बुर्के पर विवाद: हिंदू लड़की ने मुस्लिम बनकर किया था पहनावे का समर्थन, एबीवीपी ने खोली पोल, कॉलेज में हंगामा
फरहा नाम से हिंदू लड़की ने कहा था कि बिना बुर्के के हमें बहुत असहज महसूस होता है। हम ड्रेस पहनकर आ रहे हैं तो बुर्का उतरवाने की क्या जरूरत है। एबीवीपी ने फरहा की पहचान हिंदू लड़की के रूप में की है।
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हिंदू कॉलेज में ड्रेस कोड का विरोध और बुर्के की हिमायत करने के लिए हिंदू लड़की ने मुस्लिम बनकर प्रदर्शन किया था। शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने आरोपी छात्रा को पहचान कर प्राचार्य के हवाले कर दिया। कॉलेज पहुंची कोतवाली पुलिस के साथ ही कार्यकर्ताओं की जमकर नोकझोंक हुई। वहीं छात्रा ने लिखित में माफी मांग ली है।
हिंदू कॉलेज में बुधवार को समाजवादी छात्रसभा की राष्ट्रीय सचिव दुर्गा शर्मा के नेतृत्व में छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर सड़क पर बुर्का उतरवाने का आरोप लगाकर हंगामा किया था। कॉलेज का गेट बंद कर धरना प्रदर्शन करते हुए बुर्का पहनकर छात्राओं के क्लासरूम तक जाने की अनुमति मांगी थी। इस प्रदर्शन में फरहा नाम से हिंदू लड़की ने कहा था कि बिना बुर्के के हमें बहुत असहज महसूस होता है। हम ड्रेस पहनकर आ रहे हैं तो बुर्का उतरवाने की क्या जरूरत है।
छात्रा का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री सरल शर्मा ने बताया कि संगठन की आईटी सेल द्वारा वायरल वीडियो को देखा जा रहा था। तभी एक कार्यकर्ता ने फरहा की पहचान हिंदू लड़की के रूप में की। शनिवार को संगठन का एक कार्यकर्ता कॉलेज आया था। उसी ने कॉलेज में छात्रा को देख लिया था। जब छात्रा कॉलेज से जाने लगी तो उन्होंने उसे रोककर इसकी जानकारी प्राचार्य प्रो. सत्यव्रत सिंह रावत को दी।
सरल शर्मा का कहना है कि छात्रा से हमें कोई परेशानी नहीं है। विद्यार्थी परिषद छात्रा के भविष्य के हित में खड़ी रहेगी। हो सकता है कि छात्रा के ऊपर किसी का दबाव हो, जिसकी वजह से छात्रा ने मुस्लिम बनकर बयान दिया है। छात्रा की बातों से लग रहा है कि उसे बहलाया-फुसलाया गया हो। इसके पीछे किसी बड़ी साजिश होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। धर्म परिवर्तन या लव जिहाद जैसा कोई मामला न बन जाए। उन्होंने कॉलेज से मांग की कि छात्रा के परिजनों को सूचित कर मामला को निपटाया जाए।
इसी बीच कोतवाली प्रभारी विप्लव शर्मा कॉलेज पहुंच गए। वह प्राचार्य कक्ष में शिक्षकों और समाजवादी छात्रसभा के पदाधिकारियों से वार्ता कर रहे थे। तभी एबीवीपी कार्यकर्ता गौरव को कोतवाली प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मी उसे खींचते हुए बाहर ले आए। गौरव का आरोप था कि जब अन्य संगठन के पदाधिकारी अंदर हैं तो एबीवीपी के महानगर मंत्री को बाहर क्यों निकाल दिया गया। इसी का विरोध किया था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की।
शिक्षकों ने बंधाया छात्रा को ढांढस
मामला सामने आने के बाद छात्रा लगातार रोए जा रही थी। इस पर शिक्षकों ने छात्रा को समझाया कि भविष्य में इस तरह की गलती नहीं होनी चाहिए। छात्रा के खुद को असुरक्षा की भावना व्यक्त करने पर शिक्षक उसे प्राचार्य कक्ष में ले गए। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने शिक्षकों की सुरक्षा के बीच उसे घर छोड़ने की योजना बनाई थी। हालांकि बाद में मामला बढ़ता देखकर छात्रा के पिता को कॉलेज बुलाया गया।
छात्रा का आरोप, फोन पर मिली धमकी
आरोपी लड़की ने बताया कि बीकॉम द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा है। शनिवार को वह कॉलेज में थी। तभी उसके पास फोन आया था कि तुरंत घर पहुंचो, तुम्हारे घर कुछ लड़के पहुंच रहे हैं। बुधवार को प्रदर्शन के दौरान बयान देते समय मैंने अपनी हिंदू होने की पहचान छिपाई और मुस्लिम लड़की बनकर बुर्का का समर्थन किया था। इस प्रदर्शन में पांच-छह अन्य हिंदू लड़कियां भी शामिल थीं। छात्रा का कहना है कि अन्य लड़कियों के कहने पर उसने अपना नाम गलत फरहा बता दिया। छात्रा ने दावा किया कि घटना के बाद उसने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी थी तो उन्होंने भी समझाया था कि गलत नाम नहीं बताना चाहिए था।
विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति हम संवेदनशील है। नियंता मंडल इस मामले में संज्ञान ले रहा है। जो आवश्यक कदम होंगे, उठाए जाएंगे। बच्चों से कई बार गलतियां हो जाती हैं। हमारे लिए सभी विद्यार्थी बराबर हैं। महत्वपूर्ण यह है कि सभी को ड्रेस कोड में आना होगा। -प्रो. सत्यव्रत सिंह रावत, प्राचार्य, हिंदू कॉलेज
छात्रा ने अपनी गलती मान ली है। इसमें क्या कार्रवाई करनी है, यह तय किया जाएगा, लेकिन हमारा पहला कर्तव्य है कि किसी विद्यार्थी का भविष्य बर्बाद न हो। बाहरी लोगों को प्राचार्य से मिलने के लिए एक दिन पहले समय लेने का नियम बनाने की योजना है। दोपहर दो बजे के बाद वह मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा सैनी बस्ती के लोगों से भी सहयोग मांगा जा रहा है कि सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक वह आवागमन के लिए कॉलेज के रास्ते का प्रयोग न करें। -डॉ. एपी सिंह, मुख्य नियंता, हिंदू कॉलेज