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Moradabad News: उड़ान रद्द, अब 15 मार्च तक ट्रेनों का ही सहारा, वह भी लेट
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मुरादाबाद। मुरादाबाद से लखनऊ के बीच फ्लाइट का संचालन मंगलवार को भी नहीं हो पाया। लगातार कोहरे व धुंध के बीच कम दृश्यता के कारण फ्लाई बिग ने अब 15 मार्च तक सभी फ्लाइट रद्द कर दी हैं। अब यात्रियों के पास सिर्फ ट्रेनों का ही सहारा है, वह भी घंटों की देरी से चल रही हैं।
कोहरे में सड़क मार्ग से यात्रा करने में लोग असुरक्षित महसूस करते हैं। इसलिए रोडवेज की बसों में यात्रियों की संख्या घट गई है। रेलवे पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। स्पेशल ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाए गए हैं, लेकिन समय से संचालन न होने के कारण यात्रियों को लाभ नहीं मिल रहा है। फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों के सामने दोगुनी परेशानी खड़ी हो गई है।
फ्लाई बिग के एजीएम राजेश कुमार ने बताया कि कम दृश्यता के कारण लगातार पांच बार फ्लाइट आखिरी समय पर रद्द करनी पड़ी। ऐसे में अब चार माह तक कोई फ्लाइट नहीं संचालित करने का निर्णय लिया गया है। एयरपोर्ट पर तैनात स्टाफ को सूचना दे दी गई है। अधिकारी खुद भी दिल्ली लौट गए हैं।
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एजीएम ने बताया कि मुरादाबाद एयरपोर्ट पर पांच हजार मीटर की दृश्यता में विमान उतारने की गाइडलाइन है। हमने पायलटों की परीक्षा लेने के बाद 2000 मीटर दृश्यता में लैंडिंग की अनुमति शासन से मांगी है। मंगलवार को दृश्यता महज 1200 मीटर रही। ऐसे में 2000 मीटर की अनुमति मिलने के बाद भी लैंडिंग नहीं हो पाएगी। लिहाजा फ्लाइट के निरस्तीकरण का निर्णय लिया गया है। जिन यात्रियों ने टिकट बुक करा लिए थे, उन्हें रिफंड कर दिया गया है। कुछ यात्रियों ने मार्च में यात्रा करने का विकल्प भी चुना है। उन्हें फ्लाइट शुरू होने पर टिकट उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
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धुंध में विमान उतारने के लिए चाहिए आईएलएस
जानकारों का कहना है कि धुंध में विमान उतारने के लिए इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम यानी आईएलएस की जरूरत है। लखनऊ, दिल्ली आदि एयरपोर्ट पर यह लैंडिंग सिस्टम लगा है। मुरादाबाद में छोटा एयरपोर्ट होने के कारण अधिक खर्च की इस जरूरत को टाला जा रहा है। भविष्य में एयरपोर्ट का विस्तार होने पर रनवे पर आईएलएस लगाया जा सकता है। इससे 800 मीटर दृश्यता में भी विमान की लैंडिंग कराई जा सकेगी। फिलहाल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों से सहमतिपत्र लिए जा रहे हैं। करीब 400 किसान सहमति दे चुके हैं।
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कोहरे में सड़क मार्ग से यात्रा करने में लोग असुरक्षित महसूस करते हैं। इसलिए रोडवेज की बसों में यात्रियों की संख्या घट गई है। रेलवे पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। स्पेशल ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाए गए हैं, लेकिन समय से संचालन न होने के कारण यात्रियों को लाभ नहीं मिल रहा है। फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों के सामने दोगुनी परेशानी खड़ी हो गई है।
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फ्लाई बिग के एजीएम राजेश कुमार ने बताया कि कम दृश्यता के कारण लगातार पांच बार फ्लाइट आखिरी समय पर रद्द करनी पड़ी। ऐसे में अब चार माह तक कोई फ्लाइट नहीं संचालित करने का निर्णय लिया गया है। एयरपोर्ट पर तैनात स्टाफ को सूचना दे दी गई है। अधिकारी खुद भी दिल्ली लौट गए हैं।
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एजीएम ने बताया कि मुरादाबाद एयरपोर्ट पर पांच हजार मीटर की दृश्यता में विमान उतारने की गाइडलाइन है। हमने पायलटों की परीक्षा लेने के बाद 2000 मीटर दृश्यता में लैंडिंग की अनुमति शासन से मांगी है। मंगलवार को दृश्यता महज 1200 मीटर रही। ऐसे में 2000 मीटर की अनुमति मिलने के बाद भी लैंडिंग नहीं हो पाएगी। लिहाजा फ्लाइट के निरस्तीकरण का निर्णय लिया गया है। जिन यात्रियों ने टिकट बुक करा लिए थे, उन्हें रिफंड कर दिया गया है। कुछ यात्रियों ने मार्च में यात्रा करने का विकल्प भी चुना है। उन्हें फ्लाइट शुरू होने पर टिकट उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
धुंध में विमान उतारने के लिए चाहिए आईएलएस
जानकारों का कहना है कि धुंध में विमान उतारने के लिए इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम यानी आईएलएस की जरूरत है। लखनऊ, दिल्ली आदि एयरपोर्ट पर यह लैंडिंग सिस्टम लगा है। मुरादाबाद में छोटा एयरपोर्ट होने के कारण अधिक खर्च की इस जरूरत को टाला जा रहा है। भविष्य में एयरपोर्ट का विस्तार होने पर रनवे पर आईएलएस लगाया जा सकता है। इससे 800 मीटर दृश्यता में भी विमान की लैंडिंग कराई जा सकेगी। फिलहाल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों से सहमतिपत्र लिए जा रहे हैं। करीब 400 किसान सहमति दे चुके हैं।