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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दूतावास को दिए आदेश - रवि के लिए तुरंत रेस्क्यू शुरू करो
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Wed, 24 May 2017 01:31 AM IST
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Mount Everest
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भारतीय दूतावास पर्वतारोही रवि कुमार की माउंट एवरेस्ट पर मौत की पुष्टि कर चुका है जबकि परिजन अभी भी इस दावे को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। माउंट एवरेस्ट पर 8400 मीटर की ऊंचाई पर एवरेस्ट बालकनी से लापता हुए रवि कुमार को खोजने के लिए अभी तक रेस्क्यू आपरेशन शुरू नहीं हो सका है।
हालांकि संबंधित कंपनी ने बालकनी एरिया में एक शव देखे जाने का दावा किया है। इस बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नेपाल स्थित भारतीय दूतावास को आदेश दिया है कि जितना भी पैसा और संसाधन लगें हर हाल में रवि को ढूंढकर लाना है।
जिसके बाद बेस कैंप पर 15 शेरपाओं की रेस्क्यू टीम तैयार की गई है, जो बुधवार सुबह से ऑपरेशन शुरू करेगी। अभी तक दूतावास के अफसर रेस्क्यू आपरेशन के लिए बीमा कंपनी की ओर से रकम मिलने का इंतजार कर रहे थे।
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शहर के मोहल्ला भोला सिंह की मिलक निवासी पर्वतारोही रवि कुमार शनिवार को माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के बाद लौटते वक्त एवरेस्ट के बालकनी एरिया से लापता हो गए थे। रविवार को नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने एवरेस्ट यात्रा पर भेजने वाली अरुण ट्रेक्स कंपनी के हवाले से रवि की मौत की पुष्टि कर दी थी।
कंपनी ने बालकनी एरिया में शव देखे जाने का दावा किया था लेकिन इस शव को लाने के लिए अभी तक रेस्क्यू आपरेशन शुरू नहीं हुआ है। माउंट एवरेस्ट यात्रा पर जाने से पहले भारतीय दूतावास ने रवि का 25 लाख रुपये का बीमा बजाज एलियांज कंपनी से कराया था।
दूतावास ने रेस्क्यू के लिए कंपनी से इस रकम की मांग की थी, लेकिन कंपनी ने यह रकम अभी तक नहीं दी है। इस बीच डीएम राकेश कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ ही इस प्रकरण की रिपोर्ट विदेश मंत्रालय को भी भेज दी थी।
रवि के परिजन भी रेस्क्यू शुरू नहीं होने से नाराज थे और उन्होंने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय विदेश मंत्रालय के उच्चाधिकारियों से बात की। मामला जानकारी में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस बारे में दिल्ली में बात की।
जिसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को भारतीय दूतावास को आदेश दिया है कि बीमा कंपनी से पैसा मिलने का इंतजार न कर अफसर तुरंत रेस्क्यू आपरेशन श्ुारू कराएं। विदेश मंत्री ने दूतावास को निर्देश दिए हैं जितना भी पैसा खर्च होगा उसे सरकार वहन करेगी लेकिन तुरंत रेस्क्यू कर हर हाल में बालकनी में पड़े उस शव को लेकर आना है।
विदेश मंत्री का आदेश मिलने के बाद हरकत में आए दूतावास ने 15 शेरपाओं की टीम गठित की है। यह टीम 5500 फुट की ऊंचाई पर स्थित बेस कैंप से बुधवार सुबह रेस्क्यू आपरेशन पर निकलेगी।
मनोज ने बताया कि कंपनी और नेपाल सरकार उनके भाई को खोजने में लापरवाही कर रही है। अभी तक उन्होंने उस बॉडी के बारे में भी कुछ नहीं बताया है जिसे देखने का कंपनी दावा कर रही थी। मनोज ने कहा कि कंपनी ने उसी बॉडी को आधार मानकर नेपाल स्थित भारतीय दूतावास को भी गुमराह किया और रवि की मौत की अफवाह फैला दी।
शाम को दिल्ली पहुंचने के बाद मनोज ने बताया कि उनकी मुलाकात मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी से हुई। अधिकारी ने नेपाल में भारतीय दूतावास को फोन मिलाया और रवि को खोजने के लिए हर संभव कोशिश करने को कहा। मनोज ने फोन पर बताया कि मंत्रालय के अधिकारी के फोन करने के बाद दूतावास से जवाब आया कि रवि को खोजने के लिए टीम बनाई जा रही है। टीम जल्दी सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना होगी।
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हालांकि संबंधित कंपनी ने बालकनी एरिया में एक शव देखे जाने का दावा किया है। इस बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नेपाल स्थित भारतीय दूतावास को आदेश दिया है कि जितना भी पैसा और संसाधन लगें हर हाल में रवि को ढूंढकर लाना है।
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जिसके बाद बेस कैंप पर 15 शेरपाओं की रेस्क्यू टीम तैयार की गई है, जो बुधवार सुबह से ऑपरेशन शुरू करेगी। अभी तक दूतावास के अफसर रेस्क्यू आपरेशन के लिए बीमा कंपनी की ओर से रकम मिलने का इंतजार कर रहे थे।
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शहर के मोहल्ला भोला सिंह की मिलक निवासी पर्वतारोही रवि कुमार शनिवार को माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के बाद लौटते वक्त एवरेस्ट के बालकनी एरिया से लापता हो गए थे। रविवार को नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने एवरेस्ट यात्रा पर भेजने वाली अरुण ट्रेक्स कंपनी के हवाले से रवि की मौत की पुष्टि कर दी थी।
कंपनी ने बालकनी एरिया में शव देखे जाने का दावा किया था लेकिन इस शव को लाने के लिए अभी तक रेस्क्यू आपरेशन शुरू नहीं हुआ है। माउंट एवरेस्ट यात्रा पर जाने से पहले भारतीय दूतावास ने रवि का 25 लाख रुपये का बीमा बजाज एलियांज कंपनी से कराया था।
दूतावास ने रेस्क्यू के लिए कंपनी से इस रकम की मांग की थी, लेकिन कंपनी ने यह रकम अभी तक नहीं दी है। इस बीच डीएम राकेश कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ ही इस प्रकरण की रिपोर्ट विदेश मंत्रालय को भी भेज दी थी।
रवि के परिजन भी रेस्क्यू शुरू नहीं होने से नाराज थे और उन्होंने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय विदेश मंत्रालय के उच्चाधिकारियों से बात की। मामला जानकारी में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस बारे में दिल्ली में बात की।
जिसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को भारतीय दूतावास को आदेश दिया है कि बीमा कंपनी से पैसा मिलने का इंतजार न कर अफसर तुरंत रेस्क्यू आपरेशन श्ुारू कराएं। विदेश मंत्री ने दूतावास को निर्देश दिए हैं जितना भी पैसा खर्च होगा उसे सरकार वहन करेगी लेकिन तुरंत रेस्क्यू कर हर हाल में बालकनी में पड़े उस शव को लेकर आना है।
विदेश मंत्री का आदेश मिलने के बाद हरकत में आए दूतावास ने 15 शेरपाओं की टीम गठित की है। यह टीम 5500 फुट की ऊंचाई पर स्थित बेस कैंप से बुधवार सुबह रेस्क्यू आपरेशन पर निकलेगी।
नेपाल सरकार और कंपनी नहीं कर रही मदद
दिल्ली जाने से पहले रवि के भाई मनोज कुमार ने कहा कि मंगलवार सुबह उन्हाेंने आयोजक कंपनी अरुण ट्रेक्स से बात की थी लेकिन उन्हाेंने अभी तक रेस्क्यू शुरू नहीं किया था। कंपनी ने बताया की उन्होंने अभी रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं किया है।मनोज ने बताया कि कंपनी और नेपाल सरकार उनके भाई को खोजने में लापरवाही कर रही है। अभी तक उन्होंने उस बॉडी के बारे में भी कुछ नहीं बताया है जिसे देखने का कंपनी दावा कर रही थी। मनोज ने कहा कि कंपनी ने उसी बॉडी को आधार मानकर नेपाल स्थित भारतीय दूतावास को भी गुमराह किया और रवि की मौत की अफवाह फैला दी।
शाम को दिल्ली पहुंचने के बाद मनोज ने बताया कि उनकी मुलाकात मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी से हुई। अधिकारी ने नेपाल में भारतीय दूतावास को फोन मिलाया और रवि को खोजने के लिए हर संभव कोशिश करने को कहा। मनोज ने फोन पर बताया कि मंत्रालय के अधिकारी के फोन करने के बाद दूतावास से जवाब आया कि रवि को खोजने के लिए टीम बनाई जा रही है। टीम जल्दी सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना होगी।