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आजम खां की जमानत अर्जी की सुनवाई टली
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मुरादाबाद। बढ़ती उम्र और बीमारी का हवाला देकर जमानत की आस लगाए रहे छजलैट बवाल प्रकरण के आरोपी सांसद आजम खां को अभी जेल में ही रहना होगा। अधिवक्ता के निधन से सोमवार को आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जमानत पर सुनवाई फिर टल गई। अब अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख सात अक्तूबर तय की है। इसके अलावा मुरादाबाद देहात के सपा विधायक हाजी इकराम कुरैशी के खिलाफ बिजली विभाग के लगभग बीस साल पुराने गबन के एक अन्य मामले में सुनवाई होनी थी जो टल गई। अब इसकी सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी।
छजलैट थाने में बारह साल पहले आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी, अमरोहा के विधायक महबूब अली, नूरपुर विधायक नईमउल हसन, नगीना विधायक मनोज पारस, डीपी यादव और सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राज कुमार प्रजापति के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। उस वक्त आजम खां अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस ने छजलैट थाने के सामने आजम खां की कार रुकवाकर चेकिंग की थी। जिसके विरोध में आजम खां थाने के सामने ही सड़क पर बैठ गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर आजम खां के समर्थन में सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी मौके पर आ गए थे और उन्होंने जाम लगाकर हंगामा किया था। इस मामले की सुनवाई एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट एडीजे-2 में चल रही है। आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की फाइल की सुनवाई अन्य आरोपियों की फाइल से अलग चल रही है। आजम खां और उनके बेटे के अधिवक्ता शाहनवाज की ओर से जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। जिसमें आजम की बढ़ती उम्र और बीमारी का हवाला देकर जमानत की मांग की गई है। सोमवार को जमानती प्रार्थना पत्र पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ता सर्वेश कुमार शर्मा के निधन की वजह से न्यायिक कार्य ठप रहा। जिस कारण जमानत पर सुनवाई नहीं हो पाई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीष भटनागर ने बताया कि आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला खां की जमानत पर अब सात अक्तूबर को सुनवाई होगी।
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छजलैट थाने में बारह साल पहले आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी, अमरोहा के विधायक महबूब अली, नूरपुर विधायक नईमउल हसन, नगीना विधायक मनोज पारस, डीपी यादव और सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राज कुमार प्रजापति के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। उस वक्त आजम खां अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस ने छजलैट थाने के सामने आजम खां की कार रुकवाकर चेकिंग की थी। जिसके विरोध में आजम खां थाने के सामने ही सड़क पर बैठ गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर आजम खां के समर्थन में सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी मौके पर आ गए थे और उन्होंने जाम लगाकर हंगामा किया था। इस मामले की सुनवाई एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट एडीजे-2 में चल रही है। आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की फाइल की सुनवाई अन्य आरोपियों की फाइल से अलग चल रही है। आजम खां और उनके बेटे के अधिवक्ता शाहनवाज की ओर से जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। जिसमें आजम की बढ़ती उम्र और बीमारी का हवाला देकर जमानत की मांग की गई है। सोमवार को जमानती प्रार्थना पत्र पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ता सर्वेश कुमार शर्मा के निधन की वजह से न्यायिक कार्य ठप रहा। जिस कारण जमानत पर सुनवाई नहीं हो पाई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीष भटनागर ने बताया कि आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला खां की जमानत पर अब सात अक्तूबर को सुनवाई होगी।
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