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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   For the first time, women RPF inspectors will be posted in Reasi-Baramulla in Kashmir.

Moradabad News: कश्मीर के रियासी-बारामूला में पहली बार तैनात होंगी आरपीएफ की महिला निरीक्षक

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 01:27 AM IST
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For the first time, women RPF inspectors will be posted in Reasi-Baramulla in Kashmir.
मुरादाबाद। कश्मीर घाटी के रियासी-बारामूला रेलखंड में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था के इतिहास में पहली बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक पूरी तरह पुरुष प्रधान रहे घाटी के इन आरपीएफ थानों और चौकियों की कमान अब महिला निरीक्षकों के हाथों में भी दिखाई देगी। उत्तर रेलवे ने रियासी से बारामूला तक 303 किमी के संवेदनशील रेलखंड पर महिला इंस्पेक्टरों की तैनाती का प्रस्ताव तैयार किया है।
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इस सूची में मुरादाबाद मंडल से तीन नाम विनीता, शिखा मलिक और अनु चौधरी शामिल हैं, जिन्हें घाटी में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यह फैसला कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि अब तक कश्मीर के इस रेल सेक्शन में महिलाओं की तैनाती नहीं की जाती थी। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह क्षेत्र की संवेदनशील सुरक्षा स्थिति और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां रही हैं। जम्मू-कश्मीर लंबे समय से आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्र रहा है, जहां रेलवे परियोजनाएं भी उच्च सुरक्षा निगरानी में संचालित होती हैं। रियासी-बारामूला रेलखंड, जो उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना का हिस्सा है, पहाड़ी और सुरंगों से भरा अत्यंत चुनौतीपूर्ण इलाका है। यहां तैनाती के लिए जवानों को कठिन मौसम, सीमित संसाधनों और लगातार सतर्कता की जरूरत होती है।
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वहीं आरपीएफ की एसओपी में भी स्पष्ट लिखा है कि इस इलाके में अधिकारी संवर्ग से नीचे पुरुष फोर्स ही तैनात की जाएगी। चूंकि निरीक्षक पद के लिए कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, इसलिए डीजी आरपीएफ सोनाली मिश्रा ने पहली बार महिला निरीक्षकों को तैनात करने के आदेश जारी किए हैं।
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महिला कर्मियों के लिए संसाधनों की कमी बड़ी वजह

घाटी में रेलवे और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर आतंकी खतरे को देखते हुए यहां तैनाती के लिए विशेष प्रशिक्षण और कठोर फील्ड ड्यूटी की जरूरत होती है। पहले रेलवे सुरक्षा बल में महिला कर्मियों की संख्या सीमित होने और उनके लिए आवश्यक सुविधाओं (आवास, अलग बैरक, सुरक्षा प्रबंधन) की कमी भी एक बाधा थी। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में हालात बदले हैं। सुरक्षा ढांचे में सुधार, आधुनिक तकनीक और महिला बल की बढ़ती भागीदारी ने यह रास्ता आसान किया है। भारतीय सुरक्षा बलों में भी महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है और उन्हें अब फील्ड कमांड तक जिम्मेदारी दी जा रही है। इसी बदलाव के तहत अब आरपीएफ ने कश्मीर में महिला इंस्पेक्टरों को कमान देने का निर्णय लिया है। हालांकि भौगोलिक कठिनाइयों और व्यक्तिगत परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित महिलाओं को कश्मीर न जाने का विकल्प भी दिया गया है। स्वास्थ्य या अन्य कारणों से स्थानांतरण रोका भी जा सकता है।

वर्जन



अब देश के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। हालांकि अब तक इस क्षेत्र में तैनाती क्यों नहीं हुई। इसके बारे में बोर्ड बताएगा। हमारे क्षेत्र से तीन महिलाओं के नाम सूची में शामिल हैं।

- मो. असलम, कमांडेंट आरपीएफ
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