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Moradabad News: फर्म और फैक्टरियां 3000 से अधिक... एनओसी सिर्फ 1055 पर
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मुरादाबाद। अग्निशमन विभाग के मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण जिलेभर में संचालित तीन हजार से अधिक फर्म और फैक्टरियों में से सिर्फ 1055 इकाइयों के पास फायर एनओसी है। यानि करीब करीब दो हजार फर्म और फैक्ट्रियां बिना फायर एनओसी के ही चल रही हैं। हैरानी की बात यह है कि कई फर्म और फैक्टरियां घनी आबादी, संकरी गलियों और रिहायशी इलाकों में संचालित हो रही हैं।
शुक्रवार की रात बुधबाजार की कृष्णा कॉलोनी स्थित मोमबत्ती फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी। आग के कारण सैकड़ों लोगों की जिंदगी खतरे में पकड़ गई थी और फर्म मालिक के अलावा आस-पड़ोस के लोगों का लाखों रुपये का नुकसान हो गया। भीषण आग पर काबू पाने में दमकल विभाग को दस घंटे का समय लगा था। इस घटना ने शहर में औद्योगिक सुरक्षा की कमी और नियमों के उल्लंघन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
ऐसी ही कई फैक्टरी, फर्म शहर में अलग-अलग मोहल्लों में चल रही हैं। तीन हजार से अधिक प्रतिष्ठानों में से 1050 के पास फायर एनओसी है अन्य फर्म और फैक्टरी बिना फायर एनओसी के चल रही हैं। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इन फैक्ट्रियों में आग लगने की स्थिति में बचाव और निकासी के पर्याप्त उपाय नहीं हैं। असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने वाले श्रमिकों और आसपास रहने वाले लोगों की जान को भी खतरा बना हुआ है। इन फर्म और फैक्ट्रियों में ज्वलनशील पदार्थ होते हैं। तंग गली होने के कारण इन फर्मों तक फायर गाड़ियां भी नहीं पहुंच पाएंगी।
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जिले में 1055 के पास फायर एनओसी है। 500 वर्ग मीटर के ऊपर की फर्म, फैक्टरी या अन्य प्रतिष्ठान के लिए फायर एनओसी जरूरी है। प्रतिष्ठान तंग गली, आबादी क्षेत्र में नहीं होना चाहिए। -डॉ. राजीव कुमार पांडेय, सीएफओ
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शुक्रवार की रात बुधबाजार की कृष्णा कॉलोनी स्थित मोमबत्ती फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी। आग के कारण सैकड़ों लोगों की जिंदगी खतरे में पकड़ गई थी और फर्म मालिक के अलावा आस-पड़ोस के लोगों का लाखों रुपये का नुकसान हो गया। भीषण आग पर काबू पाने में दमकल विभाग को दस घंटे का समय लगा था। इस घटना ने शहर में औद्योगिक सुरक्षा की कमी और नियमों के उल्लंघन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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ऐसी ही कई फैक्टरी, फर्म शहर में अलग-अलग मोहल्लों में चल रही हैं। तीन हजार से अधिक प्रतिष्ठानों में से 1050 के पास फायर एनओसी है अन्य फर्म और फैक्टरी बिना फायर एनओसी के चल रही हैं। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इन फैक्ट्रियों में आग लगने की स्थिति में बचाव और निकासी के पर्याप्त उपाय नहीं हैं। असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने वाले श्रमिकों और आसपास रहने वाले लोगों की जान को भी खतरा बना हुआ है। इन फर्म और फैक्ट्रियों में ज्वलनशील पदार्थ होते हैं। तंग गली होने के कारण इन फर्मों तक फायर गाड़ियां भी नहीं पहुंच पाएंगी।
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जिले में 1055 के पास फायर एनओसी है। 500 वर्ग मीटर के ऊपर की फर्म, फैक्टरी या अन्य प्रतिष्ठान के लिए फायर एनओसी जरूरी है। प्रतिष्ठान तंग गली, आबादी क्षेत्र में नहीं होना चाहिए। -डॉ. राजीव कुमार पांडेय, सीएफओ