{"_id":"5ddedc188ebc3e54753692fd","slug":"four-teachers-suspened-city-news-mbd330800596","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जीवाड़ाः चार शिक्षकों पर गिरी गाज, बीएसए ने किया बर्खास्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जीवाड़ाः चार शिक्षकों पर गिरी गाज, बीएसए ने किया बर्खास्त
Thu, 28 Nov 2019 01:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2019 01:57 AM IST
विज्ञापन
सस्पेंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिषदीय स्कूलों में तैनात चार शिक्षकों पर बुधवार को गाज गिर गई है। चारों शिक्षकों पर डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 2004-2005 की बीएड की फर्जी अंक तालिका से नियुक्ति पाने का आरोप है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने चारों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नियुक्ति से लेकर अब तक जारी वेतन की रिकवरी की जाएगी।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करने वाले शिक्षकों की एसआईटी जांच चल रही है। एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद प्रदेश भर में शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। मुरादाबाद जिले में भी चार शिक्षकों पर गाज गिरी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि बेसिक शिक्षा सचिव की ओर से मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक द्वादश को मुरादाबाद जिले में चार शिक्षकों की तैनाती का जिक्र किया था। चारों पर आरोप था कि उन्होंने बीएड की फर्जी अंक तालिका बनाई थी।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि आरोपी शिक्षकों को अपना पक्ष एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने का समय दिया गया। कोई भी शिक्षक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। जिसके बाद चारों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। बीएसए ने बताया कि आरोपी शिक्षक सर्वेश कुमारी, मालती कुमारी, बादाम सिंह और विजय कुमारी हैं।
विज्ञापन
आरोपी शिक्षक छजलैट, बिलारी और मूंढ़पांडे ब्लाक के स्कूलों में कार्यरत हैं और इनकी नियुक्ति को अवैध ठहराया है। बीएसए ने कहा कि आरोपी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नियुक्ति से लेकर अब तक जारी वेतन की रिकवरी की जाएगी। बीएसए ने कहा कि सेवा समाप्ति के बाद यदि शिक्षक न्यायालय की शरण में जाते हैं तो विभागीय स्तर पर प्रभावी पैरवी की जाएगी।