मुरादाबाद : डेंगू का नया डी-2 वेरियएंट मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क
कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है और डेंगू बुखार ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रतिदिन डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। शनिवार को भी डेंगू का एक नया मरीज मिला। कुछ जिलों में डेंगू का नया डी-2 वेरियएंट मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जिले में अभी नए वेरिएंट की जांच की सुविधा नहीं है।
विस्तार
सीएमओ के अनुसार नया वेरिएंट बहुत खतरनाक है। कई बार यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए सर्वे के साथ दवा के छिड़काव और फॉगिंग पर जोर दिया जा रहा है। शनिवार को अमरोहा के एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि 273 मरीज बुखार के पाए गए हैं। अभी तक जिले में छह दिनों में डेंगू के 13 मरीज मिल चुके हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीन श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू के मरीजों की तलाश के लिए 16 सितंबर तक घर-घर सर्वे किया जा रहा है। मुरादाबाद में किट और एलाइजा मशीन से डेंगू की जांच की जा रही है। इसमें वेरिएंट की जांच नहीं हो पाती है। वेरिएंट की जांच के लिए उच्च शैक्षणिक संस्थानों में व्यवस्था होती है।
लक्षण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमसी गर्ग ने बताया कि डी-2 वेरिएंट कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। इसके शुरुआती लक्षणों में मरीज को तेज बुखार होना, शरीर में प्लेटलेट्स में गिरावट, रक्तस्रावी बुखार आना प्रमुख है। यह स्ट्रेन बहुत घातक है। तेज बुखार के बाद एकदम से रक्तचाप कम हो जाता है। इसे शॉक सिंड्रोम भी कहते हैं। डेंगू का डी-2 स्ट्रेन जानलेवा हैमरेज का कारण भी बन सकता है।
डेंगू से बचने के लिए बरतें सतर्कता
- बारिश के दिनों में पूरी बाजू की शर्ट पहनें। पावों में जूते जरूर पहनें। शरीर को कहीं से भी खुला न छोड़ें।
- घर के आस-पास या घर के अंदर पानी नहीं जमने दें। कूलर, गमले, टायर आदि में जमे पानी को तुरंत बहा दें।
- कूलर में यदि पानी है तो इसमें मिट्टी का तेल डालें, जिससे मच्छर न पनप पाए।
- मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छरों से दूर रहें।
- पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंक कर रखें।
- यदि किसी व्यक्ति को डेंगू हो गया है तो वह दूसरों के संपर्क में आने से बचें।
- डेंगू होने पर तरल खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक से अधिक करवाएं।
- वयस्क व्यक्ति दिन में कम से कम साढ़े चार लीटर पानी पीए।
- खून में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने या फिर रक्तस्राव होने पर खून भी चढ़ाना पड़ सकता है।
- खुद से कोई दवा न लें। बुखार की शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सकों से संपर्क करें।
कुछ ऐसे भी मामले मिले हैं, जिनमें मरीज के स्वस्थ होने के बाद उसे दोबारा से डेंगू हुआ है। दोबारा डेंगू होना ज्यादा खतरनाक है। डी-2 वेरिएंट भी उसी की कड़ी है। सतर्कता ही डेंगू से बचने का सबसे प्रमुख उपाय है। नियमित सर्वे किया जा रहा है। शासन से निर्देश आते ही, जांच के लिए वहां मरीजों के सैंपल भेजे जाएंगे। स्वास्थ्य टीमें मरीजों के संपर्क में बनी हुई हैं।