फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   have not case...this marriage is not possible

नोट नहीं .. ये शादी नहीं हो सकती

Mon, 21 Nov 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Mon, 21 Nov 2016 02:22 AM IST
विज्ञापन
have not case...this marriage is not possible
- फोटो : Getty
बारात ‘दहलीज’ पर है और दुल्हन के घर सन्नाटा पसरा है। न कहीं गीत मल्हार न ही ढोलक की थाप सुनाई दे रही है। हलवाई और टैंट शामियाने वाले भी कहीं दूर तक नजर नहीं आते। नजर आएं भी तो कैसे.. नोटाें की किल्लत ने ब्याह वाले घर में मातम सा सन्नाटा कर दिया है।
विज्ञापन


रानी .. जिसे दुल्हन बनना है वो भी माथे पर चिंता की लकीरें लिए बैठी है। उसके भाइयों की हालत तो बस वही जान सकते हैं। सुबह दहलीज पर बहन की बारात पहुंचने वाली है और छोटे नोटों का इंतजाम अब तक नहीं हो पाया। शादी को टालने के सिवाए अब कोई रास्ता नहीं बचता।
विज्ञापन


लेकिन फिर भी दोनों भाई जद्दोजहद में जुटे हैं। गांव के लोगों ने भी यकीन दिलाया है, सुबह तक जरूर इंतजाम हो जाएगा। रतनपुर कलां गांव में रानी के पिता कन्हैया और मां हेमवती की मौत काफी समय पहले हो चुकी है। उसका भाई हेमसिंह और करन सिंह जैसे तैसे उसकी शादी की तैयारियों में लगे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


बारात 21 नबंवर को आनी है।  लेकिन हजार - पांच सौ के नोट बंद होने के बाद शादी की सभी तैयारियां धरी की धरी रह गई हैं। सोमवार (आज) को बारात आनी है लेकिन रविवार रात तक तो ब्याह का सामान तक नहीं खरीदा गया था। हलवाई भी पहले से बुक था लेकिन दावत का सामान ही नहीं खरीदा जा सका।

ऐसा नहीं है कि हेम सिंह और करन सिंह ने बहन के ब्याह के लिए पैसे नहीं जुटाए थे। दोनों ने तमाम जतन करके बहन के ब्याह को ठीकठाक रकम इकट्ठा की थी। लेकिन जुटाए गए हजार - पांच के नोटों को अब कौन पूछने वाला है। 

कुछ यही हाल रतनपुर कला गांव में लीलावती के घर का है। लीलावती के पति प्रेम सिंह की मौत चौदह साल पहले हो गई थी। दो बेटियों गुडिया और ज्योति की शादी 25 नवंबर को है। जोड़तोड़ कर बेटियों की शादी को रकम जुटाई थी।


लेकिन अब पुराने नोट बदलकर नए नोट लाने की चुनौती है। पुराने नोट न तो हलवाई लेने को तैयार है न ही कोई दुकानदार। लीलावती लगातार बैंक के चक्कर लगा रही हैं। बैंक भी तय सीमा में ही नोट बदलने को राजी हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed