विधानसभा चुनाव परिणाम आने के सात दिन बाद जिला कांग्रेस कमेटी एक्शन में आ गई है। सेवादल के प्रदेश महामंत्री सगीर सईद खां समेत चार कांग्रेस नेताओं का पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। इन कांग्रेस नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधि, पार्टी हाईकमान के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी और पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने का आरोप है।
विधानसभा चुनाव में पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर कई कांग्रेसी नेताओं ने बागी देवर दिखाए। कुछ नेताओं ने खुलकर तो कुछ ने पर्दे के पीछे रहकर अपना विरोध भी जताया। कुछ नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे और दूसरे दलों में शामिल भी हो गए, लेकिन जिला कमेटी या प्रदेश कमेटी को अपना इस्तीफा नहीं सौंपा था। इन आरोपों के आधार पर जिलाध्यक्ष असलम खुर्शीद ने कांग्रेस सेवादल के प्रदेश महामंत्री सगीर सईद खां, जन सूचना निवारण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शाकिर अली रायनी, कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नितिन शर्मा और पूर्व जिला सचिव राजेश पाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। राजेश पाल ने कांठ विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। पार्टी के जिलाध्यक्ष असलम खुर्शीद ने बताया कि चारों नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने, पार्टी हाईकमान के विरुद्ध अनर्गल बयानबाजी करने, पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ाए जाने, कांठ विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का आरोप था। इन चारों नेताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।