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Moradabad News: जिन्होंने पाला, उन्हीं को मार डाला
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मुरादाबाद। साहिल ने जिनकी अंगुली पकड़कर चलना सीखा, उनका ही बेरहमी से कत्ल कर डाला। दादी और बुआ की हत्या करते हुए उसके हाथ तक नहीं कांपे, लेकिन अब वह अपने किए पर पछता रहा है। थाने में वह बार-बार कर रहा था कि यह मुझसे क्या हो गया। अब भगवान मुझे माफ नहीं करेंगे। मैंने कई रिश्ते खो दिए।
पुलिस के अनुसार सरोज शर्मा और ओमप्रकाश शर्मा के बेटे नरेश शर्मा ने मझोला क्षेत्र के लाइनपार निवासी बीना से शादी की थी। दस साल पहले दोनों की बीमारी के चलते माैत हो गई थी। दंपती का इकलाैता बेटा साहिल उर्फ सोनू है।साहिल बचपन से ही अपनी दादी और बुआ के साथ रहता था। दोनों ने ही साहिल की परवरिश की। माता-पिता की माैत के बाद साहिल को बुआ और दादी ने ही संभाला था। सरोज के पति की 20 साल पहले माैत हो गई थी। तब से सरोज शर्मा को पेंशन मिलती थी।
पेंशन के ही 35 हजार रुपये से घर का खर्च चलता था। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि साहिल की मां बीना को मायके से एक प्लाॅट मिला था। जिसे बेचने के बाद कुछ रुपये मिले थे। साहिल उन्हीं रुपयों से ऑटो खरीदना चाहता था, लेकिन बुआ और दादी चाहती थीं कि वह गाजियाबाद जाकर कोई काम धंधा करे। यहां रहकर वह दोस्तों के साथ घूमने-फिरने में ही रहता था। जिसे बचपन से पाला था, उसका भविष्य खराब होता देखना दादी और बुआ को नहीं भा रहा था। इसलिए वह उसे ऑटो खरीदने के लिए पैसे नहीं दे रही थीं, लेकिन साहिल के सिर पर ऐसा जुनून सवार हुआ कि दोनों को ही मौत के घाट उतार दिया।
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दो हत्याएं हो गईं पड़ोसियों को नहीं लगी भनक
रेलवे हरथला कॉलोनी में मां-बेटी की हथौड़े से हमलाकर हत्या कर दी गई, लेकिन पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी। किसी ने मां-बेटी की चीखें नहीं सुनीं। शुक्रवार शाम पुलिस अधिकारी और फोरेंसिक टीम पहुंचे तब पड़ोसियों को मां-बेटी की हत्या का पता चला कि सरोज शर्मा के पोते साहिल ने ही हत्याकांड को अंजाम दिया है। इसके बाद कॉलोनी के लोग सहम गए। सरोज शर्मा के घर के बाहर सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आसपास के मकानों की छतों से लोग पुलिस कार्यवाही को देखते रहे।
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पुलिस के अनुसार सरोज शर्मा और ओमप्रकाश शर्मा के बेटे नरेश शर्मा ने मझोला क्षेत्र के लाइनपार निवासी बीना से शादी की थी। दस साल पहले दोनों की बीमारी के चलते माैत हो गई थी। दंपती का इकलाैता बेटा साहिल उर्फ सोनू है।साहिल बचपन से ही अपनी दादी और बुआ के साथ रहता था। दोनों ने ही साहिल की परवरिश की। माता-पिता की माैत के बाद साहिल को बुआ और दादी ने ही संभाला था। सरोज के पति की 20 साल पहले माैत हो गई थी। तब से सरोज शर्मा को पेंशन मिलती थी।
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पेंशन के ही 35 हजार रुपये से घर का खर्च चलता था। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि साहिल की मां बीना को मायके से एक प्लाॅट मिला था। जिसे बेचने के बाद कुछ रुपये मिले थे। साहिल उन्हीं रुपयों से ऑटो खरीदना चाहता था, लेकिन बुआ और दादी चाहती थीं कि वह गाजियाबाद जाकर कोई काम धंधा करे। यहां रहकर वह दोस्तों के साथ घूमने-फिरने में ही रहता था। जिसे बचपन से पाला था, उसका भविष्य खराब होता देखना दादी और बुआ को नहीं भा रहा था। इसलिए वह उसे ऑटो खरीदने के लिए पैसे नहीं दे रही थीं, लेकिन साहिल के सिर पर ऐसा जुनून सवार हुआ कि दोनों को ही मौत के घाट उतार दिया।
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दो हत्याएं हो गईं पड़ोसियों को नहीं लगी भनक
रेलवे हरथला कॉलोनी में मां-बेटी की हथौड़े से हमलाकर हत्या कर दी गई, लेकिन पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी। किसी ने मां-बेटी की चीखें नहीं सुनीं। शुक्रवार शाम पुलिस अधिकारी और फोरेंसिक टीम पहुंचे तब पड़ोसियों को मां-बेटी की हत्या का पता चला कि सरोज शर्मा के पोते साहिल ने ही हत्याकांड को अंजाम दिया है। इसके बाद कॉलोनी के लोग सहम गए। सरोज शर्मा के घर के बाहर सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आसपास के मकानों की छतों से लोग पुलिस कार्यवाही को देखते रहे।