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एक साल में कार्रवाई के लिए पांच पत्र, कार्रवाई शून्य
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मुरादाबाद। एनएचएम की धनराशि व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर करने के मामलों में अनियमितता उजागर होने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। इस मामले में कार्रवाई के लिए करीब एक साल में एनएचएम कार्यालय लखनऊ से पांच बार सीएमओ को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक नतीजा जीरो है। तीन दिसंबर को कार्रवाई के लिए छठवीं बार पत्र जारी किया गया है।
वर्ष 2018-19 में हुए ऑडिट में कांठ सीएचसी के तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक कांठ डॉ. मृणाल राठी, मूंढापांडे के चिकित्सा प्रभारी नरेंद्र कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक कांठ भगवान सिंह, ब्लाक लेखा प्रबंधक कांठ नरेंद्र कश्यप, फार्मासिस्ट मूंढापांडे सीएचसी कुलदीप कुमार, वार्ड ब्वाय मूंढापांडे दानवीर सिंह, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक ठाकुरद्वारा रामपाल सिंह, ब्लाक लेखा प्रबंधक ठाकुरद्वारा आशु गुप्ता द्वारा व्यक्तिगत खातों में 15.67 लाख रुपये ट्रांसफर करने का मामला सामने आया था। 15.67 लाख में से 5.66 लाख का ही ब्योरा प्रस्तुत कर सके। बाकी 9.92 लाख का ब्योरा नहीं दे पाए थे। एनएचएम डायरेक्टर अपर्णा उपाध्याय ने वित्तीय अनियमितता माना है। उन्होंने तीन दिसंबर को सीएमओ को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अनियमित भुगतान के लिए अप्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी चिह्नित कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। इससे पहले कार्रवाई के लिए सालभर में पांच बार और पत्र जारी हो चुका है। हालांकि जिलेस्तर पर कार्रवाई कर अभी तक एनएचएम डायरेक्टर को अवगत नहीं कराया गया।
इन तारीखों में आया एनएचएम कार्यालय से पत्र
- 27 अप्रैल 2020
- 27 मई 2020
- 29 सितंबर 2020
- 02 जनवरी 2021
- 05 मार्च 2021
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वर्ष 2018-19 में हुए ऑडिट में कांठ सीएचसी के तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक कांठ डॉ. मृणाल राठी, मूंढापांडे के चिकित्सा प्रभारी नरेंद्र कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक कांठ भगवान सिंह, ब्लाक लेखा प्रबंधक कांठ नरेंद्र कश्यप, फार्मासिस्ट मूंढापांडे सीएचसी कुलदीप कुमार, वार्ड ब्वाय मूंढापांडे दानवीर सिंह, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक ठाकुरद्वारा रामपाल सिंह, ब्लाक लेखा प्रबंधक ठाकुरद्वारा आशु गुप्ता द्वारा व्यक्तिगत खातों में 15.67 लाख रुपये ट्रांसफर करने का मामला सामने आया था। 15.67 लाख में से 5.66 लाख का ही ब्योरा प्रस्तुत कर सके। बाकी 9.92 लाख का ब्योरा नहीं दे पाए थे। एनएचएम डायरेक्टर अपर्णा उपाध्याय ने वित्तीय अनियमितता माना है। उन्होंने तीन दिसंबर को सीएमओ को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अनियमित भुगतान के लिए अप्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी चिह्नित कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। इससे पहले कार्रवाई के लिए सालभर में पांच बार और पत्र जारी हो चुका है। हालांकि जिलेस्तर पर कार्रवाई कर अभी तक एनएचएम डायरेक्टर को अवगत नहीं कराया गया।
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इन तारीखों में आया एनएचएम कार्यालय से पत्र
- 27 अप्रैल 2020
- 27 मई 2020
- 29 सितंबर 2020
- 02 जनवरी 2021
- 05 मार्च 2021