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Moradabad News: कचहरी में हुई थी पिता की हत्या, अब बेटी बनी डीएसपी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 03 Sep 2024 07:28 AM IST
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Father was murdered in the court, now daughter becomes DSP
मुरादाबाद। डिलारी की ब्लॉक प्रमुख पूनम सिंह की बेटी आयुषी सिंह डीएसपी बन गईं। करीब नौ साल पहले आयुषी के पिता पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा की कचहरी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, तब आयुषी कक्षा 11 की छात्रा थीं। उनके पिता का सपना था कि बेटी पुलिस अफसर बने। आयुषी ने दिन-रात कड़ी मेहनत की और पिता के सपने को पूरा किया। पासिंग आउट परेड के बाद वह पिता को याद कर भावुक हो गईं।
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भोजपुर क्षेत्र के हुमायूंपुर गांव निवासी पूनम सिंह डिलारी ब्लॉक की प्रमुख हैं। वह परिवार के साथ शहर की आशियाना कॉलोनी में रहती हैं। पूनम सिंह के पति भी ब्लॉक प्रमुख थे। सिविल लाइंस क्षेत्र में चार मार्च 2013 को हिंदू कॉलेज के छात्र नेता रिंकू चौधरी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तत्कालीन डिलारी ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा को नामजद किया गया था।
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उन्होंने 20 जनवरी 2014 को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। 23 फरवरी 2015 को जेल से कोर्ट में पेश किया गया था। इसी दौरान कचहरी में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। उस वक्त आयुषी सिंह पढ़ाई कर रही थीं। पति की हत्या के बाद पूनम सिंह ने हार नहीं मानी और अपनी बेटी आयुषी सिंह और बेटे आदित्य सिंह की पढ़ाई में कोई कमी नहीं रखी।
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आयुषी सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद पॉलिटिकल साइंस से स्नातकोत्तर किया। दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी की और यूपीपीएससी की परीक्षा पास कर पीपीएस अफसर बनीं। आयुषी को ट्रेनिंग के लिए डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी भेजा गया था। आयुषी ने आउटडोर और इंडोर में अच्छे अंक हासिल किए। वह अपनी टोली की कमांडेंट चुनी गईं। आयुषी को बुलंदशहर में तैनाती दी गई है।

पासिंग आउट परेड के बाद आयुषी मैदान से बाहर आईं तो मां ने उन्हें गले लगा लिया। बेटी ने भी अपनी कैप मां को पहना दी। आयुषी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अपराधियों को सजा दिलाना और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना रहेगी। वह जहां भी तैनात रहेंगी, वहां ऐसा माहौल बनाएंगी कि पीड़ित बेझिझक अपनी बात पुलिस को बताएं। आयुषी का कहना है कि आईपीएस बनने के लिए वह आगे भी तैयारी जारी रखेंगी।
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