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Moradabad News: सांसों को सुरक्षित रखने के लिए आधी आबादी की पूरी कवायद

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 02:01 AM IST
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Half the population is taking a complete exercise to protect their breath.
मुरादाबाद। शहर की महिलाएं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। वह न सिर्फ दूसरों को जागरूक करती हैं, बल्कि स्वयं भी पौधे लगाना, उनको संरक्षित करने के साथ कूड़ा प्रबंधन और रामगंगा नदी स्वच्छता पर भी कार्य कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि आने वाली पीढि़यों को स्वच्छ सांसें मिल सकें, इसके लिए अभी से प्रयास करने होंगे।
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पौधे लगाने के अलावा संरक्षण पर कर रहीं कार्य
बुद्धि विहार सेक्टर 3-ए निवासी रेखा बिष्ट ने बताया कि वर्ष 2012 से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर रही हूं। पौधे लगाती हूं और उनको संरक्षित करती हूं। यदि किसी पेड़ को काटने की जानकारी मिलती है तो उसको संरक्षित रखने की भी पूरी कवायद की जा रही है। पौधों को बचाने के लिए ट्री गार्ड भी लगवाती हूं। कई बार लोगों के सहयोग से लोहे की जाली के ट्री गार्ड लगवाती हूं, यदि नहीं होता है तो ईंटों का बनवाती हूं। स्कूल, कॉलेजों में सेमिनार कर जागरूक करती हूं। उन्हें नि:शुल्क पौधे भी प्रदान किए जाते हैं। वहीं पौधे लगाकर उनके संरक्षण के कार्य पर भी निगरानी रहती है। अब तक करीब 20 हजार पौधे लगवा चुकी हूं। यह पूरा कार्य मेरी संस्था पर्यावरण इकॉलॉजिकल उत्थान समिति के माध्यम से हो रहा है। उत्तरांचल के निवासी होने के अलावा मेरे पति रामसिंह बिष्ट वन विभाग में रेंजर थे, इस वजह से पौधों से ज्यादा लगाव है।
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पहनावा ही हो गया हरे रंग का
बुद्धि विहार निवासी रविता पाल ने बताया कि वर्ष 2011 से पर्यावरण की दिशा में कार्य कर रही हूं। पति नैपाल सिंह पाल से प्रेरणा लेकर मैं इस दिशा में जुड़ गई। उनसे इतनी ज्यादा प्रेरित हुई कि मेरा पहनावा हरे रंग का ही हो गया है। हरा-भरा प्रकृति का रंग है, वही धारण कर लिया है। अब तक सिर्फ अकेले मैं ही करीब पांच हजार पौधे लगा चुकी हूं। इसमें आधे से ज्यादा पेड़ बन चुके हैं। जिस पार्क में पौधे लगाती हूं तो नियमित रूप से उनकी देखरेख करती हूं। हर त्योहार या कोई उत्सव हो पौधे जरूर लगाती हूं। उपहार स्वरूप भी पौधे ही भेंट में देती हूं। क्योंकि मेरा मानना है कि उपहार सीमित समय के लिए है, लेकिन पौधों से ही हमारी जिंदगी है।
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कूड़ा प्रबंधन के साथ पौधों के संरक्षण को कर रहीं जागरूक
दीनदयाल नगर निवासी मानसी मेहरोत्रा ने बताया कि 2018 से मैं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रही हूं। इसमें मैंने कूड़ा प्रबंधन पर कार्य किया है। मेरे घर में गीला और सूखा अलग-अलग कचरा रहता है। गीला कूड़े का उपयोग खाद बनाने में करती हूं। पौधे लगाने के अलावा उनकी देखरेख करती हूं। कई बार वन विभाग से बात कर पेड़ों को कटने से बचाया है। इसके अलावा एक एनजीओ के साथ जुड़कर रामगंगा नदी की स्वच्छता पर कार्य कर रही हूं। उन्होंने कहा कि कक्षा दस में एक्स्ट्रा कॅरिकुलम एक्टिविटी के तहत रामगंगा नदी की सफाई के लिए गए थे। वहां पर कूड़ा देखकर पर्यावरण दिशा में कार्य करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने-अपने स्तर पर कदम बढ़ाएंगे तो बदलाव जरूर आएगा।
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