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Moradabad News: तेंदुओं के बढ़ते हमलों के बाद खेतों में काम करने के लिए किसान अपनी सुरक्षा स्वयं करने लगे, बंदेवाली मंडेया के किसानों ने मचान बनाकर की इसकी शुरुआत

Tue, 01 Sep 2026 02:30 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद Updated Tue, 01 Sep 2026 02:30 AM IST
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Following a rise in leopard attacks, farmers began taking measures to ensure their own safety while working in the fields; farmers in Bandewali Mandeya initiated this by constructing raised platforms (*machans*).
ठाकुरद्वारा। खेतों में काम करने वाले किसानों पर तेंदुओं के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस प्रशासन और वन विभाग उन्हें सुरक्षा देने के नाम पर जागरूक कर रहा है। उन्हें अकेले जंगल में न जाने की सलाह दे रहा है लेकिन उनकी सुरक्षा के ठोस कदम प्रशासन या वन विभाग ने नहीं उठाए हैं। खेती से उनके परिवार का पालन-पोषण होता है और अन्य काम भी होते हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन की सलाह को मानने से किसानों की खेती का काम सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। किसानों ने अब अपने स्तर से ही अपनी सुरक्षा स्वयं करने का प्लान बनाना शुरू कर दिया है। हालांकि किसान अब झुंड के रूप में डंडे लेकर खेतों में जा रहे हैं लेकिन गांव बंदे वाली मंडेया के किसानों ने खेतों में काम करते समय अपनी सुरक्षा का दूसरा प्लान बनाया है। इस प्लान में किस रात को भी खेत में काम कर करेंगे। इसके लिए जंगल के बीच में एक मचान बनाया गया है। जिस पर तीन-चार किसान मौजूद रहकर दूरबीन और टॉर्च से तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। कोई खतरा होने पर खेतों में काम करें लोगों को इसकी सूचना दी जाएगी। गांव के पूर्व प्रधान अनिल कुमार बिश्नोई ने बताया कि सभी किसानों के पास खेतों में काम करते समय डंडे भी रहेंगे। बीच-बीच में पटाखे भी छोड़े जाएंगे। सामूहिक रूप से किसान एक साथ अपने खेतों में काम करेंगे। कुछ किसान नीचे भी डंडे लेकर घूमते रहेंगे। उनका कहना है कि गांव में बार-बार तेंदुआ देखने के बाद भी प्रशासन या वन विभाग ने यहां पर ग्रामीण और किसानों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया है। उधर वन विभाग के रेंजर का कहना है कि तेंदुए की किसी भी गतिविधि की सूचना मिलने पर विभाग की टीम तुरंत वहां पहुंचती है।
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