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Moradabad News: मुरादाबाद क्लब पर 13 साल से डॉ. राज का राज, सालाना चुनाव गोल...वही सरताज

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 01:36 AM IST
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For 13 years, Dr. Dr. Club Raj's rule, Salmai election goal...the same Sartaj
मुरादाबाद। जिस क्लब का उद्देश्य सदस्य बने लोगों को काम के दबाव से मुक्त करके रिलेक्स करना था, वह आजकल शहर के तमाम लोगों के लिए तनाव दे रहा है। कारण क्लब में निर्वाचित टीम के प्रबंधन की व्यवस्था लगभग ध्वस्त हो गई है। करीब 13 साल से एक ही टीम के हाथ में कमान होने से माहौल से लोकतांत्रिकता गायब हो गई है। हर साल एजीएम (वार्षिक सामान्य सभा) की व्यवस्था भी ठप होने से खुले मंच पर प्रबंधन (निर्वाचित पदाधिकारियों) और सदस्यों का सीधा संवाद भी खत्म हो गया है।
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यहां बात हो रही है मुरादाबाद क्लब की, जिसका समृद्ध और उद्देश्यपूर्ण इतिहास है। अंग्रेजी हुकूमत के समय से हर बड़े शहर खासकर जिला मुख्यालयों पर शहर के नाम पर आधारित बड़े क्लब, लप्टन क्लब, कंपनी बाग जैसे परिसर विकसित किए गए थे। मकसद था उस दौर के अफसरों को दिनभर के काम के बाद रिचार्ज होने के लिए सुरक्षित परिसर में मनोरंजक माहौल उपलब्ध हो सके। फिटनेस के लिए वह इनडोर व आउटडोर खेल की गतिविधियों से जुड़ सकें। साथ ही अपने जैसे स्तर के लोगों के साथ खाते-पीते मन की बातें कर सकें। इस तरह के वातावरण में कुछ समय गुजार कर दिनभर के तनाव को खत्म किया जा सके।
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क्लब का अनुशासन और स्तरीय व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए क्लब का मुखिया पदेन डीएम या उस विभागाध्यक्ष को बनाया जाता था, जिस महकमे की संपत्ति पर क्लब तामीर हुआ हो। समय के साथ व्यवस्था में बदलाव हुआ तो फीस निर्धारित करके बड़े घरानों के लोगों को भी क्लब सदस्य बनने की छूट दे दी गई। क्लब संचालन के लिए सालाना साधारण सभा (एजीएम) के बीच सदस्यों की राय से अध्यक्ष छोड़ अन्य पदों पर चुनाव के नियम बने। यही निर्वाचित टीम अपने कार्यकाल में क्लब की व्यवस्थाओं का प्रबंधन, रखरखाव, सदस्यों से जुड़ा लेखा-जोखा, आय-व्यय का रिकॉर्ड संभालती है।
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मुरादाबाद क्लब में भी वर्षों से यही व्यवस्था चली आ रही है लेकिन अब हर साल की एजीएम और चुनाव की व्यवस्था काफी समय से ठप है। क्लब की मौजूदा कमेटी के पदाधिकारी ही बताते हैं कि वर्ष 2013-14 में आखिरी चुनाव हुआ था। इसी चुनाव में डॉ. एसके राज सचिव, अमरनाथ कपूर उपाध्यक्ष, आरएन अग्रवाल कोषाध्यक्ष बने थे। इन तीन समेत सात पदाधिकारी चुने गए थे। दीवार पर हर साल कैलेंडर बदले लेकिन इस कमेटी में कोई बदलाव नहीं हुआ। सालाना चुनाव न होने से करीब 13 साल से यही कमेटी काबिज है।



सदस्यों के पूछने पर पदाधिकारी मुरादाबाद क्लब प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मुकदमों को चुनाव न कराने की वजह बताते हैं लेकिन सदस्यों के बीच वह मुकदमा या आदेश सार्वजनिक नहीं करते, जिसके कारण चुनाव पर रोक लगी हो। यही बात सदस्यों को अखर रही है।



- मुरादाबाद क्लब से जुड़े कुछ लीगल मैटर हैं। पिछले कुछ समय में मजबूत पैरवी से कई केस का निस्तारण कराने में सफलता मिल गई है। कानपुर स्थित रजिस्ट्रार आफ कंपनीज से जुड़ा मामला भी है। जल्द सभी को क्लब के हित में निष्कर्ष तक पहुंचाने का प्रयास है। इसके बाद जल्द चुनाव कराए जाएंगे। - डॉ. एसके राज, सचिव, मुरादाबाद क्लब




- मुरादाबाद क्लब में चुनाव क्यों नहीं कराया जा रहा इस बारे में पूछताछ की जाएगी। यह भी मालूम किया जाएगा कि एनुअल जनरल मीटिंग के प्रावधान पालन न होने का क्या कारण है, शीघ्र चुनाव कराने की व्यवस्था के निर्देश देंगे। नियम-कानून का पालन हर स्तर पर जरूरी है। - अनुज सिंह, डीएम/पदेन अध्यक्ष मुरादाबाद क्लब
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