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मुरादाबाद: वाहन की किस्त जमा करनी थी... इसलिए आदेश को मार डाला
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मुरादाबाद। मैंने दो साल पहले लोन पर वाहन लिया था। जिसकी हर माह किस्त जमा करनी होती है। जनवरी माह की किस्त जमा नहीं हुई थी। काफी प्रयास के बाद भी वह सात हजार रुपये नहीं जुटा पाया। कंपनी की ओर से वाहन जब्त करने की धमकियां मिल रही थीं। इसलिए उसने आदेश को पहले शराब पिलाई और उसकी हत्या करने के बाद नकदी और मोबाइल लूट लिया था। ये कहना है कि आदेश हत्या के आरोप में पकड़े गए हरिओम सैनी का कहना।
हत्यारोपी हरिओम मूलरूप से रामपुर के सैफनी निवासी है। वह कटघर के पीतल नगरी गोविंद नगर में किराये के मकान पर रहकर पिकअप मैक्स किराये पर चलाता है। आरोपी ने बताया कि मार्च 2021 में पहले लोन पर वाहन लिया था। बीच में उसकी कई किस्त जमा नहीं हुई थी लेकिन बाद में उसने कर्ज लेने के बाद किस्त जमा कर दी थीं। अब जनवरी माह की किस्त छूट गई थी। उसने अपने कई रिश्तेदार और दोस्तों से रुपये उधार मांगे लेकिन किसी ने उसे रुपये नहीं दिए थे। वह दिन रात ये ही सोचता था कि किस्ते के लिए रुपये कहां से आएंगे। तब उसे याद आया कि आदेश उसका वाहन बुक कराकर रामपुर, सैफनी, शाहबाद, बिलारी, चंदौसी और संभल दवाइयां सप्लाई के लिए ले जाता है। वहां से लौटते वक्त उसके पास 60 से 70 हजार रुपये होते थे। कभी कभी तो एक लाख और उससे अधिक भी रकम होती है। पिछले एक सप्ताह से वह आदेश की हत्या की योजना बना रहा था लेकिन मंगलवार को आदेश बस से ही दवाइयां लेकर शाहबाद चला गया था। तब उसने मोबाइल पर आदेश से संपर्क किया। तब आदेश ने बताया था कि आज दवाइयां ज्यादा नहीं थी। इसके लिए वह बस से ही चला गया है। उसने ये भी बताया था कि कुछ व्यापारियों से उसे रुपये लेने हैं।
आरोपी उसे गुलाबबाड़ी शराब की दुकान पर बुला लिया। यहां दोनों से शराब पी। आदेश को अधिक शराब पिलाई थी। जिससे उसे नशा हो गया था।
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बहन से फोन पर चल रह रही थी बात, आदेश के अंतिम बोल थे मारोगे क्या
मुरादाबाद। बाजपुर में रहन वाली आदेश की बहन नीलम वर्मा ने बताया कि वह रोज अपने भाई से रोज फोन पर बात करती थी। मंगलवार रात भी वह पूजा करने के बाद अपने भाई से फोन पर बात कर रही थी। नीलम ने बताया कि भाई ने उन्हें बताया था कि वह वाहन में बैठे हैं और घर जा रहे हैं। घर जाने के बाद ही वह बात करेंगे। इसी दौरान भाई की ओर से आवाज आई कि बैग क्यो छीन रहे हो। भाई मारोगे क्या..., नीलम ने सोचा भाई के साथ कोई और व्यक्ति भी मौजूद है। शायद भाई के साथ कोई घटना हुई है। नीलम ने दोबारा कॉल की लेकिन तब तक फोन बंद हो चुका था। नीलम का शक और गहरा गया। उसने तुरंत अपने भतीजे नितिन को कॉल की और उसे बताया था कि अपने पिता को कॉल करें। नितिन ने भी पिता से फोन पर संपर्क करना चाहा लेकिन उनसे संपर्क नहीं हुआ। इसके बाद नितिन ने दवा कारोबारी प्रेम गुप्ता को जानकारी दी। इसके बाद मझोला और कटघर थाने की पुलिस को सूचना दी। इसके बाद से पुलिस आदेश की तलाश में जुटी थी।
