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रामपुर की संस्थाओं के बैंक खातों में मिली गड़बड़ी
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मुरादाबाद। अल्पसंख्यक विभाग के छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में रामपुर की संस्थाओं के बैंक खातों में गड़बड़ी मिली है। एसआईटी की टीम को मौके पर छात्र नहीं मिले और छात्रवृत्ति जारी कर दी गई। अभी रामपुर जिले के करीब 250 बैंक खातों की जांच हुई है। संस्था संचालकों के बयान दर्ज कर टीम वापस लखनऊ लौट गई है। एसआईटी के जांच अधिकारी ने बताया कि रामपुर की संस्थाओं में गड़बड़ी की गई, रामपुर अल्पसंख्यक विभाग की रिपोर्ट पर ही छात्रवृत्ति जारी की गई थी।
अल्पसंख्यक विभाग में हुए करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में लखनऊ एसआईटी की जांच कर रही है। जांच टीम ने मुरादाबाद सर्किट हाउस में संस्थाओं के द्वारा फर्जी बैंक खातों में भेजी गई छात्रवृत्ति के मामले में मुरादाबाद व रामपुर की संस्था संचालकों के बयान दर्ज किए। रामपुर की संस्थाओं के करीब 250 छात्रों की जांच की गई। जांच अधिकारी ने बताया कि रामपुर संस्थाओं में छात्रवृत्ति में गड़बड़ी गई। जांच में सामने आया कि संस्थाओं के पास छात्र ही नहीं है अथवा कम है। छात्रवृत्ति को ठिकाने लगाने के लिए गलत बैंक खातों की डिटेल दी गई। ये बैंक खाते छात्रों के नहीं थे, बल्कि आम उपभोक्ताओं के बैंक खाते थे। रामपुर में करीब 1300 बैंक खातों की जांच की जानी है। अन्य बैंक खातों की जांच जल्द पूरी की जाएगी। जांच में अभी तक रामपुर के सभी खाते गलत मिले हैं।
छात्रों के बैंक खाते होने से किया इंकार
जांच टीम के समक्ष पहुंचे रामपुर संस्थाओं के संचालकों ने बताया कि जिन बैंक खातों की जांच की जा रही है। वे उनकी संस्थाओं के छात्राेें के नहीं है। ये रकम यहां कैसी पहुंची, उनके छात्रों के नाम के आगे ये बैंक खाते कैसे जुड़े, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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टीम लौटी, जांच अभी शेष
मुरादाबाद अमरोहा गेट घास बैंक शाखा के करीब 1701 बैंक खातों की जांच होनी है। इनमें से 347 बैंक खाते मुरादाबाद जिले है शेष रामपुर जिले के हैं। रामपुर के कुछ बैंक खातों की जांच हुई है। शेष की जांच होनी बाकी है। टीम संचालकों के बयान दर्ज कर वापस लखनऊ लौट गई है। जांच पूरी करने के लिए टीम के दोबारा से जल्द वापस आने की संभावना है।
टीम वापस लौट गई है। जांच अभी चल रही है। जांच में रामपुर की संस्थाओं में गड़बड़ी सामने आ रही है। छात्र मौके पर नहीं मिले। ये पता लगाया जा रहा है कि पैसे किसकी स्वीकृति से जारी किए गए।
अजय कुमार सिंह, एसआईटी इंस्पेक्टर।
मार्च में जनधन योजना के खातों में भेजी गई गई थी करोड़ों की छात्रवृत्ति
मुरादाबाद। शहर के अमरोहा गेट घास मंडी स्थित बीओबी शाखा के जनधन खातों में करीब ढाई करोड़ की रकम मार्च 2019 में आई थी। अचानक 1701 बैंक खातों में धनराशि पहुंचने पर हड़कंप मच गया। पीएम मोदी द्वारा जनधन खातों में रकम भेजने की चर्चा जोरों पर रही थी। प्रारंभिक जांच के बाद धनराशि अल्पसंख्यक विभाग के छात्रों की मिली थी। रामपुर अल्पसंख्यक विभाग ने छात्रवृत्ति की रकम को वापस करने की भी डिमांड की थी।
पीएम मोदी ने पिछले कार्यकाल में भारी संख्या में आम लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए बैंकों में जनधन योजना के अंतर्गत खाते खुलवाए थे। मुरादाबाद शहर के अमरोहा गेट घास मंडी स्थित बीओबी की शाखा में जन धन योजना के अंतर्गत बैंक खाते खुले हुए हैं। लोकसभा चुनाव 2019 से पूर्व मार्च माह में बीओबी की इस बैंक शाखा के 1701 बैंक खातों में करीब ढाई करोड़ रुपये की रकम अचानक आ गई। इनमें से कुछ बैंक खातों में 10 हजार 700 तथा कुछ में पांच हजार 400 रुपये की रकम थी। अचानक आई रकम को देखकर खाता धारकों व बैंक अधिकारियों ने माना की ये रकम पीएम मोदी के द्वारा चुनाव से पूर्व जनधन योजना के बैंक खातों में भेजी है। इसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म रहा। इसके बाद हुई जांच में धनराशि अल्पसंख्यक विभाग की छात्रवृत्ति मिलने पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद अल्पसंख्यक विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया।
30 से 60 वर्ष की आयु के ग्राहकों के खातों में भेजी गई रकम
जन योजना के अंतर्गत सभी के शून्य बैलेंस पर बैंक खाते खोले गए थे। जिनके बैंक खातों में रकम आई थी, उनकी आयु 30 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक थी। इस उम्र के ग्राहकों के खातों में छात्रवृत्ति रकम आने पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद ही आनन फानन में जांच की गई।
