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आज से घर-घर विराजेंगे गणपति बप्पा
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मुरादाबाद। शहर में गणेश उत्सव की धूम मची हुई है। बुधवार को चतुर्थी पर घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए मंगलवार को खुशहालपुर और दिल्ली रोड पर मूर्ति कारीगरों के पास बड़ी संख्या में लोग मूर्ति लेने के लिए पहुंचे।
डीजे की धुन पर रंग-गुलाल उड़ाते हुए लोग बप्पा की प्रतिमाओं को अपने साथ लेकर गए। देर रात तक दोपहिया और चौपहिया वाहनों पर लोग प्रतिमाओं को लेने के लिए आते रहे। इस बार बुधवार को गणपति पूजा का भव्य आयोजन होगा। बाजार गंज, मंडी चौक, कटघर, लाइनपार में रामलीला मैदान के पास, रामगंगा विहार फेस-2, दीनदयाल नगर, बुद्धि विहार खुशहालपुर रोड, महबुल्ला गंज में शिव मंदिर में, उड़पुरा में दुर्गा मंदिर आदि स्थानों पर पंडालों में विधि विधान से गणपति बप्पा की मूर्तियां स्थापित होंगी।
सौ रुपये से 11 हजार रुपये तक की बनाईं मूर्तियां
दिल्ली रोड और खुशहालपुर में कारीगरों ने मूर्तियां बनाई हैं। पगड़ी वाली प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र हैं। दस इंच से छह फीट तक की मूर्तियां सौ रुपये से पांच हजार रुपये तक की हैं। कारीगरों के अनुसार इनकी सबसे ज्यादा मांग है। इसके अलावा नौ फीट की बड़ी मूर्तियां 11 हजार रुपये तक की हैं। राजस्थान के करीगर नंदू का कहना है कि तीन माह से भगवान गणेश की मूर्तियां तैयार कर रहे थे।
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गणेश चतुर्थी पर बन रहा रवि योग का खास संयोग
पंडित केदारनाथ मिश्रा का कहना है कि गणेश चतुर्थी पर रवि योग का संयोग बन रहा है। रवि योग में की जाने वाली पूजा सदैव लाभकारी होती है। रवि योग बुधवार को सुबह छह बजकर छह मिनट से रात 12 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। यदि ग्रहों के योग की बात करें तो गणेश चतुर्थी के दिन चार प्रमुख ग्रह स्वराशि में मौजूद रहेंगे। गुरु अपनी स्वराशि मीन में, शनि मकर राशि में, बुध ग्रह स्वयं अपनी कन्या राशि में और सूर्यदेव स्वराशि सिंह में मौजूद रहेंगे। इस वजह से शुभ संयोग में गणेश स्थापना करने पर जीवन में वैभव, समृद्धि और सुख की प्राप्ति होगी। स्थापना का शुभ मुहूर्त बुधवार को सुबह 11 बजकर पांच मिनट से शुरू होकर रात एक बजकर 38 मिनट तक रहेगा। गणेश पूजन के लिए सुबह दस बजे से दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक का समय उत्तम है। वास्तु के अनुसार पश्चिम-उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करना शुभ होता है।
डिप्टी साहब के मंदिर से निकली कलश यात्रा
गणेश महाउत्सव समिति कटघर के अध्यक्ष राजेश सूर्या ने बताया कि मंगलवार को कलश यात्रा का आयोजन किया गया। गणेश भगवान की मूर्ति के साथ कलशयात्रा डिप्टी साहब के मंदिर से शुरू होकर महबुल्लागंज, उड़पुरा, डिप्टी साहब का अस्पताल होती हुई वापस मंदिर पर समापन पहुंची। पंडित शिवदत्त शर्मा ने गणेश भगवान की पूजा की। इस दौरान हरिओम वार्ष्णेय, गोविंद पाल, विजेंद्र पाल, सुमित गुप्ता, अनिल पाल, आशुतोष गुप्ता, बृजेश आदि मौजूद रहे। 31 अगस्त को हवन और गणेश प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। पांच सितंबर को भगवान के छठी के दिन भंडारा का आयोजन किया जाएगा। आठ सितंबर को प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