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नितिन पिता के लिए होटल से पैक कराने गया था खाना
बेटे नितिन वर्मा ने बताया कि मंगलवार रात करीब आठ बजे पिता से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि वह रास्ते में हैं। शाहबाद से लौट रहे हैं। उन्होंने होटल से खाना पैक करने के लिए कहा था। इसके बाद नितिन होटल पर पहुंचना और फिर से पिता को फोन किया। तब भी पिता ने ये ही बताया था कि वह अपनी पसंद से कुछ भी पैक करा लाए।
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चार जनवरी को आदेश की पोती के जन्म दिन पार्टी में शामिल हुआ था हत्यारोपी
बेटे ने बताया कि हरिओम सैनी उसके पिता के साथ अक्सर दवाइयों की सप्लाई कराने बाहर जाते थे। इस लिए हरिओम की पिता से दोस्ती हो गई थी। चार जनवरी को नितिन की बेटी निधि का जन्म दिन था। जन्म दिन पार्टी में हरिओम भी शामिल हुआ था। उस वक्त ही पिता ने हरिओम से मिलवाया था।
दस माह पहले हुई थी आदेश की पत्नी की मौत
मुरादाबाद। आदेश के परिवार में एक बेटा नितिन, बेटे की पत्नी, एक पोती और एक पोता है जबकि बेटी की शादी हो चुकी है। नितिन ने बताया कि उसकी मां मीना वर्मा की दस माह पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उन्हें हार्ट की बीमारी थी।
शराब की दुकान पर साथी कर्मचारी ने देखा था हरिओम
हत्याकांड की जांच पड़ताल में जुटी पुलिस ने प्रेम गुप्ता की फर्म में काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की। तब एक कर्मचारी ने बताया कि उसने आदेश को हरिओम के साथ शराब की दुकान पर शराब पीते देखा था। इसके बाद पुलिस ने हरिओम से फोन पर संपर्क किया तो वह बार बार बहाने बनाता रहा। इसके बाद पुलिस उसने फोन बंद कर लिया। जिससे पुलिसका शक और गहरा गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के घर दबिश दी और उसे पकड़ लिया।
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हत्यारोपी हरिओम मूलरूप से रामपुर के सैफनी निवासी है। वह कटघर के पीतल नगरी गोविंद नगर में किराये के मकान पर रहकर पिकअप मैक्स किराये पर चलाता है। आरोपी ने बताया कि मार्च 2021 में पहले लोन पर वाहन लिया था। बीच में उसकी कई किस्त जमा नहीं हुई थी लेकिन बाद में उसने कर्ज लेने के बाद किस्त जमा कर दी थीं। अब जनवरी माह की किस्त छूट गई थी। उसने अपने कई रिश्तेदार और दोस्तों से रुपये उधार मांगे लेकिन किसी ने उसे रुपये नहीं दिए थे। वह दिन रात ये ही सोचता था कि किस्ते के लिए रुपये कहां से आएंगे। तब उसे याद आया कि आदेश उसका वाहन बुक कराकर रामपुर, सैफनी, शाहबाद, बिलारी, चंदौसी और संभल दवाइयां सप्लाई के लिए ले जाता है। वहां से लौटते वक्त उसके पास 60 से 70 हजार रुपये होते थे। कभी कभी तो एक लाख और उससे अधिक भी रकम होती है। पिछले एक सप्ताह से वह आदेश की हत्या की योजना बना रहा था लेकिन मंगलवार को आदेश बस से ही दवाइयां लेकर शाहबाद चला गया था। तब उसने मोबाइल पर आदेश से संपर्क किया। तब आदेश ने बताया था कि आज दवाइयां ज्यादा नहीं थी। इसके लिए वह बस से ही चला गया है। उसने ये भी बताया था कि कुछ व्यापारियों से उसे रुपये लेने हैं।
