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वोटरों को बूथ तक पहुंचने का रास्ता बताएगा गूगल
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 26 Sep 2016 02:10 AM IST
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गूगल मैप
- फोटो : फाइल फोटो
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2017 में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में वोटरों को बूथ के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वोटर घर बैठे गूगल पर अपना बूथ पता कर सकेंगे। इतना ही नहीं गूगल ही वोटरों को बूथ तक पहुंचने का रास्ता भी बताएगा। चुनाव आयोग के आदेश पर पूरे प्रदेश में पोलिंग बूथों की गूगल मैपिंग का काम चल रहा है। मुरादाबाद में यह काम पूरा कर लिया गया है।
जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर का कहना है कि अब वोटरों को अपने वोटर आई कार्ड के आधार पर घर बैठे गूगल से पता चल जाएगा कि उनका वोट किस बूथ पर है। बूथ की लोकेशन और रास्ता भी गूगल से आसानी से पता चल सकेगा, क्योंकि सभी बूथों की अक्षांश - देशांतर के आधार पर उनकी गूगल मैंपिंग की जा चुकी है।
बूथ का रास्ता क्या होगा, उसके आसपास कहां - कहां मंदिर - मस्जिद हैं... आदि जानकारी भी गूगल पर अपलोड की जा चुकी हैं। अभी तक वोटरों को इलेक्शन वाले दिन अपना वोट खोजने को एक पोलिंग स्टेशन से दूसरे पोलिंग स्टेशन तक भटकना पड़ा था।
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कई बार कई पोलिंग स्टेशनों पर घूमने के बाद भी कुछ वोटरों को अपना नाम लिस्ट से गायब मिलता था। बूथों की गूगल मैपिंग से वोटरों को अब घर बैठे सभी जानकारियां मिल जाएंगी।उधर, चुनाव आयोग ने अभी तक की गई पुलिस - प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के लिए सोमवार को लखनऊ एक बड़ी मीटिंग कॉल की है।
इसमें प्रदेश के सभी कमिश्नर- डीआईजी और डीएम - एसएसपी को बुलाया गया है। इस मीटिंग में आयोग तैयारियों की बूथवार समीक्षा करेगा। वोटर बनाने के लिए आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से कैंप लगाने का सिलसिला शुरू हो चुका है।
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जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर का कहना है कि अब वोटरों को अपने वोटर आई कार्ड के आधार पर घर बैठे गूगल से पता चल जाएगा कि उनका वोट किस बूथ पर है। बूथ की लोकेशन और रास्ता भी गूगल से आसानी से पता चल सकेगा, क्योंकि सभी बूथों की अक्षांश - देशांतर के आधार पर उनकी गूगल मैंपिंग की जा चुकी है।
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बूथ का रास्ता क्या होगा, उसके आसपास कहां - कहां मंदिर - मस्जिद हैं... आदि जानकारी भी गूगल पर अपलोड की जा चुकी हैं। अभी तक वोटरों को इलेक्शन वाले दिन अपना वोट खोजने को एक पोलिंग स्टेशन से दूसरे पोलिंग स्टेशन तक भटकना पड़ा था।
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कई बार कई पोलिंग स्टेशनों पर घूमने के बाद भी कुछ वोटरों को अपना नाम लिस्ट से गायब मिलता था। बूथों की गूगल मैपिंग से वोटरों को अब घर बैठे सभी जानकारियां मिल जाएंगी।उधर, चुनाव आयोग ने अभी तक की गई पुलिस - प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के लिए सोमवार को लखनऊ एक बड़ी मीटिंग कॉल की है।
इसमें प्रदेश के सभी कमिश्नर- डीआईजी और डीएम - एसएसपी को बुलाया गया है। इस मीटिंग में आयोग तैयारियों की बूथवार समीक्षा करेगा। वोटर बनाने के लिए आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से कैंप लगाने का सिलसिला शुरू हो चुका है।