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Moradabad News: बयानाते सीरत कार्यक्रम में इंसानियत और भाईचारे पर दिया गया जोर
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मुरादाबाद। शहर के मोहल्ला नई बस्ती स्थित कुइयां वाली मस्जिद में चल रहे तीन दिवसीय बयानाते सीरत तैयबा कार्यक्रम में शुक्रवार को पहले दिन इंसानियत, भाईचारे और आपसी सद्भाव का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मदरसा मिस्बाह-उल-उलूम के मौलाना अंसार अहमद कासमी ने पैगंबर मोहम्मद साहब के आदर्श जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अल्लाह और उसके रसूल की तालीमात पर अमल करना हर इंसान की जिम्मेदारी है।
मौलाना ने कहा कि इस्लाम इंसानियत की इज्जत करना सिखाता है। अल्लाह ने किसी एक समुदाय नहीं बल्कि पूरी इंसानियत को सम्मान देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं और जमीन पर रहने वालों पर रहम करते हैं अल्लाह उन पर भी रहम करता है। इंसान को चाहिए कि अपने आचरण से किसी को ठेस न पहुंचाए और समाज में प्रेम व सौहार्द बनाए रखे।
उन्होंने अपनी तकरीर में आगे कहा कि अल्लाह और रसूल के फरमानों पर चलकर ही दीन और आखिरत दोनों को संवारा जा सकता है। अच्छे आचरण से ही इंसान दोनों जहान में सम्मान पाता है।
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इससे पहले कुइयां वाली मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना मुफ्ती मो सलमान कासमी और अन्य धर्मगुरुओं ने भी इस्लाम की बुनियादी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। मदरसे में तालीम हासिल कर रहे छात्रों ने नात और मनकबत पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में मौलाना अंसार अहमद कासमी ने दीन के रास्ते पर चलने के साथ-साथ देश की तरक्की, अमन और खुशहाली के लिए दुआ कराई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। ब्यूरो
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मौलाना ने कहा कि इस्लाम इंसानियत की इज्जत करना सिखाता है। अल्लाह ने किसी एक समुदाय नहीं बल्कि पूरी इंसानियत को सम्मान देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं और जमीन पर रहने वालों पर रहम करते हैं अल्लाह उन पर भी रहम करता है। इंसान को चाहिए कि अपने आचरण से किसी को ठेस न पहुंचाए और समाज में प्रेम व सौहार्द बनाए रखे।
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उन्होंने अपनी तकरीर में आगे कहा कि अल्लाह और रसूल के फरमानों पर चलकर ही दीन और आखिरत दोनों को संवारा जा सकता है। अच्छे आचरण से ही इंसान दोनों जहान में सम्मान पाता है।
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इससे पहले कुइयां वाली मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना मुफ्ती मो सलमान कासमी और अन्य धर्मगुरुओं ने भी इस्लाम की बुनियादी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। मदरसे में तालीम हासिल कर रहे छात्रों ने नात और मनकबत पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में मौलाना अंसार अहमद कासमी ने दीन के रास्ते पर चलने के साथ-साथ देश की तरक्की, अमन और खुशहाली के लिए दुआ कराई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। ब्यूरो