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Moradabad News: वसूली के आरोप में घिरीं स्वास्थ्य कर्मियों को मिली क्लीन चिट
Mon, 06 Oct 2025 02:30 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Mon, 06 Oct 2025 02:30 AM IST
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ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। सीएचसी में प्रसव के दौरान अवैध वसूली और अभद्रता के आरोप में घिरीं स्वास्थ्य कर्मियों को जांच के बाद अधीक्षक डॉ. शिल्पी चौधरी ने क्लीन चिट दे दी है। उन्होंने जांच रिपोर्ट समाधान दिवस अधिकारी को भेजी है। उनका कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं, जबकि शिकायतकर्ता ने जांच को पक्षपात पूर्ण बताया है।
गांव रतूपुरा निवासी इरफान अली ने 20 सितंबर को समाधान दिवस में शिकायत पत्र देकर बताया था कि उसने 10 सितंबर को अपनी पत्नी को प्रसव के लिए जच्चा बच्चा केंद्र में भर्ती कराया था। आरोप था कि ड्यूटी पर मौजूद महिला कर्मचारियों ने उससे पांच हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगा। रुपये न देने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव के दौरान पत्नी और बच्चे की अनदेखी की, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ गई। उन्हें बच्चे का निजी अस्पताल में उपचार कराना पड़ा। उसने आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खर्च को दिलाने की मांग की थी। समाधान दिवस अधिकारी ने मामले की जांच अधीक्षक डॉ. शिल्पी चौधरी को सौंपी थी। डॉ. शिल्पी चौधरी ने आरोपी कर्मचारी विनीता, ज्योति व शिखा को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। जिसमें ड्यूटी पर विनीता ज्योति पाई गईं। शिखा ड्यूटी पर नहीं थी। उन्होंने आरोप को निराधार बताया है। कहा है कि विनीता और ज्योति ने कोई भी पैसा इरफान अली से नहीं मांगा और न ही दुर्व्यवहार किया है।
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गांव रतूपुरा निवासी इरफान अली ने 20 सितंबर को समाधान दिवस में शिकायत पत्र देकर बताया था कि उसने 10 सितंबर को अपनी पत्नी को प्रसव के लिए जच्चा बच्चा केंद्र में भर्ती कराया था। आरोप था कि ड्यूटी पर मौजूद महिला कर्मचारियों ने उससे पांच हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगा। रुपये न देने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव के दौरान पत्नी और बच्चे की अनदेखी की, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ गई। उन्हें बच्चे का निजी अस्पताल में उपचार कराना पड़ा। उसने आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खर्च को दिलाने की मांग की थी। समाधान दिवस अधिकारी ने मामले की जांच अधीक्षक डॉ. शिल्पी चौधरी को सौंपी थी। डॉ. शिल्पी चौधरी ने आरोपी कर्मचारी विनीता, ज्योति व शिखा को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। जिसमें ड्यूटी पर विनीता ज्योति पाई गईं। शिखा ड्यूटी पर नहीं थी। उन्होंने आरोप को निराधार बताया है। कहा है कि विनीता और ज्योति ने कोई भी पैसा इरफान अली से नहीं मांगा और न ही दुर्व्यवहार किया है।
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