{"_id":"61fd7a9060a96501cb732d5a","slug":"gangster-released-from-jail-with-fake-documents-city-news-mbd4179735199","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी दस्तावेज से जेल से रिहा होकर बाहर आ गया गैंगस्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी दस्तावेज से जेल से रिहा होकर बाहर आ गया गैंगस्टर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। फर्जी दस्तावेज के जरिये गैंगस्टर का एक आरोपी जेल से रिहा होकर बाहर आ गया। पुलिस की जांच में इसका खुलासा हुआ है। आरोपी ने जेल में बैठकर इसकी साजिश रची। आरोपी की जमानत लेने के लिए जमानितयों ने फर्जी नाम पते दिए। इस मामले में चार लोगों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
सदर कोतवाली प्रभारी अजय कुमार की ओर से दर्ज कराए गए केस में बताया गया है कि कटघर के गली नंबर आठ निवासी नदीम कटघर थाने का गैंगस्टर है। नदीम के खिलाफ मुगलपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसकी विवेचना कोतवाली प्रभारी द्वारा की गई थी। कटघर थाना में दर्ज नदीम के मुकदमे की जमानत 10 अक्तूबर 2017 को अदालत से स्वीकृत हुई थी, जिसमें अमर सिंह निवासी मूंढापांडे द्वारा जमानत ली गई थी। तस्दीक की गई तो अमर सिंह नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। इसके अलावा मूंढापांडे से जांच कराई तो पता चला कि जमानत पर मौजूद प्रपत्रों की तस्दीक रिपोर्ट एसआई टीपी सिंह द्वारा लगाई गई थी, जबकि इस नाम का कोई उपनिरीक्षक मूंढापांडे थाने में कभी तैनात ही नहीं रहा। थाने की मुहर भी फर्जी पाई गई थी। हैसियत रिपोर्ट लगाने वाले राजस्व निरीक्षक बाबूराम शर्मा ने भी इसे फर्जी बताया। इसके अलावा नागफनी थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में भी अमर सिंह और पूरन सिंह निवासी ग्राम भैंसिया थाना कटघर ने जमानत ली थी। इस मामले में जमानतियों की जांच की गई तो पता चला कि अमर सिंह और पूरन सिंह नाम का कोई भी व्यक्ति मूंढापांडे और भैंसिया गांव में नहीं रहते हैं। दोनों जमानतियों के नाम ग्राम की वोटर लिस्ट में भी दर्ज नहीं हैं।
जांच में सामने आया है कि नदीम व उसके पैरोकार ने फर्जी जमानत तस्दीक कराकर उसकी जमानत कराई थी। इस मामले में आरोपी नदीम, अमर सिंह, पूरन सिंह और नदीम के पैरोकार के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सदर कोतवाली प्रभारी अजय कुमार की ओर से दर्ज कराए गए केस में बताया गया है कि कटघर के गली नंबर आठ निवासी नदीम कटघर थाने का गैंगस्टर है। नदीम के खिलाफ मुगलपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसकी विवेचना कोतवाली प्रभारी द्वारा की गई थी। कटघर थाना में दर्ज नदीम के मुकदमे की जमानत 10 अक्तूबर 2017 को अदालत से स्वीकृत हुई थी, जिसमें अमर सिंह निवासी मूंढापांडे द्वारा जमानत ली गई थी। तस्दीक की गई तो अमर सिंह नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। इसके अलावा मूंढापांडे से जांच कराई तो पता चला कि जमानत पर मौजूद प्रपत्रों की तस्दीक रिपोर्ट एसआई टीपी सिंह द्वारा लगाई गई थी, जबकि इस नाम का कोई उपनिरीक्षक मूंढापांडे थाने में कभी तैनात ही नहीं रहा। थाने की मुहर भी फर्जी पाई गई थी। हैसियत रिपोर्ट लगाने वाले राजस्व निरीक्षक बाबूराम शर्मा ने भी इसे फर्जी बताया। इसके अलावा नागफनी थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में भी अमर सिंह और पूरन सिंह निवासी ग्राम भैंसिया थाना कटघर ने जमानत ली थी। इस मामले में जमानतियों की जांच की गई तो पता चला कि अमर सिंह और पूरन सिंह नाम का कोई भी व्यक्ति मूंढापांडे और भैंसिया गांव में नहीं रहते हैं। दोनों जमानतियों के नाम ग्राम की वोटर लिस्ट में भी दर्ज नहीं हैं।
विज्ञापन
जांच में सामने आया है कि नदीम व उसके पैरोकार ने फर्जी जमानत तस्दीक कराकर उसकी जमानत कराई थी। इस मामले में आरोपी नदीम, अमर सिंह, पूरन सिंह और नदीम के पैरोकार के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन