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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   How Indian Army Saved Hasina Sheikh From Bangladesh Crisis History 1971 Full Story News in Hindi

Sheikh Hasina: पाक सेना ने 1971 में घेर लिया था शेख हसीना का आवास... भारतीय जवानों की बहादुरी से बची थी जान

Wed, 07 Aug 2024 12:21 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 07 Aug 2024 12:21 PM IST
सार

पाकिस्तानी सेना ने शेख हसीना का आवास घेर लिया था। भारतीय जवानों की बहादुरी से शेख हसीना की जान बची थी। बांग्लादेश के ढाका में 1971 में शेख हसीना के परिवार को बचाने वाली भारतीय सेना की टोली में में मुरादाबाद के मेजर जेपी सिंह शामिल थे।

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How Indian Army Saved Hasina Sheikh From Bangladesh Crisis History 1971 Full Story News in Hindi
Sheikh Hasina - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बांग्लादेश में आज के हालात ने वर्षों पुरानी कहानी दोहरा दी। 1971 में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के ढाका स्थित आवास को पाकिस्तानी सेना ने चारों ओर से घेर लिया था। कोई अंदर जाने की कोशिश करता तो पाकिस्तानी सेना के जवान उन्हें गोली मार देते थे।
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इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे भारतीय सेना के जवानों ने परिवार को सुरक्षित निकाला। भारतीय सेना के इस दल में मुरादाबाद के जेपी सिंह भी शामिल रहे। सिविल लाइंस के आवास विकास कॉलोनी निवासी मेजर जेपी सिंह ने बताया कि 15 दिसंबर 1971 को पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में पाकिस्तानी सेना ने मार काट शुरू कर दी थी।
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पाकिस्तानी सेना ने ढाका में शेख हसीना के आवास को घेर लिया था। उस वक्त मेजर जेपी सिंह अपनी टोली के साथ शेख हसीना के आवास से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर थे। उन्हें सीनियर से आदेश मिला कि वह टोली लेकर मुजीब उर रहमान के परिवार को सुरक्षित निकालें।
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वह अपनी टोली के साथ मौके पर पहुंचे, तब तक वहां कर्नल तारा भी फोर्स के साथ पहुंच गए थे। उस वक्त मुजीब उर रहमान के परिवार में 30 लोग मौजूद थे। इस बीच शेख हसीना के आवास में जो भी जाने की कोशिश करता था तो पाकिस्तानी जवान उन्हें गोली मार देते थे। इसी दौरान दूसरे इलाकों में पाक सैनिक सरेंडर करने लगे थे। 
 

इसकी जानकारी मिलने पर शेख हसीना के आवास को घेरने वाले पाकिस्तानी सेना के जवानों ने भी सरेंडर कर दिया था। हम लोगों ने पाकिस्तानी सेना के जवानों को हिरासत में ले लिया था और शेख हसीना के परिवार को सुरक्षित बचा लिया गया था।

शेख हसीना की मां ने दी थी सोने की घड़ी
मेजर जेपी सिंह ने बताया कि परिवार के लोग सुरक्षित निकले तो शेख हसीना की मां इतनी खुश थी कि वह जोर जोर से नारे लगाने लगी थीं। उन्होंने भारतीय सेना के जवानों की बहुत तारीफ की थी। जेपी सिंह ने बताया कि उन्हें शेख हसीना की मां ने सोने की घड़ी दी थी लेकिन उन्होंने घड़ी वापस कर दी थी।

 

दिल्ली बुलाकर की मुलाकात
बांग्लादेश की स्थापना होने और वहां हालात सामान्य होने पर शेख हसीना दिल्ली आई थीं तब मेजर जेपी सिंह को दिल्ली बुलाया था। जेपी सिंह अपनी पत्नी को लेकर दिल्ली गए और शेख हसीना से मुलाकात की थी। उन्होंने बांग्लादेश आने के लिए भी निमंत्रण दिया था।
 
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