फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   first Rosa in Ramadan

खुदा की रजा को रखा रोजा

Wed, 08 Jun 2016 11:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Wed, 08 Jun 2016 11:06 AM IST
विज्ञापन
first Rosa in Ramadan
रमजान
माह-ए-रमजान का पहला रोजा मंगलवार को खत्म हो गया। खुशगवार मौसम में छोटे-बड़े सभी ने खुदा की रजा के लिए रोजा रखा। रोजे के हालत में जमकर इबादत भी की। शहर की मस्जिदें हर नमाज में रोजेदारों से भरी रहीं। नमाज के बाद मुल्क में अमनचैन कायम रहने के लिए हाथ उठाएं। आपसी भाईचारा कायम रहने के लिए दुआ मांगी गई।  
विज्ञापन

मंगलवार को सेहरी के बाद मुस्लिम इलाकों की रौनक देखने लायक थी।

मुगलपुरा, गलशहीद, रहमतनगर, चक्कर की मिलक, करूला, जिगर कालोनी आदि मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में सुबह फज्र की नमाज में रोजेदारों की भारी भीड़ जुटी। नमाज के बाद इन इलाकों में चहलपहल बढ़ गई। रमजान का पहला रोजा होने से युवाओं का उत्साह देखने लायक था। बच्चे भी खुश थे। जोहर की नमाज के दौरान शायद ही ऐसी कोई मस्जिद थी, जो रोजेदरों से भरी नहीं थी। ऐसे ही अस्र और मगरिब की नमाज में भी लोगों की भारी भीड़ रही।  
विज्ञापन


रोजा खोलने के साथ खुदा का शुक्र अदा किया
मुरादाबाद। मंगलवार तड़के 3.37 मिनट पर खना पीना बंद हो गया। इसके साथ ही रोजे की शुरुआत हो गई। मगरिब की अजान के पहले तक सभी तरह के चीजों पर खाने पीने की पाबंदी लगी रही। करीब पंद्रह घंटे तैंतालीस मिनट तक भूख और प्यास की शिद्दत को बर्दाश्त करने के बाद शाम सात बजकर चौदह मिनट पर मगरिब की अजान होने पर रोजेदारों ने रोजा खोला। बच्चे, युवा बुजुर्ग सभी ने साथ बैठ कर रोजा खोला और खुदा का शुक्र अदा किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हर सुन्नत का रखा खास ख्याल
मुरादाबाद। रोजे के दौरान लोगों ने एक-एक सुन्नतों का ख्याल रखा। मुस्लिम इलाकों में अस्र की नमाज के बाद दातुन की बड़ी डिमांड रही। छोटे बड़ों ने दातुन कर सुन्नत अदा की। इसके साथ ही रोजा खोलने में भी सुन्नत का ख्याल रखा गया। रोजेदारों ने खजूर से रोजा खोलकर पैगंबर-ए-इस्लाम की सुन्नत अदा की। 


नमाज-ए-तरावीह में भरी रही मस्जिदें
मुरादाबाद। इफ्तार करने के बाद रोजेदार नमाज-ए-तरावीह में जुट गए। रात में इशा की अजान होते ही मस्जिदों में रोजेदारों की चहलकदमी शुरू हो गई। अकीदतमंदों ने बड़े एहतिमाम के साथ कुरान सुना और बीस रकात नमाज अदा की। आखिर में अमन चैन की दुआ मांगी गई। साथ ही अल्लाह से रमजान के पूरे रोजे रखने की तौफीक भी मांगी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed