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बीमार आजम खां, सुनवाई स्थगित करने के लिए दिया प्रार्थनापत्र
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मुरादाबाद। छजलैट के चौदह साल पुराने मामले में शुक्रवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। केस के छह आरोपी कोर्ट में हाजिर हुए। बीमार आजम खां और अब्दुल्ला आजम के अलावा सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राज कुमार प्रजापति कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। अधिवक्ताओं की हड़ताल की वजह से शुक्रवार को सुनवाई टल गई। अब इस मामले में 18 अगस्त को सुनवाई होगी।
छजलैट थाने के सामने 29 जनवरी 2008 को सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री आजम खां की गाड़ी रोक कर पुलिस ने चेकिंग की थी। आरोप है कि चेकिंग के विरोध में आजम खां सड़क पर बैठ गए थे और हंगामा किया था। आस पड़ोस के जनपदों से भी सपा नेता उनके समर्थक में आ गए थे। इस मामले में आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत नौ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस केस की सुनवाई एमएलए एमपी स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में चल रही है।
शुक्रवार को रामपुर के सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री आजम खान, उनके बेटे टांडा-स्वार से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम, और सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति की ओर से स्थगन प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया। जबकि पूर्व विधायक इकराम कुरैशी, नूरपुर के पूर्व सपा विधायक नईम ऊल हसन, नगीना के सपा विधायक मनोज पारस, अमरोहा के विधायक एवं पूर्व मंत्री महबूब अली, सपा जिला अध्यक्ष डी पी यादव, राजेश यादव अदालत मे अपने बयान दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन आजम खां, अब्दुल्ला आजम और राजकुमार प्रजापति की अनुपस्थिति और अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण कार्यवाही नहीं हो सकी।
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विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि इसी मामले में आरोपी नईम उल हसन की ओर से गवाह को जिरह के लिए पुन: तलब करने की मांग को लेकर जनपद न्यायाधीश की अदालत में रिवीजन प्रस्तुत किया गया था। आरोपी नईम उल हसन के अधिवक्ता अनुज विश्नोई ने बताया कि रिवीजन में बृहस्पतिवार को बहस नहीं हो पाई थी। जिसमें शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत में सुनवाई की जाएगी। अदालत ने लोअर कोर्ट की पत्रावली भी तलब कर ली है। फिलहाल एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के लिए 18 अगस्त लगी है।
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छजलैट थाने के सामने 29 जनवरी 2008 को सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री आजम खां की गाड़ी रोक कर पुलिस ने चेकिंग की थी। आरोप है कि चेकिंग के विरोध में आजम खां सड़क पर बैठ गए थे और हंगामा किया था। आस पड़ोस के जनपदों से भी सपा नेता उनके समर्थक में आ गए थे। इस मामले में आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत नौ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस केस की सुनवाई एमएलए एमपी स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में चल रही है।
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शुक्रवार को रामपुर के सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री आजम खान, उनके बेटे टांडा-स्वार से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम, और सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति की ओर से स्थगन प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया। जबकि पूर्व विधायक इकराम कुरैशी, नूरपुर के पूर्व सपा विधायक नईम ऊल हसन, नगीना के सपा विधायक मनोज पारस, अमरोहा के विधायक एवं पूर्व मंत्री महबूब अली, सपा जिला अध्यक्ष डी पी यादव, राजेश यादव अदालत मे अपने बयान दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन आजम खां, अब्दुल्ला आजम और राजकुमार प्रजापति की अनुपस्थिति और अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण कार्यवाही नहीं हो सकी।
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विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि इसी मामले में आरोपी नईम उल हसन की ओर से गवाह को जिरह के लिए पुन: तलब करने की मांग को लेकर जनपद न्यायाधीश की अदालत में रिवीजन प्रस्तुत किया गया था। आरोपी नईम उल हसन के अधिवक्ता अनुज विश्नोई ने बताया कि रिवीजन में बृहस्पतिवार को बहस नहीं हो पाई थी। जिसमें शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत में सुनवाई की जाएगी। अदालत ने लोअर कोर्ट की पत्रावली भी तलब कर ली है। फिलहाल एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के लिए 18 अगस्त लगी है।