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डीजे की धुन पर रंग-गुलाल उड़ाते हुए लोग बप्पा की प्रतिमाओं को अपने साथ लेकर गए। देर रात तक दोपहिया और चौपहिया वाहनों पर लोग प्रतिमाओं को लेने के लिए आते रहे। इस बार बुधवार को गणपति पूजा का भव्य आयोजन होगा। बाजार गंज, मंडी चौक, कटघर, लाइनपार में रामलीला मैदान के पास, रामगंगा विहार फेस-2, दीनदयाल नगर, बुद्धि विहार खुशहालपुर रोड, महबुल्ला गंज में शिव मंदिर में, उड़पुरा में दुर्गा मंदिर आदि स्थानों पर पंडालों में विधि विधान से गणपति बप्पा की मूर्तियां स्थापित होंगी।
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सौ रुपये से 11 हजार रुपये तक की बनाईं मूर्तियां
दिल्ली रोड और खुशहालपुर में कारीगरों ने मूर्तियां बनाई हैं। पगड़ी वाली प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र हैं। दस इंच से छह फीट तक की मूर्तियां सौ रुपये से पांच हजार रुपये तक की हैं। कारीगरों के अनुसार इनकी सबसे ज्यादा मांग है। इसके अलावा नौ फीट की बड़ी मूर्तियां 11 हजार रुपये तक की हैं। राजस्थान के करीगर नंदू का कहना है कि तीन माह से भगवान गणेश की मूर्तियां तैयार कर रहे थे।
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गणेश चतुर्थी पर बन रहा रवि योग का खास संयोग
पंडित केदारनाथ मिश्रा का कहना है कि गणेश चतुर्थी पर रवि योग का संयोग बन रहा है। रवि योग में की जाने वाली पूजा सदैव लाभकारी होती है। रवि योग बुधवार को सुबह छह बजकर छह मिनट से रात 12 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। यदि ग्रहों के योग की बात करें तो गणेश चतुर्थी के दिन चार प्रमुख ग्रह स्वराशि में मौजूद रहेंगे। गुरु अपनी स्वराशि मीन में, शनि मकर राशि में, बुध ग्रह स्वयं अपनी कन्या राशि में और सूर्यदेव स्वराशि सिंह में मौजूद रहेंगे। इस वजह से शुभ संयोग में गणेश स्थापना करने पर जीवन में वैभव, समृद्धि और सुख की प्राप्ति होगी। स्थापना का शुभ मुहूर्त बुधवार को सुबह 11 बजकर पांच मिनट से शुरू होकर रात एक बजकर 38 मिनट तक रहेगा। गणेश पूजन के लिए सुबह दस बजे से दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक का समय उत्तम है। वास्तु के अनुसार पश्चिम-उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करना शुभ होता है।
डिप्टी साहब के मंदिर से निकली कलश यात्रा
गणेश महाउत्सव समिति कटघर के अध्यक्ष राजेश सूर्या ने बताया कि मंगलवार को कलश यात्रा का आयोजन किया गया। गणेश भगवान की मूर्ति के साथ कलशयात्रा डिप्टी साहब के मंदिर से शुरू होकर महबुल्लागंज, उड़पुरा, डिप्टी साहब का अस्पताल होती हुई वापस मंदिर पर समापन पहुंची। पंडित शिवदत्त शर्मा ने गणेश भगवान की पूजा की। इस दौरान हरिओम वार्ष्णेय, गोविंद पाल, विजेंद्र पाल, सुमित गुप्ता, अनिल पाल, आशुतोष गुप्ता, बृजेश आदि मौजूद रहे। 31 अगस्त को हवन और गणेश प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। पांच सितंबर को भगवान के छठी के दिन भंडारा का आयोजन किया जाएगा। आठ सितंबर को प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।