बीओबी बैंक शाखा के जनधन योजना के बैंक खातों में रकम आई थी। ये छात्रवृत्ति रामपुर की संस्थाओं की है। जांच टीम मुरादाबाद की 50 संस्थाओं के 347 छात्रों की जांच कर क्लीन चिट दे चुकी है।
अंजना सिरोही, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मुरादाबाद।
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अल्पसंख्यक विभाग में हुए करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में लखनऊ एसआईटी की जांच कर रही है। जांच टीम ने मुरादाबाद सर्किट हाउस में संस्थाओं के द्वारा फर्जी बैंक खातों में भेजी गई छात्रवृत्ति के मामले में मुरादाबाद व रामपुर की संस्था संचालकों के बयान दर्ज किए। रामपुर की संस्थाओं के करीब 250 छात्रों की जांच की गई। जांच अधिकारी ने बताया कि रामपुर संस्थाओं में छात्रवृत्ति में गड़बड़ी गई। जांच में सामने आया कि संस्थाओं के पास छात्र ही नहीं है अथवा कम है। छात्रवृत्ति को ठिकाने लगाने के लिए गलत बैंक खातों की डिटेल दी गई। ये बैंक खाते छात्रों के नहीं थे, बल्कि आम उपभोक्ताओं के बैंक खाते थे। रामपुर में करीब 1300 बैंक खातों की जांच की जानी है। अन्य बैंक खातों की जांच जल्द पूरी की जाएगी। जांच में अभी तक रामपुर के सभी खाते गलत मिले हैं।
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छात्रों के बैंक खाते होने से किया इंकार
जांच टीम के समक्ष पहुंचे रामपुर संस्थाओं के संचालकों ने बताया कि जिन बैंक खातों की जांच की जा रही है। वे उनकी संस्थाओं के छात्राेें के नहीं है। ये रकम यहां कैसी पहुंची, उनके छात्रों के नाम के आगे ये बैंक खाते कैसे जुड़े, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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टीम लौटी, जांच अभी शेष
मुरादाबाद अमरोहा गेट घास बैंक शाखा के करीब 1701 बैंक खातों की जांच होनी है। इनमें से 347 बैंक खाते मुरादाबाद जिले है शेष रामपुर जिले के हैं। रामपुर के कुछ बैंक खातों की जांच हुई है। शेष की जांच होनी बाकी है। टीम संचालकों के बयान दर्ज कर वापस लखनऊ लौट गई है। जांच पूरी करने के लिए टीम के दोबारा से जल्द वापस आने की संभावना है।
टीम वापस लौट गई है। जांच अभी चल रही है। जांच में रामपुर की संस्थाओं में गड़बड़ी सामने आ रही है। छात्र मौके पर नहीं मिले। ये पता लगाया जा रहा है कि पैसे किसकी स्वीकृति से जारी किए गए।
अजय कुमार सिंह, एसआईटी इंस्पेक्टर।
मार्च में जनधन योजना के खातों में भेजी गई गई थी करोड़ों की छात्रवृत्ति
मुरादाबाद। शहर के अमरोहा गेट घास मंडी स्थित बीओबी शाखा के जनधन खातों में करीब ढाई करोड़ की रकम मार्च 2019 में आई थी। अचानक 1701 बैंक खातों में धनराशि पहुंचने पर हड़कंप मच गया। पीएम मोदी द्वारा जनधन खातों में रकम भेजने की चर्चा जोरों पर रही थी। प्रारंभिक जांच के बाद धनराशि अल्पसंख्यक विभाग के छात्रों की मिली थी। रामपुर अल्पसंख्यक विभाग ने छात्रवृत्ति की रकम को वापस करने की भी डिमांड की थी।
पीएम मोदी ने पिछले कार्यकाल में भारी संख्या में आम लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए बैंकों में जनधन योजना के अंतर्गत खाते खुलवाए थे। मुरादाबाद शहर के अमरोहा गेट घास मंडी स्थित बीओबी की शाखा में जन धन योजना के अंतर्गत बैंक खाते खुले हुए हैं। लोकसभा चुनाव 2019 से पूर्व मार्च माह में बीओबी की इस बैंक शाखा के 1701 बैंक खातों में करीब ढाई करोड़ रुपये की रकम अचानक आ गई। इनमें से कुछ बैंक खातों में 10 हजार 700 तथा कुछ में पांच हजार 400 रुपये की रकम थी। अचानक आई रकम को देखकर खाता धारकों व बैंक अधिकारियों ने माना की ये रकम पीएम मोदी के द्वारा चुनाव से पूर्व जनधन योजना के बैंक खातों में भेजी है। इसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म रहा। इसके बाद हुई जांच में धनराशि अल्पसंख्यक विभाग की छात्रवृत्ति मिलने पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद अल्पसंख्यक विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया।
30 से 60 वर्ष की आयु के ग्राहकों के खातों में भेजी गई रकम
जन योजना के अंतर्गत सभी के शून्य बैलेंस पर बैंक खाते खोले गए थे। जिनके बैंक खातों में रकम आई थी, उनकी आयु 30 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक थी। इस उम्र के ग्राहकों के खातों में छात्रवृत्ति रकम आने पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद ही आनन फानन में जांच की गई।
बीओबी बैंक शाखा के जनधन योजना के बैंक खातों में रकम आई थी। ये छात्रवृत्ति रामपुर की संस्थाओं की है। जांच टीम मुरादाबाद की 50 संस्थाओं के 347 छात्रों की जांच कर क्लीन चिट दे चुकी है।
अंजना सिरोही, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मुरादाबाद।