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Moradabad News: जितना आता था, उतना लिख दिया...अब आपको उलझाना नहीं चाहता
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मुरादाबाद। यूपी बोर्ड की काॅपियां जांच रहे परीक्षकों को प्रतिदिन काॅपियों में विद्यार्थियों के अजब-गजब कारनामे देखने को मिल रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि अभी भी शादी टूटने का कारण सबसे अधिक लिखा जा रहा है। वहीं, डीआईओएस देवेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि अब तक तीन लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा चुकी हैं। उम्मीद है कि समय से पहले मूल्यांकन कार्य समाप्त हो जाएगा।
शहर में पांच केंद्रों पर दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। रविवार को भी पांचों केंद्रों में मूल्यांकन किया गया। एक परीक्षक ने बताया कि रविवार को एक छात्र ने अपनी उत्तर पुस्तिका में सिर्फ तीन पेज पर ही जवाब लिखे थे। इसके बाद लिखा कि जितना आता था, उतना लिख दिया। अब मैं आपको उलझाना नहीं चाहता...इसलिए कह रहा हूं पास कर देना।
परीक्षकों का कहना है कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद भले ही लड़कियां कॅरिअर बनाने की बातें करती हैं, लेकिन पास होने के लिए अभी भी शादी टूटने का कारण सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। छात्र गरीबी का कारण लिखते हैं तो छात्राएं फेल होने पर जल्द शादी कर देने या शादी टूटने को ही कारण के रूप में लिख रही हैं। प्रतिदिन चार से पांच उत्तर पुस्तिकाओं में यही पढ़ने को मिलता है।
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वहीं, डीआईओएस देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि रविवार शाम तक 3,18,070 उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा चुकी हैं। जिले में 65.05 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। इसमें सबसे अधिक 75.97 फीसदी कार्य जीजी हिंदू इंटर कॉलेज में हुआ है, जबकि सबसे कम 51.06 फीसदी कार्य हैविट मुस्लिम इंटर कॉलेज में किया गया है। जिले में 4,88,963 उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए आवंटित की गई हैं। 19 मार्च से शुरू हुआ मूल्यांकन दो अप्रैल तक पूर्ण करना है। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों पर दो अप्रैल से पहले ही कार्य निपट जाएगा।
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शहर में पांच केंद्रों पर दसवीं और 12वीं के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। रविवार को भी पांचों केंद्रों में मूल्यांकन किया गया। एक परीक्षक ने बताया कि रविवार को एक छात्र ने अपनी उत्तर पुस्तिका में सिर्फ तीन पेज पर ही जवाब लिखे थे। इसके बाद लिखा कि जितना आता था, उतना लिख दिया। अब मैं आपको उलझाना नहीं चाहता...इसलिए कह रहा हूं पास कर देना।
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परीक्षकों का कहना है कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद भले ही लड़कियां कॅरिअर बनाने की बातें करती हैं, लेकिन पास होने के लिए अभी भी शादी टूटने का कारण सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। छात्र गरीबी का कारण लिखते हैं तो छात्राएं फेल होने पर जल्द शादी कर देने या शादी टूटने को ही कारण के रूप में लिख रही हैं। प्रतिदिन चार से पांच उत्तर पुस्तिकाओं में यही पढ़ने को मिलता है।
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वहीं, डीआईओएस देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि रविवार शाम तक 3,18,070 उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा चुकी हैं। जिले में 65.05 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। इसमें सबसे अधिक 75.97 फीसदी कार्य जीजी हिंदू इंटर कॉलेज में हुआ है, जबकि सबसे कम 51.06 फीसदी कार्य हैविट मुस्लिम इंटर कॉलेज में किया गया है। जिले में 4,88,963 उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए आवंटित की गई हैं। 19 मार्च से शुरू हुआ मूल्यांकन दो अप्रैल तक पूर्ण करना है। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों पर दो अप्रैल से पहले ही कार्य निपट जाएगा।