी कॉल को सिम बाक्स के माध्यम से जीएसएम कॉल में परिवर्तित कर बात कराते थे। सऊदी अरब का संचालक ही बात कराने का पैसा लेता था। एसपी सिटी का कहना है कि गिरफ्तार लोगों ने सऊदी के नागरिक के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है। कयास लगाया जा रहा है कि संचालक बांग्लादेश या कोलकाता का हो सकता है। उसने सऊदी की नागरिकता बाद में ली है। इस मामले में कुछ अन्य लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। उनकी भूमिका की पुलिस छानबीन कर रही है।
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पुलिस लाइन में एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने पत्रकार वार्ता के दौरान अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा करते हुए ये जानकारियां दी। एसपी सिटी ने बताया कि मुखबिर से सूचना पर मझोला थाना प्रभारी धनंजय सिंह के साथ एसओजी की टीम ने आजादनगर स्थित भूरे इस्लाम के आवास में छापा मारा। पुलिस ने आवास से सात सिम बाक्स (यूसी2000) गेट वे, दो लैपटॉप, इंवर्टर, जिओ फाइबर बाक्स (वाईफाई एसएसआईडी), एक राउटर, 13 केबल, 45 सिप्रल एंटीना, आठ नेटवर्किंग केबल, जेट किंग कोर्स की एक किताब, एक डायरी, तीन मोबाइल सेट, नौ एटीएम, 508 सिम कार्ड, 63000 रुपये नकद बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने डोमघर कुंदरकी निवासी मोहम्मद कदीम और उसके छोटे भाई मोहम्मद मेहराज के खिलाफ धारा 420,467,468,471,4/20/21/25 भारतीय तार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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सऊदी अरब के व्यक्ति ने दिया था एक्सचेंज चलाने का काम
पूछताछ से पता चला कि गिरफ्तार कदीम मार्च में सऊदी अरब गया था। वहां एक अज्ञात व्यक्ति ने कदीम को टेलीफोन एक्सचेंज लगाने और पैसा कमाने का प्रस्ताव रखा। कदीम उसका प्रस्ताव मान लिया। इसके बाद कदीम ने लालच में आकर अपने छोटे भाई मेहराज को एक्सचेंज चलाने के लिए तैयार किया। दोनों ने काशीपुर उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) निवासी अपने भांजे मोहम्मद जोहरा उर्फ सरफराज से सामान की व्यवस्था कराई। अज्ञात व्यक्ति ने भाइयों को बताया था कि सिम कार्डों की व्यवस्था राजस्थान के रहने वाले राहुल जैन ने की है। तय योजना के तहत कदीम ने आजादनगर में किराए का मकान लिया और एक्सचेंज शुरू कर दिया। गिरफ्तार भाइयों ने सरकार से कोई लाइसेंस नहीं लिया था। देश को चूना लगाने के लिए दोनों भाई विदेश के लोगों की बात सस्ते दर पर कराते थे। सऊदी अरब का संचालक दोनों भाइयों को टेलीफोन एक्सचेंज चलाने के लिए 20-20 हजार रुपये प्रतिमाह देता था।
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संचालक बांग्लादेश का होने की संभावना
गिरफ्तार आरोपी इंटरनेशनल कॉल को लोकल कॉल में परिवर्तित करने का काम करते थे। आरोपियों ने बताया कि वे वीवीआईपी कॉल को सिम बाक्स के माध्यम से जीएसएम कॉल में परिवर्तित कर बात कराते थे। सऊदी अरब का संचालक ही बात कराने का पैसा लेता था। एसपी सिटी का कहना है कि गिरफ्तार लोगों ने सऊदी के नागरिक के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है। कयास लगाया जा रहा है कि संचालक बांग्लादेश या कोलकाता का हो सकता है। उसने सऊदी की नागरिकता बाद में ली है। इस मामले में कुछ अन्य लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। उनकी भूमिका की पुलिस छानबीन कर रही है।