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आदमपुर पुलिस की करतूत! जबरन कबूल कराई थी बेटी की हत्या, सजा काटकर छूटे पिता की आंखों से छलके आंसू
Tue, 15 Dec 2020 03:11 PM IST
प्राची प्रियम
संवाद न्यूज एजेंसी, ढबारसी (अमरोहा)
संवाद न्यूज एजेंसी, ढबारसी (अमरोहा)
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 15 Dec 2020 03:11 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
ऑनर किलिंग के झूठे मुकदमे में 12 माह की जेल काटकर जमानत पर छूटे पिता ने आदमपुर पुलिस की करतूत का खुलासा किया है। इस दौरान जिंदा बेटी की हत्या के आरोप में फंसे निर्दोष किसान पिता के आंसू छलक आए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बेटी की हत्या कबूल कराने के लिए तीन दिन तक थर्ड डिग्री दी।
पेट्रोल छिड़ककर शरीर को जलाया और करंट के झटके दिए। गर्भवती पुत्रवधू और अन्य परिजनों को बुरी तरह पीटा था। इतना हीं नहीं, पुलिस घर से 50 हजार रुपये सहित दो लाख के सोने-चांदी के जेवरात भी लूट ले गई थी। जिन कपड़ों को पुलिस ने झाड़ी से बरामद दिखाया था, उन्हें घर से लेकर गई थी।
परिवार के अन्य सदस्यों के अनुसार बेटी के जिंदा मिलने के पांच महीने बाद जमानत मिली है, पर पिता अभी तक अपराध मुक्त नहीं हुए है। यह पूरा मामला आदमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। छह फरवरी 2019 को किसान की 15 वर्षीय बेटी खेत से अचानक गायब हो गई थी।
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10 फरवरी को किशोरी के भाई ने पांच लोगों के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बावजूद इसके किशोरी की बरामदगी नहीं हो सकी थी। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा कर रहे थे।
उन्होंने जेल भेजे गए दोनों नामजद आरोपियों को निर्दोष बताते हुए रिहा करा दिया था। लेकिन, बाद में पुलिस ने बड़ा कारनामा कर डाला। 28 दिसंबर 2019 को किशोरी के किसान पिता, भाई और एक रिश्तेदार को ऑनर किलिग में जेल भेज दिया ।
पुलिस ने दावा किया था कि परिवार ने बेटी के गलत संगत में पड़ने व गांव में बेइज्जती के डर से उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और शव गंगा में बहा दिया। पुलिस की झूठी स्क्रिप्ट में बेटी को दो गोली मारना दर्शाया गया, जबकि किशोरी के कपड़े जंगल में झाड़ी से और तमंचा घर में संदूक से बरामद दिखाया गया था।
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पेट्रोल छिड़ककर शरीर को जलाया और करंट के झटके दिए। गर्भवती पुत्रवधू और अन्य परिजनों को बुरी तरह पीटा था। इतना हीं नहीं, पुलिस घर से 50 हजार रुपये सहित दो लाख के सोने-चांदी के जेवरात भी लूट ले गई थी। जिन कपड़ों को पुलिस ने झाड़ी से बरामद दिखाया था, उन्हें घर से लेकर गई थी।
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परिवार के अन्य सदस्यों के अनुसार बेटी के जिंदा मिलने के पांच महीने बाद जमानत मिली है, पर पिता अभी तक अपराध मुक्त नहीं हुए है। यह पूरा मामला आदमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। छह फरवरी 2019 को किसान की 15 वर्षीय बेटी खेत से अचानक गायब हो गई थी।
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10 फरवरी को किशोरी के भाई ने पांच लोगों के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बावजूद इसके किशोरी की बरामदगी नहीं हो सकी थी। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा कर रहे थे।
उन्होंने जेल भेजे गए दोनों नामजद आरोपियों को निर्दोष बताते हुए रिहा करा दिया था। लेकिन, बाद में पुलिस ने बड़ा कारनामा कर डाला। 28 दिसंबर 2019 को किशोरी के किसान पिता, भाई और एक रिश्तेदार को ऑनर किलिग में जेल भेज दिया ।
पुलिस ने दावा किया था कि परिवार ने बेटी के गलत संगत में पड़ने व गांव में बेइज्जती के डर से उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और शव गंगा में बहा दिया। पुलिस की झूठी स्क्रिप्ट में बेटी को दो गोली मारना दर्शाया गया, जबकि किशोरी के कपड़े जंगल में झाड़ी से और तमंचा घर में संदूक से बरामद दिखाया गया था।
पुलिस ने शव बरामद किए बिना ही पिता-भाई और एक रिश्तेदार को मुजरिम करार दे दिया था। 7 अगस्त 2020 को किशोरी के जीवित मिलने से षड्यंत्रकारी पुलिस की झूठी स्क्रिप्ट से पर्दा उठ गया। किशोरी अपने गांव से कुछ किलोमीटर दूर प्रेमी के घर में बरामद हो गई।
उसके पास एक बेटा था और वह गर्भवती थी। इस मामले में कई दिनों तक जिला न्यायालय में सुनवाई चली। किशोरी ने परिजनों के साथ घर जाने से इनकार कर दिया था। बाल कल्याण समिति ने उसे नारी निकेतन मुरादाबाद भेज दिया था।
बाद में पुलिस ने उसके प्रेमी को भी अपहरण और दुष्कर्म की धाराओं में जेल भेज दिया। पुलिस द्वारा मृत दर्शाई गई किशोरी के सकुशल बरामद होने के पांच महीने बाद भी निर्दोष पिता-भाई और रिश्तेदार जेल में बंद थे। शनिवार को पिता को जमानत मिलने के बाद वह घर पहुंचे, जबकि उनके बेटे की जमानत महीने भर पहले हो चुकी है।
उसके पास एक बेटा था और वह गर्भवती थी। इस मामले में कई दिनों तक जिला न्यायालय में सुनवाई चली। किशोरी ने परिजनों के साथ घर जाने से इनकार कर दिया था। बाल कल्याण समिति ने उसे नारी निकेतन मुरादाबाद भेज दिया था।
बाद में पुलिस ने उसके प्रेमी को भी अपहरण और दुष्कर्म की धाराओं में जेल भेज दिया। पुलिस द्वारा मृत दर्शाई गई किशोरी के सकुशल बरामद होने के पांच महीने बाद भी निर्दोष पिता-भाई और रिश्तेदार जेल में बंद थे। शनिवार को पिता को जमानत मिलने के बाद वह घर पहुंचे, जबकि उनके बेटे की जमानत महीने भर पहले हो चुकी है।