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Moradabad News: दूसरे दिन भी गन्ना उपायुक्त कार्यालय पर डटे रहे किसान
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मुरादाबाद। भाकिूय असली के कार्यकर्ता शुक्रवार को दूसरे दिन भी विभिन्न मांगों को लेकर गन्ना उपायुक्त के कार्यालय के सामने धरने पर बैठे रहे। इस दौरान गन्ना उपायुक्त हरपाल सिंह ने कई बार किसानों से वार्ता की, लेकिन किसान धरना खत्म करने को तैयार नहीं हुए।
किसानों का आरोप है कि वह पिछले 25 वर्षों से असमोली की चीनी मिल को ही गन्ना की आपूर्ति करते आ रहे हैं। पिछले वर्ष बिना किसी प्रस्ताव के उनकी चीनी मिल असमोली से बदलकर करीमगंज कर दी गई थी। किसानों ने करीमगंज जाकर गन्ना बेचा था, लेकिन अब तक उनका पिछले वर्ष का भुगतान पूरा नहीं हो पाया है। इस बार फिर से सभी की चीनी मिल करीमगंज के केंद्र में आवंटित की गई है।
सभी किसानों ने निर्णय लिया है कि इस बार वह असमोली की चीनी मिल को ही गन्ना देंगे। इसलिए आवंटन में संशोधन होना चाहिए, ताकि किसानों को समय से भुगतान हो सके। यूनियन के पश्चिमी यूपी प्रभारी संजीव गांधी ने कहा कि भदरौला से असमोली की दूरी 13 किलोमीटर है, जबकि करीमगंज की दूरी 70 से 80 किलोमीटर है। इसलिए किसानों की मांग पर चीनी मिल के आवंटन में संशोधन होना चाहिए।
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बृहस्पतिवार को किसानों ने धरना शुरू किया था और पूरी रात गन्ना उपायुक्त कार्यालय पर धरना पर बैठे रहे। शुक्रवार को गन्ना उपायुक्त हरपाल सिंह ने डेढ़ घंटे तक वार्ता की और दस दिनों का समय मांगा, लेकिन किसानों को गन्ना उपायुक्त की बातों पर विश्वास नहीं हुआ। किसानों के नहीं मानने पर शाम में फिर गन्ना उपायुक्त ने वार्ता की और एक सप्ताह का समय मांगा, लेकिन किसान अपनी मांग फौरन मनवाने के लिए अड़े रहे।
किसानों का कहना है कि उन्होंने गन्ना उपायुक्त को एक सप्ताह का समय दिया है, लेकिन इस एक सप्ताह तक उनका धरना जारी रहेगा। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाएंगी, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। धरना देने वालों में समरपाल सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सचिन, अमरपाल सिंह, रावेंद्र सिंह, शीशपाल सिंह और लेखराज आदि मौजूद रहे।
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किसानों का आरोप है कि वह पिछले 25 वर्षों से असमोली की चीनी मिल को ही गन्ना की आपूर्ति करते आ रहे हैं। पिछले वर्ष बिना किसी प्रस्ताव के उनकी चीनी मिल असमोली से बदलकर करीमगंज कर दी गई थी। किसानों ने करीमगंज जाकर गन्ना बेचा था, लेकिन अब तक उनका पिछले वर्ष का भुगतान पूरा नहीं हो पाया है। इस बार फिर से सभी की चीनी मिल करीमगंज के केंद्र में आवंटित की गई है।
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सभी किसानों ने निर्णय लिया है कि इस बार वह असमोली की चीनी मिल को ही गन्ना देंगे। इसलिए आवंटन में संशोधन होना चाहिए, ताकि किसानों को समय से भुगतान हो सके। यूनियन के पश्चिमी यूपी प्रभारी संजीव गांधी ने कहा कि भदरौला से असमोली की दूरी 13 किलोमीटर है, जबकि करीमगंज की दूरी 70 से 80 किलोमीटर है। इसलिए किसानों की मांग पर चीनी मिल के आवंटन में संशोधन होना चाहिए।
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बृहस्पतिवार को किसानों ने धरना शुरू किया था और पूरी रात गन्ना उपायुक्त कार्यालय पर धरना पर बैठे रहे। शुक्रवार को गन्ना उपायुक्त हरपाल सिंह ने डेढ़ घंटे तक वार्ता की और दस दिनों का समय मांगा, लेकिन किसानों को गन्ना उपायुक्त की बातों पर विश्वास नहीं हुआ। किसानों के नहीं मानने पर शाम में फिर गन्ना उपायुक्त ने वार्ता की और एक सप्ताह का समय मांगा, लेकिन किसान अपनी मांग फौरन मनवाने के लिए अड़े रहे।
किसानों का कहना है कि उन्होंने गन्ना उपायुक्त को एक सप्ताह का समय दिया है, लेकिन इस एक सप्ताह तक उनका धरना जारी रहेगा। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाएंगी, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। धरना देने वालों में समरपाल सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सचिन, अमरपाल सिंह, रावेंद्र सिंह, शीशपाल सिंह और लेखराज आदि मौजूद रहे।