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आरोपी उसे गुलाबबाड़ी शराब की दुकान पर बुला लिया। यहां दोनों से शराब पी। आदेश को अधिक शराब पिलाई थी। जिससे उसे नशा हो गया था।
बहन से फोन पर चल रह रही थी बात, आदेश के अंतिम बोल थे मारोगे क्या
मुरादाबाद। बाजपुर में रहन वाली आदेश की बहन नीलम वर्मा ने बताया कि वह रोज अपने भाई से रोज फोन पर बात करती थी। मंगलवार रात भी वह पूजा करने के बाद अपने भाई से फोन पर बात कर रही थी। नीलम ने बताया कि भाई ने उन्हें बताया था कि वह वाहन में बैठे हैं और घर जा रहे हैं। घर जाने के बाद ही वह बात करेंगे। इसी दौरान भाई की ओर से आवाज आई कि बैग क्यो छीन रहे हो। भाई मारोगे क्या..., नीलम ने सोचा भाई के साथ कोई और व्यक्ति भी मौजूद है। शायद भाई के साथ कोई घटना हुई है। नीलम ने दोबारा कॉल की लेकिन तब तक फोन बंद हो चुका था। नीलम का शक और गहरा गया। उसने तुरंत अपने भतीजे नितिन को कॉल की और उसे बताया था कि अपने पिता को कॉल करें। नितिन ने भी पिता से फोन पर संपर्क करना चाहा लेकिन उनसे संपर्क नहीं हुआ। इसके बाद नितिन ने दवा कारोबारी प्रेम गुप्ता को जानकारी दी। इसके बाद मझोला और कटघर थाने की पुलिस को सूचना दी। इसके बाद से पुलिस आदेश की तलाश में जुटी थी।
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नितिन पिता के लिए होटल से पैक कराने गया था खाना
बेटे नितिन वर्मा ने बताया कि मंगलवार रात करीब आठ बजे पिता से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि वह रास्ते में हैं। शाहबाद से लौट रहे हैं। उन्होंने होटल से खाना पैक करने के लिए कहा था। इसके बाद नितिन होटल पर पहुंचना और फिर से पिता को फोन किया। तब भी पिता ने ये ही बताया था कि वह अपनी पसंद से कुछ भी पैक करा लाए।
चार जनवरी को आदेश की पोती के जन्म दिन पार्टी में शामिल हुआ था हत्यारोपी
बेटे ने बताया कि हरिओम सैनी उसके पिता के साथ अक्सर दवाइयों की सप्लाई कराने बाहर जाते थे। इस लिए हरिओम की पिता से दोस्ती हो गई थी। चार जनवरी को नितिन की बेटी निधि का जन्म दिन था। जन्म दिन पार्टी में हरिओम भी शामिल हुआ था। उस वक्त ही पिता ने हरिओम से मिलवाया था।
दस माह पहले हुई थी आदेश की पत्नी की मौत
मुरादाबाद। आदेश के परिवार में एक बेटा नितिन, बेटे की पत्नी, एक पोती और एक पोता है जबकि बेटी की शादी हो चुकी है। नितिन ने बताया कि उसकी मां मीना वर्मा की दस माह पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उन्हें हार्ट की बीमारी थी।
शराब की दुकान पर साथी कर्मचारी ने देखा था हरिओम
हत्याकांड की जांच पड़ताल में जुटी पुलिस ने प्रेम गुप्ता की फर्म में काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की। तब एक कर्मचारी ने बताया कि उसने आदेश को हरिओम के साथ शराब की दुकान पर शराब पीते देखा था। इसके बाद पुलिस ने हरिओम से फोन पर संपर्क किया तो वह बार बार बहाने बनाता रहा। इसके बाद पुलिस उसने फोन बंद कर लिया। जिससे पुलिसका शक और गहरा गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के घर दबिश दी और उसे पकड़ लिया।