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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   If even a bird so much as flaps its wings in the jail, an alarm will go off in the control room.

Moradabad News: जेल में परिंदा भी पर मारेगा तो कंट्रोल रूम में बजेगा अलार्म

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 02:26 AM IST
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If even a bird so much as flaps its wings in the jail, an alarm will go off in the control room.
मुरादाबाद। जेल में परिंदा भी पर मारेगा तो कंट्रोल रूम में अलार्म बज जाएगा। जेल की दीवारों पर इलेक्टि्रक तार लगाया गया है। अब जेल की दीवारों पर कोई चढ़ने या तारों से छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा तो उसे बिजली का झटका लगेगा।
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मुरादाबाद में जेल का निर्माण 1888 में हुआ था। सुरक्षा के लिहाज से जेल में दो दीवारों होती हैं लेकिन मुरादाबाद की जेल में सिंगल दीवार होने के साथ ही यहां क्षमता से तीन गुना ज्यादा बंदी हैं। 2015 में एक बंदी दीवार फांद कर भाग गया था। इसके बाद से बंदी रक्षक जेल के बाहर और अंदर दोनों तरफ गश्त करते हैं। जेल प्रशासन ने बाहरी सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए चारदीवारी के ऊपर विशेष सुरक्षा तार लगाए हैं। जिनमें बिजली का करंट प्रवाहित किया गया है। यदि कोई व्यक्ति इन तारों को काटने, हटाने या पार करने का प्रयास करेगा तो सुरक्षा सिस्टम सक्रिय हो जाएगा और कंट्रोल रूम में लगा अलार्म बज जाएगा और सुरक्षा कर्मी अलर्ट हो जाएंगे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह ने बताया कि चाहरदीवारी पर तार लगाने के अलावा जेल के अंदर और बाहर 84 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बैरकों में भी कैमरे लगाए गए हैं।
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बंदी के अंगूठे से ही खुलेगा फोन का लॉक
मुरादाबाद। जिला जेल में अब कार्ड नहीं बल्कि बंदी के अंगूठे से फोन का लॉक खुलेगा। नया सिस्टम जेल में लगा दिया गया है। अब तक जेल में बंदियों को कॉल करने के लिए कार्ड आधारित व्यवस्था दी गई थी लेकिन कई मामलों में शिकायत मिली कि कुछ बंदी दूसरे बंदियों के कार्ड का इस्तेमाल कर बातचीत कर रहे थे। इसी समस्या को खत्म करने के लिए जेल प्रशासन ने बायोमेट्रिक आधारित नई प्रणाली लागू की है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक बंदी का अंगूठे का निशान सिस्टम में दर्ज किया गया है। फोन का लॉक तभी खुलेगा जब संबंधित बंदी का बायोमेट्रिक मिलान सफल होगा। इससे कोई अन्य बंदी उसके नाम पर कॉल नहीं कर सकेगा और प्रत्येक बातचीत की पहचान भी स्पष्ट रहेगी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि एक बंदी को सप्ताह में दो बार पांच-पांच मिनट बात करने का मौका दिया जा रहा है। यह कॉल बंदी उन्हें दो नंबरों पर लगा सकेंगे जो नंबर उन्होंने जेल प्रशासन को उपलब्ध कराए हैं। बातचीत की रिकार्डिंग पूरी तरह सुरक्षा रहती है।
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